प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनको श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत के लिए जिसने जीवन का हर पल समर्पित किया, ऐसे राष्ट्र नायक सरदार वल्लभभाई पटेल को आज देश अपनी श्रद्धांजलि दे रहा है। सरदार पटेल जी सिर्फ इतिहास में ही नहीं बल्कि हम देशवासियों के हृदय में भी हैं।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ एक भौगोलिक इकाई नहीं है बल्कि आदर्शों, संकल्पनाओं, सभ्यता, संस्कृति के उदार मानकों से परिपूर्ण राष्ट्र है। धरती के जिस भूभाग पर हम 130 करोड़ से अधिक भारतीय रहते हैं वो हमारी आत्मा, सपनों, आकांक्षाओं का अखंड हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमें ये याद रखना है कि नाव में बैठे हर मुसाफिर को नाव का ध्यान रखना ही होता है। हम एक रहेंगे तभी आगे बढ़ पाएंगे, देश अपने लक्ष्यों को तभी प्राप्त कर पाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि पिछले 7 वर्षों में देश ने दशकों पुराने अवांछित कानूनों से मुक्ति पाई है। राष्ट्रीय एकता को संजोने वाले आदर्शों को नई ऊंचाई दी है। जम्मू-कश्मीर हो, पूर्वोत्तर हो या हिमालय का कोई गांव आज सभी प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में जो अनेक रिफॉर्म किए गए हैं उनका सामूहिक परिणाम है कि भारत निवेश का एक आकर्षक डेस्टिनेशन बन गया है।
उन्होंने कहा कि आज़ाद भारत के निर्माण में सबका प्रयास जितना तब प्रासंगिक था, उससे कहीं अधिक आज़ादी के इस अमृतकाल में होने वाला है। आज़ादी का ये अमृतकाल, विकास की अभूतपूर्व गति का है, कठिन लक्ष्यों को हासिल करने का है। ये अमृतकाल सरदार साहब के सपनों के भारत के नवनिर्माण का है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भूमि, जल से लेकर वायु और अंतरिक्ष तक हर मोर्चे पर अब भारत की क्षमताएं और दृढ़ संकल्प अभूतपूर्व हैं। भारत आज किसी भी आंतरिक या बाहरी चुनौती से निबटने में पूरी तरह से सक्षम है।
पीएम ने कहा, ये अमृतकाल पटेल के सपनों के भारत के नवनिर्माण का है
आज़ाद भारत के निर्माण में सबका प्रयास जितना तब प्रासंगिक था, उससे कहीं अधिक आज़ादी के इस अमृतकाल में होने वाला है. आज़ादी का ये अमृतकाल विकास की अभूतपूर्व गति का है, कठिन लक्ष्यों को हासिल करने का है. ये अमृतकाल सरदार साहब के सपनों के भारत के नवनिर्माण का है. उन्होंने कहा कि आज से कई दशक पहले उस दौर में भी उनके आंदोलनों की ताकत ये होती थी कि उनमें महिला-पुरुष, हर वर्ग, हर पंथ की सामूहिक ऊर्जा लगती थी. आज जब हम एक भारत की बात करते हैं तो उस एक भारत का स्वरूप क्या होना चाहिए? – एक ऐसा भारत जिसकी महिलाओं के पास एक से एक अवसर हों.
देश को एक शरीर के रूप में देखते थे पटेल : पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरदार पटेल हमारे देश को एक शरीर के रूप में देखते थे, एक जीवंत इकाई के रूप में देखते थे. इसलिए उनके ‘एक भारत’ का मतलब ये भी था कि जिसमें हर किसी के लिए एक समान अवसर हों, एक समान सपने देखने का अधिकार हो. सरकार के साथ-साथ समाज की गतिशक्ति भी जुड़ जाए तो बड़े से बड़े संकल्पों की सिद्धि कठिन नहीं है. आज इसलिए भी जरूरी है कि जब भी हम कोई काम करें तो ये ज़रूर सोचें कि उसका हमारे व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्यों पर क्या असर पड़ेगा.






