मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सूबे में विधि व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं है। सभी थानों में लैंडलाइन फोन को फंक्शनल रखा जाये। मुख्यमंत्री शनिवार को १ अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में विधि व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंभीर आपराधिक घटनाओं पर की गई कार्रवाई के संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक‚ मुख्यालय प्रेस को प्रतिदिन अवगत कराएं। सोशल मीडिया पर भी इसके संबंध में जानकारी दें। घटना की पूरी जानकारी‚ उस पर की जा रही कार्रवाई‚ घटना के विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दें ताकि लोगों को सही जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी थानों में लैंडलाइन फोन फंक्शनल रहे‚ इसके लिए मुख्यालय स्तर से निरंतर अनुश्रवण करते रहें। अपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाएं और इसे समय पर पूरा करें ताकि दोषियों पर जल्द कार्रवाई हो सके। गश्ती व्यवस्था को और सुदृढ करें। इसकी निरंतर निगरानी भी करते रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन से संबंधित आपसी विवादों को खत्म करने के लिए महीने में एक बार जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक‚१५ दिनों में एक बार एसडीओ और एसडीपीओ तथा सप्ताह में एक दिन अंचलाधिकारी बैठक करें। थानाध्यक्ष की नियमित रूप से होने वाली बैठकों में समस्याओं का त्वरित निष्पादन करें। सीएम ने कहा कि ६० प्रतिशत से अधिक हत्याएं भूमि विवाद के कारण होती हैं। इसलिए लैंड सर्वे एंड सेटलमेंट का काम तेजी से हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय मानक के अनुरूप प्रति एक लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों के स्वीकृत पदों की संख्या में बढतरी करने के लिए तेजी से काम करें। उन्होंने कहा कि स्पीडी ट्रायल में तेजी लायर जाए। समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल ने मुख्यमंत्री को अपराध नियंत्रण को लेकर किए जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ लगातार काम कर रही है। अपराध अनुसंधान के काम भी तेजी से किए जा रहे हैं ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक‚ मुख्यालय जेएस गंगवार‚अपर पुलिस महानिदेशक सीआईडी जितेन्द्र कुमार एवं अपर पुलिस महानिदेशक विधि व्यवस्था संजय सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से गश्ती वाहन‚पैदल गश्ती‚स्पीडी ट्रायल में तेजी‚ भूमि विवाद निपटारा‚ कब्रिस्तान की घेराबंदी और सभी थानों में लैंडलाइन फोन के फंक्शनल होने और साइबर अपराध की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में पुलिस महानिदेशक‚ मुख्यालय जेएस गंगवार ने बताया कि पुलिस बल में महिलाओं को आरक्षण दिए जाने के बाद राज्य में महिला पुलिस और महिला दारोगा की संख्या लगातार बढ रही है और उनकी पदस्थापना पुलिस थानों में की जा रही है। इसकी सराहना राज्य के बाहर भी हो रही है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के स्वीकृत पदों की संख्या में बढोतरी के बाद प्रति लाख की आबादी पर पुलिसकर्मियों की संख्या १९२ हो जाएगी जबकि राष्ट्रीय मानक १९३.९५ है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार‚ मुख्य सचिव आमिर सुबहानी‚ पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल‚ अपर मुख्य सचिव गृह चैतन्य प्रसाद‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह अपर मुख्य सचिव वित्त डॉ. एस सिद्धार्थ‚ सचिव गृह जितेंद्र श्रीवास्तव‚ मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार‚ अपर पुलिस महानिदेशक विशेष शाखा सुनील कुमार‚ अपर पुलिस महानिदेशक सीआईडी जितेंद्र कुमार और अपर पुलिस महानिदेशक विधि व्यवस्था संजय सिंह उपस्थित थे।
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