राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने प्रश्नपत्र लीक होने की आशंकाओं के बीच तीन मई को आयोजित नीट- यूजी परीक्षा को जिस तरह से रद्द किया है, वह वाकई एक गंभीर मामला है, जो पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
गौरतलब है कि नीट-यूजी देश की सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष लाखों छात्र-छात्राएं चिकित्सा के क्षेत्र में प्रवेश पाने का सपना लिए शामिल होते हैं। अभिभावकों की पूंजी और उम्मीदों का भी इसमें निवेश होता है। इस बार भी देश भर के 22 लाख से अधिक छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे, जो फिलहाल ठगा महसूस कर रहे हैं।
यह कोई पहली बार नहीं है, जब इस तरह का मामला सामने आया हो। 2024 में भी नीट-यूजी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की वजह से विवादों के घेरे में आ गई थी। तब, सर्वोच्च न्यायालय ने पूरी परीक्षा को निरस्त करने से तो इन्कार कर दिया था, लेकिन कुछ केंद्रों पर एक हजार से अधिक बच्चों की दोबारा परीक्षा हुई थी।
बात सिर्फ नीट की नहीं है, पिछले कुछ वर्षों में रेलवे, शिक्षक व पुलिस भर्ती और नेट जैसी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की भी खबरें आती रही हैं। कई संगठित गिरोहों का पता चला, कई बार परीक्षा केंद्रों की तरफ से बेईमानी, तो कई बार सर्वर से छेड़छाड़ के मामले भी सामने आए। ऐसी स्थितियां न आएं, इसलिए सरकार ने दो वर्ष पहले सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 पारित किया था, जिसमें दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान भी था।
ऐसे सख्त कानून के बावजूद अगर पेपर लीक को रोका नहीं जा पा रहा, तो यह स्थिति नीति नियंताओं के लिए गंभीर विश्लेषण की मांग करती है। ताजा नीट-यूजी परीक्षा मामले में राजस्थान और दूसरे राज्यों से पेपर लीक संबंधी सूचना मिलते ही एनटीए ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर दी और केंद्र ने भी अविलंब इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी है। लेकिन देखा गया है कि पेपर लीक मामलों में शुरुआती सख्ती के बावजूद बाद में कार्रवाई धीमी पड़ जाती है, जिससे मूल समस्या जस की तस बनी रहती है।
यह भी विचारणीय है कि अगर पेपर लीक का समानांतर उद्योग इतना मजबूत हो गया है, तो इसकी जड़ में केवल लालच नहीं, बल्कि वह अत्यधिक प्रतिस्पर्धी व्यवस्था भी है, जिसमें सीमित सीटों के लिए करोड़ों युवा संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में इस समस्या को व्यापक संदर्भों में देखने की भी जरूरत है। बेशक एनटीए जल्द ही परीक्षा की नई तारीख का एलान करेगी, लेकिन युवाओं का भरोसा लौटाने के लिए उसे कुछ ठोस कदम तो उठाने ही होंगे, ताकि दोबारा इस तरह के मामले सामने न आएं।
NTA DG अभिषेक सिंह का सख्त बयान
NTA ने क्यों लिया परीक्षा रद्द करने का फैसला?
क्या नासिक से हुआ नीट पेपर लीक?
कैसे खुला नीट पेपर लीक का राज?
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 अब देशभर में चर्चा का विषय बन चुकी है. राजस्थान के सीकर से शुरू हुई एक मामूली सी घटना ने ऐसा खुलासा कर दिया, जिसने पूरे सिस्टम को हिला दिया.एक हॉस्टल मालिक को भेजा गया गेस पेपर बाद में असली NEET पेपर से मैच करने लगा और यहीं से सामने आया कथित पेपर लीक का वह नेटवर्क जो राजस्थान से लेकर हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक फैला हुआ बताया जा रहा है. जांच में सामने आया कि पेपर कथित तौर पर 30 लाख रुपये में खरीदा और फिर करोड़ों के खेल में कई छात्रों तक पहुंचाया गया.
