ADVERTISEMENT
Tuesday, July 14, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

सियासी तौर पर दो कट्टर विरोधियों की तस्वीर है?

UB India News by UB India News
September 3, 2022
in खास खबर, दक्षिण भारत
0
सियासी तौर पर दो कट्टर विरोधियों की तस्वीर है?
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

केरल का कोचिन इंटरनैशनल एयरपोर्ट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी करने सीएम पी विजयन पहुंचे हैं। दोनों की गर्मजोशी देखने लायक है। गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद हैं। तस्वीर में अपनापन साफ झलक रहा। एक और तस्वीर देखिए। मंच पर दोनों कुछ बातचीत कर रहे हैं। मोदी बैठे हुए हैं। विजयन पास में खड़े हैं और झुककर उनकी बात सुन रहे हैं। पीएम का एक हाथ विजयन के कंधे पर है। कौन कह सकता है कि ये सियासी तौर पर दो कट्टर विरोधियों की तस्वीर है? मौजूदा दौर में आरएसएस के ‘दुश्मन नंबर 1’ की प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात की तस्वीर है? यही है इस तस्वीर की खूबसूरती जिसमें सियासी प्रतिद्वंद्विता को दुश्मनी के चश्मे से देखने वाले तमाम नेताओं के लिए बड़ा संदेश छिपा है।

तस्वीर बुधवार की है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए गवर्नर के साथ मुख्यमंत्री विजयन भी मौजूद थे। जब पीएम ने कोच्चि मेट्रो का उद्घाटना किया और फेज-2 के लिए आधारशिला रखी तब भी मंच पर विजयन मौजूद थे। उन्होंने मंच से कहा, ‘मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि एनएच-66 को चौड़ा करने का काम बहुत तेज गति से हो रहा है। यह केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सार्थक सहयोग की एक नजीर है।’

RELATED POSTS

भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश ………………..

होर्मुज में आज से अमेरिकी नाकाबंदी शुरू………

modi-vijayan

कोचिन इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत करते केरल के सीएम पी. विजयन और गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान

एक दूसरे के कट्टर विरोधी
ये बोल उस नेता के हैं जो मौजूदा दौर में बीजेपी और आरएसएस की आंखों की शायद सबसे बड़ी किरकिरी है। बीजेपी और संघ केरल में राजनीतिक हिंसा के लिए पी. विजयन को घेरते रहे हैं। सूबे में संघ कार्यकर्ताओं की हत्याओं के लिए सीधे-सीधे लेफ्ट सरकार को कठघरे में खड़ा करते हैं। दक्षिण के इस राज्य में बीजेपी अपनी पूरी ताकत झोंकने के बाद भी अपने लिए कोई खास जमीन तैयार नहीं कर पाई है। विजयन और मोदी एक दूसरे पर हमले का कोई भी मौका नहीं खोते। कभी चुनावी मंचों से तो कभी संसद से पीएम मोदी केरल की विजयन सरकार पर तीखे हमले करते रहे हैं। कभी राजनीतिक हिंसा को लेकर तो कभी एसडीपीआई जैसे कट्टरपंथी समूहों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर। विजयन और लेफ्ट भी उतने ही तीखे अंदाज में पलटवार करते रहे हैं। अभी हाल ही में 15 अगस्त को जब प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से वीर सावरकर की तारीफ की तब विजयन ने बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी।

PM Modi with Vijayan

बातें जो इन तस्वीरों को बनाती हैं खास
मोदी और विजयन की गर्मजोशी भरी मुलाकात महज सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार का नमूना है। कुछ साल पहले तक ऐसी तस्वीरें सामान्य ही कही जाती थीं लेकिन जिस तरह से सियासत बदली है, सियासी प्रतिद्वंद्विता जैसे दुश्मनी में तब्दील होती दिख रही हैं, सामान्य शिष्टाचार भी अब दुर्लभ होता जा रहा है। यही वजह है कि मोदी-विजयन की सामान्य तस्वीर भी खास दिखने लगती है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव एक बार नहीं बल्कि कई बार प्रोटोकॉल तोड़ते हुए, शिष्टाचार को धता बताते हुए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से दूरी बनाते हैं, एयरपोर्ट पर रिसीव करने से कतराते हैं तो ये तस्वीरें खास हो जाती है। जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पीएम के कार्यक्रम में शरीक नहीं होती तब ये तस्वीरें खास दिखती हैं। जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होते तो ये मोदी-विजयन मुलाकात की ये तस्वीरें खूबसूरत लगने लगती हैं। जब महज पीएम मोदी के पोस्टर से चिढ़कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ‘वन महोत्सव’ में शामिल नहीं होते तो ये तस्वीरें स्पेशल हो जाती हैं। जब महाराष्ट्र के तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे पीएम मोदी के स्वागत के लिए एयरपोर्ट नहीं पहुंचते, उनके कार्यक्रम में शामिल नहीं होते तो ये तस्वीरें विशेष हो जाती हैं।

