अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के एक पुराने लेख के अंश ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा किए, जिसमें उन्होंने ट्रम्प की गाजा नीति का बचाव किया था. क्लिंटन ने इस बात पर जोर दिया था कि भले ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को ट्रम्प का दृष्टिकोण पूरी तरह पसंद न आए, लेकिन संकट से निपटने के लिए कोई अन्य वैकल्पिक ढांचा या प्रतिस्पर्धी प्रस्ताव तैयार नहीं है. इस योजना की शुरुआत सितम्बर 2025 में 20 सूत्रीय प्रारूप के रूप में हुई थी, जिसे बाद में जुलाई में 15 सूत्रीय योजना के रूप में पेश किया गया.’
ट्रम्प की गाजा को लेकर शांति योजना
डोनाल्ड ट्रम्प के अनुसार, यह समझौता शांति और सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिसे सुनियोजित चरणों में लागू किया जाना है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य गाजा में सक्रिय हमास और अन्य सशस्त्र गुटों का पूर्ण निरस्त्रीकरण करना है. इसके साथ ही, इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी होगी और क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा एक नए फिलिस्तीनी पुलिस बल के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय स्थिरीकरण बल संभालेगा. भविष्य में गाजा का प्रशासन एक नई फिलिस्तीनी सरकार द्वारा चलाया जाएगा, जो शांति बोर्ड के सहयोग से कार्य करेगी.
इजरायल का विरोध और नेतन्याहू का रुख
अमेरिकी प्रयासों के बावजूद, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रम्प के 15 सूत्रीय गाजा शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है. घरेलू राजनीतिक दबाव और धुर दक्षिणपंथी गठबंधन सहयोगियों की मांगों के बीच नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि जब तक हमास का पूरी तरह से निरस्त्रीकरण नहीं हो जाता और इजरायल के खिलाफ सभी खतरे समाप्त नहीं हो जाते, तब तक इजरायली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी. हालांकि, इजरायल इस मुद्दे पर वाशिंगटन के साथ बातचीत जारी रखे हुए है और केवल उन्हीं विचारों को स्वीकार करने के पक्ष में है जो उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के अनुकूल हैं.
15 सूत्रीय ढांचे की रूपरेखा
ट्रम्प के 15 सूत्रीय ढांचे का अंतिम लक्ष्य गाजा संघर्ष को समाप्त कर क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति स्थापित करना है. इसके तहत सभी भारी हथियार, सुरंगें और सैन्य ठिकाने ‘गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति’ नामक एक फिलिस्तीनी तकनीकी निकाय के नियंत्रण में दिए जाने का प्रस्ताव है. अंतर्राष्ट्रीय बल की तैनाती से इजरायली सैनिकों और फिलिस्तीनी-प्रशासित क्षेत्रों के बीच दूरी बनाई जाएगी, जिससे आगे चलकर गाजा के पुनर्निर्माण और फिलिस्तीनी आत्मनिर्णय की दिशा में एक राजनीतिक प्रक्रिया शुरू हो सके.







