राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में मूल वेतन में १५ प्रतिशत की वृद्धि समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को शिक्षा मंत्री से उनके आवास पर मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। संघ ने राज्य सरकार द्वारा बीपीएससी परीक्षा के आधार पर प्रधान शिक्षक की नियमित नियुक्ति करने का सरकार के निर्णय के लिए धन्यवाद दिया और प्रधान शिक्षकों की प्रोन्नति के प्रावधानों के संदर्भ में आपत्ति दर्ज करवाई। संघ के प्रदेश संयोजक राजू सिंह व प्रदेश महासचिव आलोक रंजन ने शिक्षा मंत्री को बताया कि आठ वर्ष के अनुभव की शर्त के कारण बेसिक ग्रेड के सभी टीईटी शिक्षक इससे वंचित हो जायेंगे। अनुभव की शर्तों को शिथिल करने से टीईटी शिक्षकों के बडे समूह को परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा। कर्मियों को प्रोन्नति देने से उनका मनोवैज्ञानिक रूप से प्रोत्साहित भी होता है परंतु इस तरह से प्रतिस्पर्धा के अवसरों को प्रतिबंधित कर देना बडी संख्या में योग्य शिक्षकों को हतोत्साहित करने वाला कदम होगा। नियोजित शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद १ अप्रैल २१ से १५ प्रतिशत की वेतन वृद्धि‚ बेबपोर्टल पर सर्टिफिकेट अपलोड करने में आ रही तकनीकी समस्या स्थानांतरण आदि लंबित मुद्ों को भी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुखता से उठाया। ॥ ॥ नियोजित शिक्षकों के सभी प्रकार के बकाये का भुगतान समय सीमा निर्धारित कर महीने के प्रथम सप्ताह में शिक्षकों के वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया।
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