बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर लग चुकी है। चुनाव भले नरेंद्र भगत मंडल के अध्यक्ष नीरज कुमार सिन्हा लड़ रहे हैं, पर बीजेपी के रणनीतिकार यह जानते हैं कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की हार भी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की और जीत भी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की। यही वजह है कि बीजेपी के रणनीतिकार उन तमाम हथकंडों को आजमा रहे हैं, जिनसे थोड़ा भी लाभ पार्टी के उम्मीदवार को दिख रहा है।
प्रशांत किशोर के नजदीकी आदमियों को किया निष्क्रिय
बीजेपी की नजर में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की प्राथमिकता इस बात से समझ सकते हैं कि बीजेपी के रणनीतिकारों की नजर जन सुराज के छोटे बड़े सभी नेताओं पर है। यही वजह है कि बीजेपी उन नेताओं को जन सुराज से दूर कर रही है जो प्रभावी हो सकते हैं। नामांकन वाले दिन दो विशेष व्यक्ति प्रशांत किशोर के साथ नहीं थे, जो बीजेपी के वोट बैंक को प्रभावित कर सकते थे। इनमें से सबसे प्रभावशाली थे पूर्व एमएलसी प्रो. रामबली चंद्रवंशी।
नामांकन के दौरान पूर्व एम एल सी रामबली चंद्रवंशी कहीं नजर नहीं आये। प्रो रामबली चंद्रवंशी पटना विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं इनका एक खास प्रभाव छात्रों पर भी है। इसके साथ साथ ये चंद्रवंशी समाज के भी नेता हैं। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में चंद्रवंशी का भी 9 प्रतिशत वोट हैं।
जन सुराज के कुछ नेताओं को थमाया भाजपा का झंडा
बांकीपुर उपचुनाव से पहले बीजेपी के रणनीतिकारों ने जन सुराज के कई प्रमुख नेताओं को भाजपा का झंडा थमा कर प्रशांत किशोर को तगड़ा झटका दिया है। जन सुराज के कई प्रमुख नेताओं ने अपने हजारों समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वालों में जन सुराज के कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी प्रो. डॉ. के.सी. सिन्हा, दीघा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी रितेश रंजन सिंह उर्फ बिट्टू सिंह, मनेर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी संदीप कुमार सिंह उर्फ गोपाल सिंह प्रमुख रूप से शामिल थे।
इस शो को बड़ा करने के लिए बीजेपी के रणनीतिकारों ने इनके अलावा विनीता बिट्टू सिंह, डॉ. किशोर कुमार, ब्रजकिशोर सिन्हा उर्फ गोपू जी, ब्रह्मदेव मांझी, सुनील यादव, राजू यादव, रंजीत सिंह, रामबाबू यादव, शुभम सिंह, मंटू राय और साधु जी सहित अनेक प्रमुख नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी भाजपा की सदस्यता दिलाकर प्रशांत किशोर को एक करारा झटका दिया है।
प्रशांत किशोर के व्यक्तित्व पर हमला
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी नेताओं ने खुलेआम प्रशांत किशोर को ‘चंदा चोर’ और ‘फ्रॉड’ जैसे आरोप लगाए। भाजपा नेताओं का आरोप है कि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को मिलने वाले करोड़ों रुपये के चंदे और आय के स्रोत संदिग्ध हैं। पूर्व में भी भाजपा उन पर 241 करोड़ रुपये की आय और बेनामी संपत्ति को लेकर निशाना साध चुकी है।
बीजेपी के नेता तो प्रशांत किशोर को राजनेता मानने से इनकार कर रहे हैं। बीजेपी नेता उन्हें रणनीतिकार कह कर यह भी ताना दे रही है कि वर्ष 2025 के अधिकांश विधानसभा में उनके उम्मीदवारों के जमानत तक जप्त हो गई थी।