लाइव अपडेट
CBI की टीम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कार्यालय पहुंची
सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक के आरोपों के चलते NEET UG 2026 परीक्षा का पेपर रद्द किए जाने की जांच के सिलसिले में CBI की एक टीम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के दिल्ली स्थित कार्यालय पहुंची है।
क्या इनके नेता पेपर लीक करा रहे हैं? अरविंद केजरीवाल ने बोला हमला
NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द होने पर, AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, ” 2017, 2021, 2024 में पेपर लीक हुए थे। उस समय सीबीआई को जांच सौंप दी गई। क्या सीबीआई ने कुछ किया? इस बार भी सीबीआई को जांच सौंपी गई है। क्या सीबीआई कुछ करेगी? सीबीआई उन्हीं लोगों को रिपोर्ट करती है जो देश में पेपर लीक करा रहे हैं। जब से मोदी सरकार आई है तब से कुल 93 पेपर लीक हुए हैं। करीब 6 करोड़ युवाओं का भविष्य इन पेपरों में बंद था। इससे शक तो पैदा होता है। क्या इनके नेता पेपर लीक करा रहे हैं? अगर नेपाल और बांग्लादेश के जेन-जी सरकार बदल सकते है तो क्या हमारे देश के जेन-जी पेपर लीक करने वाले मंत्रियों को जेल नहीं भेज सकता है।”
NTA को बदलने की मांग, FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि NTA द्वारा नीट यूजी 2026 के आयोजन में “व्यवस्थित विफलता” हुई है। याचिका में मांग की गई है कि NTA को बदला जाए या उसका पूरी तरह से पुनर्गठन किया जाए। साथ ही, NEET-UG 2026 की नई परीक्षा न्यायिक निगरानी में कराई जाए।
नीट पेपर लीक केस में सामने आया गुरुग्राम कनेक्शन
नीट पेपर लीक केस में अब गुरुग्राम कनेक्शन सामने आया। इस मामले में गुरुग्राम के फरुखनगर से एमबीबीएस छात्र को हिरासत में लिया गया है। डॉक्टर बनने से पहले पेपर लीक में छात्र यश का नाम सामने आया। राजस्थान पुलिस की एसओजी टीम ने कल रात गुरुग्राम के खुरमपुर गांव में रेड मारी थी। पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े होने के शक में छात्र यश को हिरासत में लिया गया है। एमबीबीएस छात्र पर पेपर लीक गैंग और परीक्षार्थियों के बीच कड़ी होने का शक है। राजस्थान पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर राजस्थान रवाना हुई। हरियाणा से राजस्थान तक फैले नेटवर्क की जांच में एजेंसियां जुटी हैं।
राजस्थान एसओजी ने क्या कहा था?
NTA ने क्या कहा था?
रविवार को NTA ने कहा था कि प्रश्न-पत्रों को GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों के जरिए भेजा गया था। उन पर यूनिक और ट्रैसेबल वॉटरमार्क मौजूद था। परीक्षा केंद्रों की निगरानी केंद्रीय कंट्रोल रूम से AI असिस्टेड CCTV सिस्टम के जरिए की गई। सभी अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराया गया और केंद्रों पर 5G जैमर लगाए गए।
राजस्थान से हुआ पेपर लीक मामले का खुलासा?
पेपर लीक की जांच करेगी सीबीआई
NEET UG Exam 2026 Cancelled LIVE: दिल्ली में NTA दफ्तर पहुंची CBI की टीम, गुरुग्राम से MBBS छात्र हिरासत में
यह परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। हालांकि पेपर लीक की आशंका के चलते यह सवालों के घेरे में आ गई थी। एनटीए ने कहा है कि जल्द ही परीक्षा की नई तारीखों का एलान कर दिया जाएगा।
NEET Paper Leak Case LIVE: केद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें:कांग्रेस
NEET Paper Leak Case LIVE: नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस ने केद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है. कांग्रेस ने आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के लिए सरकार से बच्चों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है.
संयुक्त संसदीय कमेटी का गठन हो और जांच हो: कांग्रेस
NEET Paper Leak Case LIVE: नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस ने सरकार और बीजेपी पर हमला बोला है.कांग्रेस ने कहा है कि पेपर रद्द समाधान नहीं है.सरकार एग्जाम कराने में असफल है. पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक, 48 में रिटेस्ट हुए हैं.कांग्रेस ने इस मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय कमेटी के गठन करने की मांग की है.







