जन सुराज के नायक प्रशांत किशोर का चुनावी मुद्दा कहीं बैक फायर तो नहीं कर रहा है? प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की जंग जीतने के लिए जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, बीजेपी के रणनीतिकार अब उल्टा प्रशांत किशोर के विरुद्ध ही इस्तेमाल करने लगे हैं। हो ये रहा है कि जन सुराज जिन मुद्दों का पहाड़ खड़ा कर चुनावी ट्रेंड बदलना चाह रहे हैं, उसकी ‘विस्तृत व्याख्या’ कर उन मुद्दों की धार को कुंद करने में बीजेपी के नेता जुट गए हैं। कैसे और क्या कह कर बीजेपी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मुहिम को फेल करने की जुगत लगा रहे हैं, समझते हैं।
प्रशांत किशोर की मुहिम को जाति जोड़ रही बीजेपी
प्रशांत किशोर अपने चुनावी जीत से बीजेपी नेतृत्व को ये क्लियर संदेश देना चाहते हैं कि सम्राट चौधरी का नेतृत्व बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर स्वीकार्य नहीं है। उनकी इस मुहिम को बीजेपी को प्रशांत किशोर को पिछड़ों की राजनीति के विरुद्ध राजनीति करने वाला बताने में जुटी है। बीजेपी प्रशांत किशोर के इस मुद्दा को बांकीपुर के अतिपिछड़ा, कुर्मी, कहार और कुशवाहा मत को एक करने का उत्प्रेरक (Catalyst) के रूप में इस्तेमाल करने लगी है।
सम्राट चौधरी पिछड़ी जाति से आते हैं, इसलिए उन्हें सत्ता से हटाने में मनुवादी लग गए हैं। बीजेपी के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा भी है कि प्रशांत किशोर सबका साथ सबका विकास नहीं चाहते हैं इसलिए प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उतरे हैं। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में वे क्यों नहीं उतरे, लेकिन एक पिछड़ा का बेटा बिहार की कुर्सी संभाले यह प्रशांत किशोर को बर्दाश्त नहीं हो रहा है।
‘कुत्ता-बिल्ली’ बयान के जस्टीफाई करने में जुटी JDU
एनडीए के नेता प्रशांत किशोर को इस बात को लेकर भी टारगेट करने लगे हैं कि उन्होंने बीजेपी के एक मंडल स्तर के कार्यकर्ता को टिकट देना पच नहीं रहा है। इसलिए प्रशांत किशोर उस गरीब के बच्चे को कुत्ता-बिल्ली से जोड़ रहे हैं। जनता दल (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन में ये कह कर प्रशांत किशोर को टारगेट किया जो कि बीजेपी का साधारण कार्यकर्ता, देव तुल्य कार्यकर्ता है।
जेडीयू की ओर से कहा गया कि प्रशांत किशोर बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को कुत्ता-बिलाई कह रहे हैं। बीजेपी अपने कार्यकर्ता को सम्मानित कर रही है, लेकिन प्रशांत किशोर उसका टिकट काट कर खुद खड़े हुए जो बांकीपुर विधानसभा में काफी मेहनत कर रहीं थीं।
PK के ‘वोट बेचने’ वाली बात का भी ढूंढा गया काट
बीजेपी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर इस बात का भी आरोप लगा रहे हैं कि वे बांकीपुर विधानसभा की जनता को बिका हुआ मान रहे हैं। वे बार बार यही कह रहे हैं कि आप लोग जब तक वोट बेचिएगा तब तक साफ सुधरा विधायक आप सदन में नहीं भेज सकते। बीजेपी के रणनीतिकार आपने कार्यकर्ताओं के जरिए ये कहने लगे हैं कि प्रशांत किशोर जिसे बेचा हुआ जनमत कह रहे हैं, दरअसल वे एनडीए के संपर्पित देव तुल्य कार्यकर्ता हैं। प्रशांत किशोर जनमत का मजाक उड़ा रहे हैं।
बांकीपुर की जनता तय करेगी: दीपक कोचगवे
वरिष्ठ पत्रकार दीपक कोचगवे का मानना है कि नेताओं के वादों या मुद्दों का टारगेट वोटर होता है। मगर, जनता किसके तर्क से सहमत होती है, वही परिणाम के आधार होते रहे हैं। प्रशांत किशोर अगर वादे कर रहे हैं तो उनका भी कोई टारगेट वोटर होगा। वो एक रणनीतिकार हैं, इसलिए वे नफा-नुकसान समझते होंगे। मेरा जहां तक आंकलन है कि बांकीपुर की जनता अभी जाति विहीन समझ के साथ वोट करने की स्थिति में नहीं है।
ऐसे में प्रशांत किशोर को बीजेपी के आधार वोट में सेंधमारी करना मुश्किल है मगर असंभव नहीं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का बांकीपुर विधानसभा की जंग में बार-बार आना और अब तो चुनावी कमान संभाल लेने के बाद ये मुकाबला रोचक हो गया है। मामला तो काफी टक्कर का बनता जा रहा है। लेकिन, राजद चुनाव के समय में एक्टिव पार्टिसिपेशन कर विपक्ष के वोटों का ही बंटवारा करेगी। ये भाजपा के उम्मीदवार को ज्यादा लाभ पहुंचा सकता है।







