राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे और पार्टी के विधायक तेज प्रताप यादव हार मानकर बैठने वालों में से नहीं हैं। उनके बारे में तमाम विवाद खड़े होते रहते हैं, लेकिन इससे उनका अंदाज नहीं बदलता। पिछले दिनों उन्होंने पार्टी कार्यकर्ता के संगीन आरोप के बाद अपने पिता से मिलकर इस्तीफा देने की बात कही तो लोगों को लगा कि अब तेज प्रताप यादव शायद शांत हो जाएंगे। लेकिन, बुधवार को तेज प्रताप यादव ने सुबह-सुबह एक जबर्दस्त वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो के जरिए उन्होंने साफ संदेश दे दिया है कि वे लड़ाई खत्म करने या हथियार डाल देने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।
जन शक्ति यात्रा के जरिए नए सिरे से ब्रांडिंग
जन शक्ति यात्रा के जरिए तेज प्रताप यादव अपनी इमेज की नए सिरे से ब्रांडिंग करने में लगे हैं। इस वीडियो का संदेश ऐसा ही लगता है। वीडियो में तेज प्रताप यादव को एक जुझारू, क्रांतिकारी नेता के तौर पर हाइलाइट किया गया है, जो गरीब, मजदूर, बेरोजगार युवा के लिए संघर्ष को मुकाम तक पहुंचाने के लिए मैदान में उतर चुका है। वीडियो में तेज प्रताप यादव की जनशक्ति यात्रा के विजुअल्स को शामिल किया गया है। इनमें तेज प्रताप यादव की यात्रा में शामिल गाड़ियों के काफिले, मजदूरों से उनका मिलना-जुलना और सभा में उनका जोशीला भाषण दिखाया गया है।
हिंदी फिल्म के गाने से तेज प्रताप ने दिया क्या संदेश
तेज प्रताप यादव के शेयर किए गए वीडियो में हिंदी गाना ‘आरंभ है प्रचंड, बोल मस्तकों के झुंड…’ का इस्तेमाल किया गया है। आपको बता दें कि इस गाने को हिंदी फिल्म गुलाल में गायक पियूष मिश्रा ने गाया है। पियूष ही इस गीत के लेखक भी हैं और गाने के लिए म्यूजिक भी उन्होंने खुद ही कंपोज किया है। यह गाना क्रांतिकारी किस्म का है और अन्याय के खिलाफ लड़ाई के लिए ललकारता है। सवाल यह है कि इस गाने के जरिए तेज प्रताप यादव किसको और क्या संदेश देना चाहते हैं? आप यह वीडियो तेज प्रताप यादव के फेसबुक पेज पर देख सकते हैं।
बोले – मिटा देंगे लेकिन मिटने नहीं देंगे
तेज प्रताप यादव इस वीडियो में कह रहे हैं कि वे इतिहास को मिटने नहीं देंगे। ऐसा करने वाले को मिटा देंगे। तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति यात्रा में ज्यादातर केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला किया है। हालांकि वे अपनी पार्टी में भी खुद के खिलाफ साजिशों का आरोप लगाते रहे हैं। राजद का विधायक होते हुए भी पार्टी के कार्यक्रमों में उनके लिए अघोषित प्रतिबंध जैसी स्थिति है। अब तो वे अपनी पार्टी के कार्यालय में भी नहीं जाते। पिछली बार अपने पिता लालू यादव की मौजूदगी में वे राजद के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में भी उनकी नाराजगी की चर्चाएं सामने आई थीं। तेज प्रताप यादव की जनशक्ति यात्रा से राजद ने पूरी तरह किनारा कर रखा है।






