बिहार विधानसभा में गुरुवार को सदन के बाहर और अंदर नारेबाजी हुई। सदन की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्षी विधायकों ने छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर नारेबाजी की। इस बीच बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव खड़े हुए और कहा कि डाकबंगला चौराहे पर जो कल प्रदर्शन हुआ, वो छात्र नहीं थे गुंडे थे। मेरे ऊपर हमला किया गया। मेरे गार्ड्स पर हमला हुआ। कल मेरी हत्या हो जाती। वो सब राजनीति पार्टी के गुंडे थे। इसके बाद हंगामा और बढ़ गया। स्पीकर ने बीजेपी विधायक को बैठने को कहा, लेकिन वो वेल तक पहुंच गए। उसके बाद विपक्षी विधायक भी वेल तक आ गए। सत्ता पक्ष और विपक्षी विधायकों के बीच भिड़ने की नौबत आ गई। मार्शल ने बीच बचाव करके मामले को शांत करवाया।
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष एक बार फिर आक्रामक तेवर में नजर आया। नीट परीक्षा में धांधली और लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने जमकर विरोध किया। इस दौरान पक्ष और विपक्ष में मारपीट की नौबत आ गई। विधानसभा परिसर में महागठबंधन के नेताओं और विधायकों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं भारी हंगामे को देखते हुए विधानसभा 2 बजे के लिए स्थगित कर दिया गया है।
विपक्षी सदस्यों ने नीट समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ संचालन सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने छात्रों के आंदोलन पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज की भी निंदा की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य संकट में
प्रदर्शन में शामिल नेताओं का कहना था कि परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। उनका आरोप था कि सरकार पेपर लीक पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। विपक्ष ने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग पूरी तरह अनुचित है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। कुछ देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद सभी विपक्षी सदस्य सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए विधानसभा भवन के भीतर चले गए। विपक्ष ने संकेत दिया कि इन मुद्दों को वह सदन के भीतर भी प्रमुखता से उठाएगा।







