मंत्री रामसूरत राय और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आमने-सामने हैं। यूं कहें तो बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री मंत्री सीएम नीतीश कुमार से नाराज चल रहे हैं। राजधानी पटना क छोड़कर बिहार की आर्थिक राजधानी मुजफ्फरपुर में रह रहे हैं। मुख्यमंत्री के एक फैसले से मंत्री जी इतना नाराज हुए कि जनता दरबार लगाकर लोगों से मुलाकात करने का अपना फैसला भी स्थगित कर दिया है। खबर तो ये भी है कि मंत्री मोबाइल बंद करके आज-कल आराम फरमा रहे हैं।
मंत्री जी की नाराजगी के बीच बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद से मिलने उनके मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि उप मुख्यमंत्री लगभग वहां 35 मिनट तर रुके और बंद कमरे में अकेले में उनसे बात भी की। हालांकि इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी कि दोनों के बीच किस मुद्दे पर बात हुई।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, बिहार के राजस्व और भूमि सुधार मंत्री राम सूरत राय ने 30 जून को बड़े स्तर पर तबादला कर दिया, जिनमें 110 से ज्यादा अंचलाधिकारी, बंदोबस्त पदाधिकारी, चकबंदी पदाधिकारी समेत प्रभारी पदाधिकारी शामिल थे। इस तबादले मे कई तरह की गड़बड़ी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें तबादले की बात कही गई थी। इसके बाद बिहार की सियासत में हलचल सी मच गई है। एक बार फिर जदयू और भाजपा के रिश्ते को लेकर सवाल उठाए जाने लगे हैं।
बताया जाता है कि जिनका तबादला किया गया उसमे कई में नियमों की अवहेलना की गई है। नियम के अनुसार, अंचलाधिकारी का तबादला अंचल में तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद किया जाता है लेकिन इस बार वैसे लोग भी सूची में शामिल थे, जिन्होंने एक अंचल में तीन साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया है।
सीएम नीतीश पर भड़क गए थे रामसूरत राय
शनिवार को मुजफ्फरपुर में पत्रकारों से बात करते हुए रामसूरत राय ने कहा था कि अब विभाग चलाना बेवकूफी है। उन्होंने कहा कि जनता की कोई शिकायत नहीं सुनेंगे। जनता दरबार नहीं लगाएंगे। मंत्री-विधायकों से भी कह दिया है कि अगर काम कराना है तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास जाएं। पत्रकारों से बात करते हुए रामसूरत राय ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी पद बपौती नहीं होता।
केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें शांत रहने और बयानबाजी से बचने की चेतावनी दी है।
लगभग 40 मिनट तक डिप्टी सीएम और मंत्री में एकांत में बंद कमरे में बात हुई।
प्रधान ने कहा था-नीतीश ही नेता
जदयू और बीजेपी के नेताओं के बीच पिछले दिनों काफी बयानबाजी चली थी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दौरे के बाद इस पर विराम लग गया। प्रधान ने ऐलान किया की सीएम नीतीश कुमार ही बिहार में एनडीए के नेता हैं। शीर्ष नेतृत्व ने नए विवाद से बचने की सलाह दी है। डिप्टी सीएम ने रामसूरत को शांत रहने को कहा।
30 जून को हुआ था तबादला
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में 30 जून को 186 सीओ, सहायक बंदोबस्त और चकबंदी अधिकारी का ट्रांसफर किया गया था। लेकिन, शिकायत मिलने के बाद 8 जून को सीएम के निर्देश के बाद ट्रांसफर को रद्द कर दिया गया। जिससे नाराज मंत्री रामसूरत राय ने विभाग में ही भू माफिया के राज का आरोप लगाया था।







