पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मार्च के दौरान संतरागाछी जाने की कोशिश करते समय सोमवार को हिरासत में ले लिया गया। भाजपा के नेता एवं सांसद लॉकेट चटर्जी और पार्टी नेता राहुल सिन्हा को भी हिरासत में लिया गया और उन्हें एक जेल वैन से ले जाया गया। उन्हें सचिवालय के पास ‘सेकंड हुगली ब्रिज’ के नजदीक पुलिस प्रशिक्षण स्कूल के सामने रोका गया। राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘नबान्न अभियान’ में हिस्सा लेने के लिए राज्य भर से भाजपा समर्थक मंगलवार सुबह कोलकाता और पड़ोसी हावड़ा पहुंचना शुरू हो गए थे।
शुभेंदु अधिकारी का मार्च को लेकर बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा कि ये शांतिपूर्ण आंदोलन है। ये भ्रष्टाचार और बेरोजगारी का मुद्दा है। बंगाल की जनता ममता के साथ नहीं है, इसलिए वह बंगाल में उत्तर कोरिया की तरह तानाशाही कर रही हैं। इसके बाद कोलकाता में राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा का ‘नबान्न चलो’ अभियान में हिस्सा ले रहे राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को पुलिस ने हिरासत में लिया।
कूचबिहार में बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ था हंगामा
इससे पहले पश्चिम बंगाल के कूचबिहार के सीतलकुची में बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा की खबर सामने आई थी। बीजेपी के विरोध के दौरान कई देसी बम ब्लास्ट हुए थे। इस घटना में बीजेपी के 2 कार्यकर्ता भी घायल हो गए थे। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इस घटना पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुकुमार राय ने कहा था कि हमने सीतलकुची के कूचबिहार में एक विशाल विरोध रैली (कथित रूप से विभिन्न घोटालों में शामिल टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी के लिए) की, जिसके दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पथराव किया और बाद में बम फेंकना शुरू कर दिया। राय ने कहा कि इस घटना में भाजपा के 2 कार्यकर्ता भी घायल हो गए हैं।
वहीं इस घटना पर टीएमसी ने भी बीजेपी पर पलटवार किया था। टीएमसी सांसद शांतनु सेन ने कहा कि ये केवल एक बहाना है। उनकी रैलियों में लोग नहीं हैं इसलिए ये सब लाइमलाइट में रहने का आरोप लगा रहे हैं। टीएमसी को बीजेपी की रैली पर हमला करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह खुद एक आत्मघाती पार्टी हैं। टीएमसी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हम उकसाने का काम नहीं करते हैं, वो लोग करते हैं।





