75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के लिए कई घोषणाएं कीं. पटना के गांधी मैदान में रविवार को आयोजित समारोह के दौरान एक ओर जहां उन्होंने वीर सेनानियों को याद किया तो दूसरी ओर बिहारवासियों के लिए सौगात भी दी. नीचे पढ़ें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणाएं. किस क्षेत्र में क्या मिला जिससे लोगों को होगा फायदा.
पटना के गांधी मैदान में मुख्य राजकीय समारोह
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित मुख्य राजकीय समारोह में झंडोत्तोलन किया। कोरोनावायरस संक्रमण (CoronaVirus Infection) से बचाव की गाइडलाइन (COVID-19 Guideline) के तहत समारोह में आम लोगोंं के शामिल होने पर प्रतिबंध रहा। केवल अनुमति प्राप्त लोगों को ही प्रवेश पास के आधार पर जांच के बाद एंट्री दी गई। झंडोत्तोलन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही कई बड़ी घोषणाएं भी कीं।
1) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अधीन तीन महाविद्यालयों की स्थापना की जाएगी.
- सबौर में कृषि जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (College of Agricultural Biotechnology).
- भोजपुर में नए कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय (College of Agricultural Engineering).
- पटना में कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय (College of Agri – Business Management).
2) राज्य के किसानों को कृषि उत्पादों के लिए बाजार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी कृषि बाजार समितियों का जीर्णोद्धार एवं विकास चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा. यहां पर अनाज, फल-सब्जी एवं मछली की अलग-अलग बाजार व्यवस्था, स्टोरेज की सुविधा आदि कार्य कराए जाएंगे. इस पर लगभग 2,700 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
3) बिहार में ईको टूरिज्म के विकास के सभी कार्य अब पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (Department of Environment, Forest and climate change) के द्वारा कराए जाएंगे. इसके लिए विभाग में ईको टूरिज्म विंग की स्थापना की जाएगी जिसके अंतर्गत पहाड़ी, वन एवं वन्य-प्राणी क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए उच्चस्तरीय सुविधाओं का निर्माण एवं रख-रखाव किया जाएगा. इसके लिए उपयुक्त ईको टूरिज्म पॉलिसी का निर्धारण भी शीघ्र किया जाएगा.
5) सुधा डेयरी के उत्पादों के लिए विक्रय केंद्र अभी कुछ शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित है. अब शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनका विस्तारीकरण किया जाएगा. अगले चार साल में सभी नगर निकाय एवं प्रखंड स्तर तक सुधा डेयरी के उत्पादों के लिए बिक्री केंद्र खोले जाएंगे.
6) सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत अनुसूचित जाति जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के युवाओं को बीपीएससी और यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए क्रमश: 50 हजार रुपये और एक लाख रूपये प्रोत्साहन दिया जाता है. इस योजना के तर्ज पर अब अन्य सभी वर्गा की युवतियों के लिए भी सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी ताकि प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ सके.
7) पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित जाति अनुसूचित जन जाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए पारिवारिक आय की सीमा भारत सरकार द्वारा 2.5 लाख रुपये निर्धारित की गई है. बिहार सरकार द्वारा अनुसूचित जाति अनुसूचित जन जाति एवं पिछड़ा/अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए पारिवारिक आय सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जाएगा. बढ़ी हुई पारिवारिक आय सीमा के कारण होने वाले अतिरिक्त खर्च को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा.
8) स्कूली शिक्षा के विकास एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता होती है. इसके लिए शिक्षा विभाग के अधीन (1) प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक का संवर्ग (2) उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक संवर्ग का गठन किया जाएगा. प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से जाएगी.
9) केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पेंशनधारियों को एक जुलाई 2021 से महंगाई भत्ता की दर 11 प्रतिशत बढ़ाते हुए 17 प्रतिशत के स्थान पर 28 प्रतिशत दिया जाएगा. इससे संबंधित आदेश वित्त विभाग द्वारा निर्गत किया जाएगा.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाली लड़कियों के लिए भी बड़ी घोषणा की। कहा कि सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत अभी तक अनुसूचित जाति व जनजाति तथा पिछड़े वर्ग के लड़के-लड़कियों को केंद्रीय सिविल सेवा व बिहार लोक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए क्रमश: 50 हजार एवं एक लाख रंपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। अब प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सभी वर्ग की लड़कियों को सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।







