महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने फ्लोर टेस्ट में अपना बहुमत साबित कर दिया है. इस बीच शिवसेना के एक और विधायक संजय बांगर ने भी पाला बदल लिया है और उन्होंने शिंदे सरकार के पक्ष में वोटिंग की. बहुमत परीक्षण की ये प्रक्रिया हेड-काउंट के जरिए पूरी की गई. एकनाथ शिंदे की अगुवाई में शिवसेना-बीजेपी सरकार ने आसानी से 144 का आंकड़ा हासिल कर लिया. एकनाथ शिंदे की सरकार के पक्ष में स्पष्ट बहुमत रहा और दावे के मुताबिक ही एकनाथ शिंदे सरकार की सरकार ने बहुमत साबित कर दिया.
उद्धव गुट ने कहा है कि वह स्पीकर के इस फैसले को अदालत में चुनौती देंगे. शिवसेना के बागी विधायक और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को संबोधित पत्र में कहा गया है कि महाराष्ट्र विधान भवन प्रशासन को उनके गुट से 22 जून को एक पत्र मिला था, जिसमें पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा शिंदे को शिवसेना विधायक दल के नेता पद से हटाने पर आपत्ति जताई गई थी. मामले की वैधता पर चर्चा करने के बाद, विधानसभा अध्यक्ष ने शिवसेना विधायक दल के नेता के रूप में अजय चौधरी की नियुक्ति को खारिज कर दिया है. उद्धव ठाकरे गुट के लिए एक बड़ा झटका है. क्योंकि उनके 16 विधायक आज विश्वास मत के लिए भरत गोगावले द्वारा जारी किए जाने वाले व्हिप से बंधे होंगे.
अगर ये 16 विधायक गोगावले द्वारा जारी व्हिप का पालन करने से इनकार करते हैं, तो उन्हें अयोग्यता का सामना करना पड़ सकता है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता और सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि वह इस ‘असंवैधानिक’ फैसले को अदालत में चुनौती देंगे. शिवसेना विधायक दल के नेता पद से अपदस्थ किए जाने पर अजय चौधरी ने कहा कि नए अध्यक्ष ने दोनों पक्षों की आपत्तियों पर कोई सुनवाई तक नहीं की. उन्होंने कहा, ‘जब मेरा नाम शिवसेना विधायक दल के नेता पद के लिए प्रस्तावित किया गया था, तो उस पर विधायक दादा भूसे और संजय राठौड़ ने हस्ताक्षर किए थे. वे दोनों बाद में शिंदे खेमे में शामिल हो गए. स्पीकर इन तथ्यों को कैसे नजरअंदाज कर सकते हैं?’
शरद पवार का दावा- नहीं चलेगी एकनाथ शिंदे की सरकार, महाराष्ट्र में होंगे चुनाव
राजनीती में कुछ न कुछ तलवार देखने को मिल जाती है. कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव होने की आशंका है, क्योंकि शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार अगले 6 महीनों में गिर सकती है. उन्होंने यह बयान अन्य नेताओं को संबोधित करते हुए दिया. पार्टी के विधायकों और अन्य नेताओं से राज्य में मध्यावधि चुनाव की संभावना को ध्यान में रखते हुए जनसम्पर्क बढ़ाने के लिए शरद पवार ने ये बयान दिया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में शामिल राकांपा के एक नेता ने शरद पवार के हवाले से कहा, ‘महाराष्ट्र में नवगठित सरकार अगले छह महीनों में गिर सकती है, इसलिए सभी को मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए.’ एनसीपी नेता के मुताबिक, ‘शरद पवार ने बैठक में कहा कि शिंदे का समर्थन कर रहे कई बागी विधायक मौजूदा व्यवस्था से खुश नहीं हैं. जब मंत्रियों के विभागों का बटवारा होगा तब उनके परेशान होने का परिणाम होगा कि सरकार गिर जाएगी.
शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के गठबंधन वाली महा विकास अघाड़ी सरकार के पतन के बाद एकनाथ शिंदे ने गत 30 जून को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने उनके डिप्टी के रूप में शपथ ली.
बीजेपी नेता बने महाराष्ट्र विधानसभा के नए अध्यक्ष
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में लगभग 40 शिवसेना विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ 22 जून को विद्रोह कर दिया था और पहले सूरत फिर गुवाहाटी के होटल में कैम्प कर गए थे. जिसके परिणामस्वरूप 29 जून को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई थी. बीजेपी विधायक राहुल नार्वेकर अब नए स्पीकर चुने गए.







