बिहार के पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया. निर्माणाधीन सड़क के अलाइनमेंट में बदलाव की खबरों को बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताया. विभाग ने स्पष्ट किया है कि समस्तीपुर जिले में एक्सप्रेसवे के रूट में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले से तय नक्शे के अनुसार ही चल रही है.
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स विशेष रूप से इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि प्रोजेक्ट के किलोमीटर 48 से 53 के बीच एक्सप्रेसवे का मार्ग बदला गया. विभाग ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उस हिस्से में किसी तरह का डिविएशन या संशोधन नहीं हुआ. सचिव ने बताया कि पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का मार्ग सामाजिक-आर्थिक पहलुओं, तकनीकी मानकों और भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के दिशा-निर्देशों के आधार पर तय किया गया है. इसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सचिव, एनएचएआई अध्यक्ष और महानिदेशक सहित विशेषज्ञों की ‘अलाइनमेंट कमेटी’ ने विस्तृत समीक्षा के बाद मंजूरी दी थी.
रूट बदलने का दावा निराधार
इस अलाइनमेंट पर 15 जनवरी 2025 को मुहर लग चुकी है. विभाग के मुताबिक, 6 मार्च 2026 को जारी 3A अधिसूचना भी उसी स्वीकृत अलाइनमेंट पर आधारित है. इसलिए किसी प्रभाव या दबाव में रूट बदले जाने का दावा पूरी तरह निराधार है. विभाग ने यह भी कहा कि मीडिया में प्रकाशित कथित अलाइनमेंट मानचित्र वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं. स्पष्टीकरण में के.एस.आर. कॉलेज को लेकर भी स्थिति साफ की गई है. विभाग ने कहा कि कॉलेज की मुख्य इमारत पूरी तरह सुरक्षित है. एक्सप्रेसवे के लिए केवल कॉलेज की कुछ खाली जमीन अधिग्रहण के दायरे में आ रही है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
इस अलाइनमेंट पर 15 जनवरी 2025 को मुहर लग चुकी है. विभाग के मुताबिक, 6 मार्च 2026 को जारी 3A अधिसूचना भी उसी स्वीकृत अलाइनमेंट पर आधारित है. इसलिए किसी प्रभाव या दबाव में रूट बदले जाने का दावा पूरी तरह निराधार है. विभाग ने यह भी कहा कि मीडिया में प्रकाशित कथित अलाइनमेंट मानचित्र वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं. स्पष्टीकरण में के.एस.आर. कॉलेज को लेकर भी स्थिति साफ की गई है. विभाग ने कहा कि कॉलेज की मुख्य इमारत पूरी तरह सुरक्षित है. एक्सप्रेसवे के लिए केवल कॉलेज की कुछ खाली जमीन अधिग्रहण के दायरे में आ रही है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
केवल 65 मकान होंगे प्रभावित
पथ निर्माण विभाग ने यह भी बताया कि वर्तमान अलाइनमेंट का चयन करते समय लोगों के विस्थापन को न्यूनतम रखने का प्रयास किया गया. मौजूदा रूट से केवल 65 आवासीय और व्यावसायिक ढांचे प्रभावित हो रहे हैं, जबकि कथित वैकल्पिक मार्ग अपनाने पर 200 से अधिक निर्मित संरचनाएं प्रभावित होतीं और बड़ी संख्या में लोगों का विस्थापन होता. विभाग ने जनता से अपील की है कि वे एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें.
पथ निर्माण विभाग ने यह भी बताया कि वर्तमान अलाइनमेंट का चयन करते समय लोगों के विस्थापन को न्यूनतम रखने का प्रयास किया गया. मौजूदा रूट से केवल 65 आवासीय और व्यावसायिक ढांचे प्रभावित हो रहे हैं, जबकि कथित वैकल्पिक मार्ग अपनाने पर 200 से अधिक निर्मित संरचनाएं प्रभावित होतीं और बड़ी संख्या में लोगों का विस्थापन होता. विभाग ने जनता से अपील की है कि वे एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें.







