ये हैं भगवान बिरसा मुंडा के वंशज, राष्ट्रपति ने उलिहातू में की मुलाकात. ‘जनजातीय गौरव दिवस’ पर भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 15 नवंबर को झारखंड पहुंचीं. बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात की. यहां से हेलीकॉप्टर से रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचीं और वहां से मध्यप्रदेश के लिए रवाना हो गयीं.
ये हैं भगवान बिरसा मुंडा के वंशज, राष्ट्रपति ने उलिहातू में की मुलाकात
भगवान बिरसा मुंडा के वंशजों से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके पैतृक गांव उलिहातू में मुलाकात की. राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी मौजूद थे. यहां से राष्ट्रपति रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचीं. यहां से वायुसेना के विशेष विमान से मध्यप्रदेश के लिए रवाना हो गयीं.
उलिहातू से रांची के लिए रवाना हुईं राष्ट्रपति, बिरसा के घर उमड़ा हुजूम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उलिहातू में भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देने और उनके परिजनों से मुलाकात करने के बाद रांची के लिए रवाना हो गयीं हैं. राष्ट्रपति के रांची रवाना होने के बाद बिरसा मुंडा के आवास पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. सभी लोग धरती आबा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचे हैं.
बिरसा मुंडा के परिजनों से मिलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज भगवान बिरसा मुंडा के वंशजों से उनके गांव उलिहातू जाकर मुलाकात की. इस दौरान महामहिम के साथ झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य की महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री जोबा मांझी ने भी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उनकी जन्मस्थली उलिहातू, खूंटी में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
झारखंड से राष्ट्रपति का रिश्ता पुराना
बता दें कि द्रौपदी मुर्मू ने झारखंड की पहली महिला राज्यपाल के रूप में 18 मई 2015 को शपथ ली थी और करीब 6 साल तक इस पद पर रहीं. मुर्मू की पहल से ही राज्य के विश्वविद्यालयों में नौ जनजातीय व क्षेत्रीय भाषाओं के लिए अलग-अलग विभाग बने. राष्ट्रपति बनने के बाद यह मुर्मू का झारखंड का पहला दौरा है.







