दिवंगत केंद्रीय मंत्री डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने के लिए सम्राट सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर घोषणा की है कि बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में किसी महत्वपूर्ण पार्क या सड़क का निर्माण अथवा नामकरण डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को उनके राष्ट्रनिर्माण में दिए गए योगदान से परिचित कराना और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है।
राष्ट्र की एकता और अखंडता में अहम भूमिका
मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए कई ऐसे फैसले और आंदोलन किए, जिनका भारतीय राजनीति और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा।
इसी योगदान को सम्मान देने के लिए राज्य सरकार ने जिला मुख्यालयों में उनकी स्मृति से जुड़े सार्वजनिक स्थलों के विकास का निर्णय लिया है। योजना के तहत प्रत्येक जिले में स्थानीय प्रशासन उपलब्ध भूमि और आवश्यकताओं के आधार पर किसी प्रमुख पार्क या सड़क का चयन करेगा।जहां आवश्यकता होगी, वहां नए पार्क या सड़क का निर्माण कराया जाएगा, जबकि अन्य स्थानों पर पहले से मौजूद महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल का नामकरण मुखर्जी के नाम पर किया जाएगा।इस संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार का मानना है कि सार्वजनिक स्थलों का नाम महान व्यक्तित्वों के नाम पर रखने से समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ती है।







