विशेष निगरानी इकाई (एसयूवी) ने मगध विश्वविद्यालय‚ बोधगया के कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के तीन ठिकानों पर बुधवार को एक साथ छापेमारी कर ३० करोड़ रुपए की सरकारी राशि का दुरुपयोग करने के साथ ही लगभग एक करोड़ रुपए की अचल संपत्ति और पांच लाख रुपए नकद का खुलासा किया है। कुलपति के सचिव सुबोध कुमार सहित कई अन्य कर्मचारियों के कार्यालय एवं आवास पर भी एसयूवी टीम ने छापेमारी की॥। एसयूवी के सूत्रों ने बताया कि कुलपति के बोधगया स्थित कार्यालय और आवास के साथ ही उनके उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पैतृक घर पर एक साथ छापेमारी की गई। मगध विश्वविद्यालय में कुलपति के पद पर रहते हुए तथा इससे पूर्व वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय‚ आरा में इसी पद पर रहते हुए उन्होंने जालसाजी कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। सूत्रों ने बताया कि ड़ॉ. प्रसाद ने दोनों ही विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद पर रहते हुए अवैध ढंग से विश्वविद्यालय के उपयोग में उत्तर–पुस्तिका‚ पुस्तक एवं गार्ड की प्रतिनियुक्ति समेत अन्य कार्य में बगैर किसी जरूरत तथा उपयोगिता के निविदा प्रक्रिया के विरुद्ध अपने चहेते आपूर्तिकर्ता के माध्यम से खरीद की है। इस मद में पिछले तीन वर्षों में उन्होंने लगभग ३० करोड़ रुपए की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया है। छापेमारी के दौरान खरीदी गई संचिका कार्यालय में न होकर उनके घर से जब्त की गई‚ जो कि अपने आप में संदेहास्पद है। गोरखपुर स्थित घर पर अब तक पांच लाख रुपए नकद बरामद हुए हैं। साथ ही एक करोड़ रुपए की अचल संपत्ति का भी पता चला है। सूत्रों ने बताया कि जांच से यह भी पता चला है कि विश्वविद्यालय परिसर में मात्र ४७ गार्ड कार्यरत हैं जबकि ८६ गार्ड़ के भुगतान के लिए राशि की निकासी की जा रही है। साथ ही गार्ड को देय राशि की तुलना में बहुत ही कम राशि का भुगतान भी किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि जांच से यह भी स्पष्ट हुआ है कि विश्वविद्यालय के लिए खरीदे गए सामानों की अभी कोई जरूरत नहीं थी‚ बावजूद इसके सामानों की खरीद की गई। इसके अलावा अन्य घोटालों से संबंधित तथ्य की जांच भी की जा रही है। एसवीयू के अपर महानिदेशक नैय्यर हसनैन खान ने बताया कि मगध विश्वविद्यालय‚ बोधगया के निवर्तमान कुलपति राजेंद्र प्रसाद‚ उनके निजी सहायक सुबोध कुमार‚ लखनऊ के मेसर्स पूर्वा ग्राफिक्स और ऑफसेट प्रिंटर‚ मैसर्स एक्सएलआईसीटी सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड़‚ बीकेएसयू‚ आरा के वित्तीय अधिकारी ओम प्रकाश‚ पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय‚ पटना के रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार और अन्य अज्ञात के खिलाफ १६ नवम्बर को भ्रष्टाचार के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। उन्होंने बताया कि निगरानी के विशेष न्यायाधीश द्वारा वारंट जारी किए जाने पर टेंड़र घोटाला मामले में आरोपी राजेंद्र प्रसाद के गया शहर स्थित सरकारी आवास और बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय सहित कई विभागों में तलाशी ली गई।
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