जदयू संसदीय बोर्ड़ के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि जातिगत जनगणना राज्य के सभी जातियों के हित में है। रविवार को खगडि़या परिसदन में पत्रकारों को संबोधित करते हुये कहा कि श्री कुशवाहा ने कहा कि अग्रेजों ने ही १९२१ में जातिगत जनगणना करवायी थी। वही जनगणना के आधार पर आज विकास की रूपरेखा तैयार होती है। उन्होने कहा कि जातिगत जनगणना हो जायेगी तो विकास के जो लोग जितने हकदार हैं उसको उतना लाभ सही से मिल पायेगा। श्री कुशवाहा ने पार्टी को राज्य में नंबर वन पार्टी बनाने और देश में जदयू को कैसे राश्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिले इसके लिए हमलोग तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास तेजी से हो रहा है। उन्होने कहा कि दौरा के दौरान जो फिड़बेक मिल रहे हैं उसको भी पार्टी के स्तर पर रखा जायेगा। वही संगठन में भी बदलाव होगें। इस अवसर पर जदयू जिलाध्यक्ष बबलू कुमार मंड़ल‚ जदयू नेता अमित कुमार मंटू समेत काफी संख्या में जदयू नेता मौजूद थे। इससे पूर्व एमएलसी सोनेलाल मेहता मेहता एवं पूर्व जदयू जिला अध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में संसदीय दल के अध्यक्ष सह विधान परिषद सदस्य उपेंद्र कुशवाहा से मिलकर जिले के पार्टी के संगठन पर विस्तार से चर्चा करते हुए वर्तमान के ताजा स्थिति से अवगत कराया। जदयू मीडि़या सेल के प्रभारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि हमलोगों की बातो को श्री कुशवाहा ने सुना समझा सभी उपस्थित साथियों ने एकमत से समस्या का समर्थन किया। नेता ने उचित समय पर उचित निर्णय की बातें कहीं।
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