पटना के आईजीआईएमएस नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा. बीएससी नर्सिंग की छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. छात्राओं का आरोप है कि प्राचार्य और उप-प्राचार्य उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं और जानबूझकर फेल कर देते हैं. इसी के विरोध में छात्राओं ने क्लास का बहिष्कार कर धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने कॉलेज के मेन गेट को जाम कर दिया, जिससे अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई. शेखपुरा और बेली रोड की सड़क पर भी यातायात प्रभावित रहा. कई मरीज अस्पताल के अंदर नहीं जा सके. छात्राओं का कहना है कि उन्होंने अपनी शिकायत लेकर डायरेक्टर से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया. इससे नाराज छात्राएं सड़क पर उतर गईं और लगातार नारेबाजी कर रही हैं. छात्राओं की मांग है कि प्राचार्य और उप-प्राचार्य इस्तीफा दें, तभी आंदोलन खत्म होगा. अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है. वहीं, प्रदर्शन के कारण अस्पताल की व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले का समाधान कब तक निकालता है.
छात्राएं अस्पताल के मेन गेट के बाहर धरने पर बैठी हैं, जिससे एंबुलेंस और डॉक्टरों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।प्रदर्शन कर रही छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज की प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल उनके साथ मारपीट करती हैं, गालियां देती हैं और जानबूझकर परीक्षा में फेल किया जाता है।छात्राओं का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।वहीं, अस्पताल परिसर में बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है।फिलहाल मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज की प्रिंसिपल अनुजा डैनियल और वाइस प्रिंसिपल रुपाश्री दासगुप्ता उनके साथ मारपीट करती हैं। उन्हें गालियां देती हैं। जानबूझकर उन्हें एग्जाम में फेल किया जाता है। कई बार शिकायत के बाद भी दोनों पर कोई एक्शन नहीं लिया गया।
अब जानिए प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने क्या आरोप लगाए हैं
छात्राओं का प्रदर्शन बुधवार यानी 6 मई से चल रहा है। गुरुवार को भी छात्राओं ने कैंपस के अंदर प्रदर्शन किया था। धरने में साल 2021 से 2025 तक की अलग-अलग बैच की लगभग 450 छात्राएं शामिल थीं। छात्राओं ने सुबह से ही कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया और कॉलेज के मुख्य गेट पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।
उनके हाथों में ‘कॉलेज कोठा नही हैं’, “मानसिक प्रताड़ना बंद करो”, “हमें न्याय चाहिए” और “प्रिंसिपल व वाइस प्रिंसिपल को बर्खास्त करो” जैसे नारे लिखे पोस्टर और तख्तियां थीं।
छात्राओं ने प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।






