द्रौपदी मुर्मू ने देश के 15वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण कर लिया. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान निवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत देश के शीर्ष राजनेता संसद भवन में मौजूद रहे. द्रौपदी मुर्मू का शपथ ग्रहण समारोह परंपरागत तरीके से ही हुआ. मंच पर रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सीजेआई एनवी रमना मौजूद रहे. बता दें कि द्रौपदी मुर्मु भारत के इतिहास में पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं. द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति चुनाव 2022 में संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को हराया. उन्हें 60 फीसदी से भी ज्यादा वोट मिले.
सुबह 10.15 बजे शपथ ग्रहण
समारोह सोमवार सुबह 10.15 बजे संसद के केंद्रीय कक्ष में उन्होंने शपथ ग्रहण किया. द्रौपदी मुर्मू को चीफ जस्टिस एनवी रमणा (NV Ramana) पद की शपथ दिलाई. संवैधानिक पद की शपथ के बाद द्रौपदी मुर्मू को 21 तोपों को सलामी दी जाएगी. इसके बाद बतौर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पहला संबोधन हो रहा है.
द्रौपदी मुर्मू को देश की 15वीं राष्ट्रपति के तौर पर चीफ जस्टिस एनवी रमना ने शपथ दिलाई। वह देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं। सुबह सवा 10 बजे द्रौपदी मुर्मू संसद भवन के सेंट्रल हॉल पहुंचीं और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की शपथ ली। उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई।
इससे पहले वो राष्ट्रपति भवन पहुंचीं, यहां उन्होंने रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी से मुलाकात की। दोनों ने मुर्मू को बधाई दी। राष्ट्रपति भवन के लिए निकलने से पहले राजघाट पहुंचकर उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी थी।
मुर्मू के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में ओडिशा से 64 खास मेहमान आए हैं। शपथ के बाद खास मेहमानों के लिए लंच का आयोजन राष्ट्रपति भवन में किया गया है। उसके बाद सभी को पूरा भवन घुमाया जाएगा।
द्रौपदी ने ओडिशा से खास मेहमानों को बुलाया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शपथ समारोह में देश के सर्वोच्च पद के लोग शामिल हुए हैं। राजनेता, न्यायाधीश, ब्यूरोक्रेट्स, लेकिन इस समारोह में द्रौपदी ने अपने खास लोगों को निमंत्रण देकर बुलाया है। ओडिशा के मयूरभंज जिले से 64 लोग इस समारोह में शामिल हुए हैं।







