बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप एक बार फिर विवादों में हैं। मनीष कश्यप ने हाल में अपनी गाड़ी के साथ एक पेट्रोल पंप पर हंगामा किया था। उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल के मिश्रण को लेकर विवाद किया था। मनीष कश्यप (Manish Kashyap) के ऊपर अब टोयोटा कंपनी ने प्राथमिकी दर्ज करा दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मनीष कश्यप को कभी भी पुलिस गिरफ्तार कर सकती है।
क्या मनीष कश्यप होंगे गिरफ्तार?
उधर, ई-20 पेट्रोल यानी इथेनॉल मिश्रित ईंधन के इस्तेमाल से अपनी गाड़ी खराब होने का दावा करने वाले मनीष कश्यप को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उनके आरोपों को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा है कि वाहन कंपनी की ओर से की गई जांच में मनीष कश्यप के दावे झूठे पाए गए हैं।
मनीष कश्यप की नई कार से शुरू हुई कहानी
मनीष कश्यप की इस कहानी की शुरुआत होती है, जून महीने के लास्ट वीक में। मनीष कश्यप ने ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा की इनोवा हाई क्रॉस गाड़ी खरीदी थी। ये कार E20 पेट्रोल पर चलने वाली गाड़ी है। मनीष कश्यप इस गाड़ी में सवार होते और E20 पेट्रोल डलवाकर अपने वीडियो शूट करने के लिए सफर पर निकल पकड़ते। करीब 8 से 10 दिन में मनीष कश्पय ने इस गाड़ी को 12 हजार किलोमीटर चलाया। अब बारी थी इनोवा हाई क्रॉस कार की पहले सर्विस की। बस यहीं से मनीष कश्यप की ‘गिरफ्तारी का पटकथा’ शुरू हो गई। 4 जुलाई को एक वीडियो पोस्ट किया गया। मनीष कश्यप इस वीडियो में बताया कि उनकी कार ब्रैकडाउन हो गई। गाड़ी के इंजन में आवाज आने लगी। सर्विस के दौरान E20 पेट्रोल कैपिबल कार से करीब चार लीटर पेट्रोल निकाला गया, जिसमें इथनॉल मिला हुआ था। मनीष कश्यप ने आरोप लगाते हुए दावा किया कि इथनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल की वजह से उनकी कार खराब हुई है। 5 जुलाई को मनीष कश्यप के आरोपों पर टोयोटा ने जवाब दिया। टोयटा ने कहा कि इनोवा हाइक्रॉस E20 पेट्रोल के लिए डिजाइन, टेस्टेड और सर्टिफाइड की गई है। इसमें E20 पेट्रोल से कोई खराबी नहीं आ सकती। कंपनी ने कहा कि गाड़ी में समस्या मिलावटी तेल की वजह से आ सकती है।
इसके बाद मनीष कश्यम ने अपनी इनोवा हाई क्रॉस को बेचकर डीजल पर चलने वाली गाड़ी खरीद ली और फिर अग्रेसिव होते हुए कई पेट्रोल पंप और गाड़ियों को लेकर वीडियो बनाते हुए सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उनके आरोपों को झूठा करार दे दिया। गडकरी ने कहा कि टोयटा कंपनी की ओर से की गई जांच में मनीष कश्यप के दावे झूठे पाए गए हैं।
मनीष कश्यप का आरोप वाला वीडियो वायरल
ध्यान रहे कि मनीष कश्यप का एक वीडियो पेट्रोल पंप पर हंगामा करते हुए वायरल हुआ था। इस वीडियो में मनीष कश्यप ने केंद्रीय मंत्री पर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा था कि उनकी गाड़ी इसी वजह से खराब हो गई।
उसके बाद केंद्रीय मंत्री ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए बताया कि मैं उस यूट्यूबर का नाम नहीं लूंगा। पटना के यूट्यूबर ने मेरी आलोचना की। गाड़ी में खराबी के लिए पेट्रोल को जिम्मेदार ठहराया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिया जवाब
नितिन गडकरी के मुताबिक जब टोयोटा कंपनी ने मामले में संज्ञान लिया और गाड़ी भेजने को कहा ताकि खराबी का पता लगाया जा सके। उसके बाद मनीष कश्यप ने गाड़ी नहीं भेजी।
उन्होंने कहा कि कानून कार्रवाई की चेतावनी देने के बाद गाड़ी भेजी। उसके बाद टोयोटा के विशेषज्ञों ने पूरी जांच की। पता चला कि खराबी से ई-20 का कोई लेना देना नहीं है। टोयोटा ने झूठी अफवाह फैलाने और आरोप लगाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इससे पूर्व 2023 में मनीष कश्यप की गिरफ्तारी
ध्यान रहे कि इससे पूर्व भी तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों के बारे में फर्जी वीडियो शेयर करने के आरोप में गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस ने 18 मार्च, 2023 को उन्हें गिरफ्तार किया था। उसके बाद तमिलनाडु पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई थी। पेट्रोल का मामला ऐसा समय में आया है, जब केंद्र सरकार कच्चे तेल के आयात को कम करने और प्रदूषण घटाने को लेकर इथेनॉल को बढ़ावा देने में लगी है।