modi vijayan meet

सामान्य सियासी शिष्टाचार भी होता जा रहा दुर्लभ
फरवरी 2022 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब स्वामी रामानुजाचार्य की 216 फीट ऊंची मूर्ति के अनावरण के लिए तेलंगाना पहुंचे तो एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए सीएम केसीआर मौजूद नहीं थे। सीएम ने पीएम के सभी कार्यक्रमों से भी दूरी बनाई। जुलाई में भी जब प्रधानमंत्री बेगमपुर एयरपोर्ट पर उतरे तभी केसीआर नदारद थे। अगस्त में जब पीएम ने नीति आयोग की बैठक की तब भी केसीआर उसमें यह कहकर शामिल नहीं हुए कि ‘इसका कोई मतलब नहीं’ है।

पिछले साल नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 125वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीच में ही छोड़कर चली गईं। मंच पर पीएम मौजूद थे। ममता को बोलना था लेकिन तभी भीड़ ने जय श्रीराम के नारे लगा दिए। इससे दीदी इतनी चिढ़ीं कि बोलने से मना कर दिया और पीएम का कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चली गईं। मई में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में यास तूफान से तबाही को लेकर मीटिंग बुलाई तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उसमें शामिल नहीं हुई। वजह ये कि मीटिंग में उनके धुर विरोधी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को भी शामिल होना था।

पिछले महीने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई नीतिय आयोग की बैठक में शामिल नहीं हुए। जुलाई में वह पीएम की तरफ से तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सम्मान में पीएम मोदी की तरफ से आयोजित डिनर कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए थे। गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक से भी नीतीश ने दूरी बनाई।

इसी साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मुंबई पहुंचे तो तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे उन्हें रिसीव करने के लिए एयरपोर्ट नहीं पहुंचे। मोदी मंगेशकर परिवार की तरफ से दिए जाने वाले पहले दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार को लेने के लिए पहुंचे थे। उससे एक महीने पहले जब मार्च में पीएम मोदी पुणे में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने पहुंचे तब भी उद्धव उस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

भोजशाला परिसर एक मंदिर है, नमाज नहीं पढ़ी जाएगी…

भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्देश ………………..

by UB India News
July 14, 2026
0

मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अहम निर्देश दिया.इस मामले की सुनवाई...

होर्मुज में आज से अमेरिकी नाकाबंदी शुरू………

होर्मुज में आज से अमेरिकी नाकाबंदी शुरू………

by UB India News
July 14, 2026
0

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज को लेकर फिर विवाद शुरू हो गया है। दोनों देश होर्मुज में जहाजों को...

रथयात्रा निकलने के बाद किस दिन होगी हेरा पंचमी की रस्म?

रथयात्रा निकलने के बाद किस दिन होगी हेरा पंचमी की रस्म?

by UB India News
July 14, 2026
0

जगन्नाथ रथ यात्रा का हिंदू धर्म में खास महत्व है. हर साल यह भव्य यात्रा आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष...

क्या प्रायश्चित करने से धुल जाएंगे पाप?

क्या प्रायश्चित करने से धुल जाएंगे पाप?

by UB India News
July 14, 2026
0

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने साफ कह दिया है कि वह पद से इस्तीफा नहीं...

आखिर उन धमाकों का गुनहगार कौन था?

दीवानी कानून में सुधार की दरकार……………….

by UB India News
July 14, 2026
0

आज कहा जाता है कि दीवानी वाद बाप मरे, बेटा लड़े और पोता भुगते। तारीख पर तारीख मिलना इसकी सबसे...

Next Post
नौसेना को मिला पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर

नौसेना को मिला पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर

बीजेपी कुछ भी कर सकती है:प्रेमचंद मिश्रा

बीजेपी कुछ भी कर सकती है:प्रेमचंद मिश्रा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend