बिहार के कई शहरों में मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए (NIA) की एक साथ हुई कार्रवाई से हड़कंप मच गया. गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और सारण में एनआईए की टीम ने मानव तस्करी और कंबोडिया भेजकर साइबर फ्रॉड कराने वाले कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच के सिलसिले में छापेमारी और पूछताछ की. कई संदिग्धों से पूछताछ की गई, मोबाइल और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए तथा उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पटना स्थित एनआईए कार्यालय में बुलाया गया है.
गोपालगंज में एजेंट से पूछताछ
गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र स्थित साधु चौक मोहल्ले में एनआईए की टीम ने प्रदीप सिंह नामक एक एजेंट से पूछताछ की. जांच एक ऐसे मामले से जुड़ी है जिसमें बेतिया निवासी सत्यनारायण को वर्ष 2024 में विदेश भेजे जाने के बाद कथित तौर पर कंबोडिया पहुंचाकर साइबर फ्रॉड का काम कराया गया था. बताया जा रहा है कि किसी तरह साइबर अपराधियों के चंगुल से निकलकर भारत लौटे सत्यनारायण ने एनआईए में शिकायत दर्ज कराई थी. इसी शिकायत के आधार पर एजेंसी जांच कर रही है.
10 जुलाई को पटना बुलाया
पूछताछ के बाद एनआईए ने प्रदीप सिंह को 10 जुलाई को पटना स्थित कार्यालय में उपस्थित होने का नोटिस दिया है. हालांकि प्रदीप सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कंबोडिया से लौटने के बाद संबंधित युवक के सभी पैसे वापस कर दिए गए थे. उनका कहना है कि बाद में दोबारा शिकायत किए जाने के बाद एनआईए जांच के लिए पहुंची है.
मोतिहारी में मोबाइल जब्त, 13 जुलाई को पेश होने का नोटिस
पूर्वी चंपारण जिले के फेनहारा थाना क्षेत्र के कालूपकर गांव में एनआईए ने मो. कलामुद्दीन के घर छापेमारी की. एजेंसी के अनुसार उनका नाम केस RC-10/2024/NIA/DLI में सामने आया है, जो अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़ा बताया जा रहा है. कार्रवाई के दौरान एनआईए ने कलामुद्दीन का मोबाइल फोन जब्त कर लिया और उससे कई घंटे तक पूछताछ की.
कौन है मुख्य आरोपी?
प्रारंभिक जांच में एजेंसी को संदेह है कि वह लोगों को कंबोडिया भेजने और टिकट की व्यवस्था कराने वाले नेटवर्क का हिस्सा था. जांच में यह भी सामने आया है कि कलामुद्दीन का संपर्क छपरा निवासी सुधीर सिंह से था, जिसे इस मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है. एनआईए ने कलामुद्दीन को 13 जुलाई को पटना स्थित कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
छपरा में भी एनआईए की दबिश
सारण जिले के मशरक थाना क्षेत्र के पचरूखवा गांव में भी मंगलवार सुबह करीब पांच बजे दिल्ली से पहुंची एनआईए की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. टीम ने निजाम अंसारी के घर पहुंचकर उनके पुत्र सदाकत अंसारी से कई घंटे तक पूछताछ की. जांच के दौरान सदाकत का मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच की गई तथा दोनों उपकरण सील कर एनआईए अपने साथ ले गई. अधिकारियों ने कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी नहीं दी, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि सदाकत पहले कंबोडिया में काम करता था और उसका नाम मानव तस्करी से जुड़े मामले में सामने आया है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
जांच एजेंसियों के अनुसार बिहार से युवाओं को नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में भेजे जाने के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं. आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद कई लोगों को साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से जुड़े गिरोहों के लिए काम करने के लिए मजबूर किया गया. एनआईए अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और इससे जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है. एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं.






