यूपी के मैनपुरी लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने सपा नेता अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के खिलाफ रघुराज सिंह शाक्य को उम्मीदवार बनाया है। मैनपुरी सीट सपा के पूर्व अध्यक्ष व यूपी के सीएम रहे मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद खाली हुई है। पहले ऐसा माना जा रहा था कि मुलायम सिंह के सम्मान में भाजपा इस सीट से अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। मगर आखिरी वक्त में भाजपा ने रघुराज सिंह शाक्य को उम्मीदवार बनाया है।
यूपी के अलावा राजस्थान, बिहार और छत्तीसगढ़ की कई विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भी भाजपा ने अपने प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं। राजस्थान के सरदार शहर विधानसभा सीट से भाजपा ने अशोककुमार पिंचा, बिहार के कुरहानी विधानसभा सीट से केदार प्रसाद गुप्ता, छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर (एसटी) विधानसभा सीट से ब्रह्मानंद नेताम को प्रत्याशी बनाया है। वहीं यूपी की खतौली विधानसभा सीट से राजकुमारी सैनी व रामपुर से आकाश सक्सेना को प्रत्याशी बनाया है। यूपी की रामपुर विधानसभा सीट हाल ही में सपा के नेता आजम खान को भड़काऊ भाषण मामले में कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने के चलते खाली हुई है।
मैनपुरी लोकसभा सीट पर निगाहें
भाजपा ने मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव समेत अन्य राज्यों के विधानसभा उपचुनावों के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। मगर पूरे देश की निगाह मैनपुरी लोकसभा सीट पर है, जहां से अखिलेश यादव की पत्नी अपने ससुर मुलायम सिंह यादव की सीट पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा ने यहां से रघुराज सिंह शाक्य को खास रणनीति के तहत उतारा है। आइए आपको बताते हैं कि रघुराज सिंह शाक्य हैं कौन?
रघुराज सिंह शाक्य की प्रोफाइल
रघुराज सिंह शाक्य मुलाय सिंह के भाई शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। वहीं इससे पहले वह 1999 और 2004 में समाजवादी पार्टी की टिकट पर इटावा के सदर सीट से सांसद रह चुके हैं। साथ ही 2012 में इटावा के सदर से विधायक रह चुके हैं। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले सपा में फूट पड़ने के बाद वह शिवपाल यादव के साथ हो लिए थे, क्योंकि रघुराज सिंह शाक्य उनके काफी करीबी थे। मगर यूपी इलेक्शन 2022 में वह भाजपा में शामिल हो गए। शाक्य मूल रूप से इटावा के निवासी हैं। उनके पिता रामसिंह शाक्य भी पूर्व सांसद रह चुके हैं।







