बिहार के लोगों को लेह-लद्दाख स्थित सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा के लिए सम्राट सरकार अनुदान देगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ 29 प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में जहां राज्य में विभिन्न पर्यटक स्थलों के मध्य पर्यटकों के त्वरित एवं सुगम भ्रमण के लिए मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 की स्वीकृति दी गई, वहीं सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना और पर्यटकों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना एवं इससे संबंधित दिशा-निर्देश के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।
सरकार कराएगी बिहार के नागरिकों का सिंधु दर्शन
राज्य की सम्राट सरकार बिहार के नागरिकों को सिंधु दर्शन कराएगी। इसके लिए एक विशेष योजना तैयार की गई है। कैबिनेट से इस पर मंजूरी मिल गई है। इसके तहत 18 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोग इसका लाभ उठा सकते हैं। प्रत्येक वर्ष अधिकतम 100 लोगों को यह यात्रा कराई जाएगी। राज्य के मूल निवासियों को तीर्थ यात्रा पूर्ण करने के बाद यात्रा व्यय की 50 फीसदी राशि या अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री की दर से प्रतिपूर्ति अनुदान के रूप में दिया जाएगा।
खिलाड़ियों को नौकरी देगी बिहार सरकार
इसके अलावा बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति नियमावली, 2023 के तहत ओलंपिक खेलों में शामिल किसी भी विधा में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी और क्रिकेट खेल विधा के किसी भी प्रारूप में भारतीय का प्रतिनिधित्व करने वाले तथा एशियाई गेम्स या राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक विजेता प्रतिभावान या उत्कृष्ट खिलाड़ियों को वेतन स्तर 9 में नियुक्ति की जाएगी। एशियन गेम्स या कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल खेल विधा के किसी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले तथा रजत या कांस्य पदक खिलाड़ी विजेता खिलाड़ियों को वेतन स्तर 7 और नेशनल गेम्स या सीनियर नेशनल चैम्पियनशीप के किसी स्वर्ण या रजत पदक विजेता खिलाड़ी को वेतन स्तर 6 में नियुक्ति की जाएगी।
एक्सप्रेसवे के लिए कैमूर के पास होगा जमीन अधिग्रहण
वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के पास कैमूर के नजदीक कैमूर जिला के चांद और चैनपुर अंचल के विभिन्न मौजों में कुल 781.18 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए 230 करोड़ 64 लाख रुपये खर्च का प्रावधान रखा गया है। सहरसा जिला के कहरा अंचल के वनगांव, देवनागोपाल तथा बलहर अराजी मौजा में बनने वाले औद्योगिक क्षेत्र के रकवा में परिवर्तन किया गया है।
5 प्रमुख नदियों का होगा पुनर्भरण अध्ययन
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य की प्रमुख 5 नदियों सोन, कियूल, फल्गू, मोरहर और चानन का पुनर्भरण अध्ययन किया जाएगा। इन नदियों में बालू के जमा होने के स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। यह कार्य सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीच्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) से कराया जाएगा, जिस पर दो करोड़ 32 लाख रुपये का खर्च आएगा।
हेलिकॉप्टर से कर सकेंगे बिहार के पर्यटकीय स्थलों का भ्रमण
राज्य के पर्यटकीय स्थलों का भ्रमण हेलिकॉप्टर से कर सकते हैं। मुख्यमंत्री बिहार हेली टूरिज्म सेवा योजना 2026 की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत पहले चरण में वाल्मीकिनगर (पश्चिमी चंपारण), मां मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर) तथा राजगीर (नालंदा) को शामिल किया गया है। वाल्मीकिनगर के लिए राजकीय वायुयान, कैमूर एवं राजगीर के लिए किराये पर प्राप्त 6+2 सीटर श्रेणी के हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पर्यटकों को पर्यटन पैकेज का चयन किया जाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा पटना शहर का स्काईलाइन का हवाई दृश्य उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक शनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर जॉय राइड का संचालन किया जाएगा। इसी दर प्रति सीट 2100 रुपये निर्धारित की गई है।







