ऑपरेसन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) की बरसी के मौके पर अमृतसर (Amritsar) के स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) के बाहर खालिस्तान के समर्थन में जमकर नारेबाजी की गई. इस दौरान खालिस्तानी आतंकी जरनैल भिंडरवाले (Pro-Khalistani Terrorist Jarnail Singh Bhindrawale) के पोस्टर लहराए गए और अलगाववादी बातें कही गई. ये वीडियो समाचार एजेंसी एएनआई ने जारी किया है, जिसमें देश विरोधी नारेबाजी साफ तौर पर सुनी जा सकती है. वीडियो में दिख रही भीड़ स्वर्ण मंदिर के गेट पर इकट्ठी हुई और देश विरोधी नारे लगाए.
खालिस्तान और भिंडरावाले के समर्थन में नारेबाजी
भीड़ के हाथों में जरनैल भिंडरावाले के पोस्टर थे, जिसे सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मार गिराया था. बता दें कि ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) 1 से 10 जून 1980 के बीच चलाया गया था, जिसमें सेना ने स्वर्ण मंदिर को खालिस्तानी आतंकियों से मुक्त कराया था.
क्या था ऑपरेशन ब्लू स्टार?
बता दें कि अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को अलगाववादियों से आजाद कराने के लिए चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार को 38 साल पूरे हो गए हैं. 6 जून, 1984 को देर रात जरनैल सिंह भिंडरावाले (अलगाववादी नेता) की मौत के बाद लाश मिलने पर ऑपरेशन ब्लू स्टार खत्म हो गया था. अगले चार दिनों तक पूरे स्वर्ण मंदिर और उसके-आसपास के इलाकों को सेनिटाइज किया गया था. इस पूरे ऑपरेशन में 83 सैनिक मारे गए थे, जिसमें तीन सेना के अफसर थे. इस दौरान 492 लोग मारे गए थे, जबकि 248 लोग घायल हुए थे. दरअसल, उस समय पंजाब को भारत से अलग कर ‘खालिस्तान’ राष्ट्र बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी थी. इसलिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था.
यहां पहली बार संगत के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के पास एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान अरदास में हिस्सा लेने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे। इसके साथ ही शहर में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पिछले काफी दिनों से सुरक्षा एजेंसियों ने शहर को चारों तरफ से सील किया हुआ है। पंजाब भर से पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के 10 हजार जवान शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए हैं।

शहर में धारा 144 लागू करते हुए लाइसेंसी हथियार लेकर चलने पर भी रोक है। शहर के प्रवेश द्वारों पर लगातार वाहनों की चेकिंग की जा रही है। बैरिकेडिंग के जरिये 90 जगहों पर नाकाबंदी की गई है। इसके साथ ही 110 पीसीआर की टीमें शहर में लगातार गश्त कर रही हैं।

केवल दरबार साहिब के आसपास और हेरिटेज स्ट्रीट में चार हजार जवानों (सादे कपड़ों व वर्दी में) को तैनात किया गया है। पुलिस की गुप्तचर टीमें गर्मख्यालियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, श्री दुर्ग्याणा तीर्थ, श्री रामतीर्थ, माल के प्रवेश द्वारों पर लगातार तलाशी ली जा रही है। हेरिटेज स्ट्रीट और श्री दरबार साहिब के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। दल खालसा के वर्कर भी बड़ी संख्या में समागम में हिस्सा लेने के लिए अकाल तख्त पर पहुंचे हैं।







