ADVERTISEMENT
Sunday, August 2, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

सीजफायर खत्म हुआ तो क्या होगा?

UB India News by UB India News
April 12, 2026
in कारोबार, खास खबर
0
सीजफायर खत्म हुआ तो क्या होगा?

RELATED POSTS

पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन ने आयोजित किया बीमा जागरूकता सत्र

क्या राजनीतिक दलों के इशारे पर जंतर-मंतर पर हुई हिंसा !

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर जब इस्लामाबाद में वार्ता हुई, तो उम्मीद की जा रही थी कि कुछ तो हल निकलेगा लेकिन ये प्रयास पूरी तरह से विफल निकल गया. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान से बिना किसी समझौते के लौट आए. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को अपना अंतिम और सबसे अच्छा प्रस्ताव दे दिया है. वांस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमने 21 घंटे तक अच्छी नीयत से बातचीत की. अब फैसला ईरान को करना है कि वह प्रस्ताव स्वीकार करता है या नहीं. अब सवाल ये कि अगर दो हफ्ते के सीजफायर का समय गुजर गया, तो ट्रंप के पास विकल्प क्या होंगे?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जस्ट द न्यूज का आर्टिकल शेयर करते हुए अपना रिएक्शन शेयर कर दिया है.

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दिए विकल्प.
उनका इशारा ईरान को लेकर वेनेजुएला वाली नीति की तरह है. अमेरिका ने निकोलस मादुरो को पकड़ने से पहले नौसैनिक घेराबंदी लगाकर उस देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह तोड़ दिया था. तेल की आमदनी बंद कर दी गई थी. अब अगर ईरान शनिवार को दिए गए अंतिम समझौते को मानने से इनकार कर देता है, तो ट्रंप दो रास्ते चुन सकते है-‘
  • उनके पास पहला रास्ता तो ये है कि वो तेहरान को पाषाण युग में वापस भेजने के लिए बमबारी कर सकते हैं, जैसा उन्होंने वादा किया था.
  • दूसरा ये कि वो फिर वेनेजुएला वाली उसी सफल रणनीति को दोहरा सकते हैं और ईरान की अर्थव्यवस्था को नौसैनिक घेराबंदी से घुटने पर ला सकते हैं.

फारस की खाड़ी में पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत

लेक्सिंगटन इंस्टीट्यूट की राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ रेबेका ग्रांट ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के लिए होर्मुज में आने-जाने वाले हर जहाज पर पूरी निगरानी रखना बहुत आसान है. पिछले 24 घंटे में 10 जहाज गुजरे हैं, उनमें एक रूसी टैंकर भी था. चीन और भारत को तेल पहुंच रहा है. अगर ईरान जिद पर अड़ा रहा तो अमेरिकी नौसेना खर्ग द्वीप और ओमान के पास संकरे रास्ते पर पूरी नजर रख सकती है. कोई भी जहाज बिना अमेरिकी नौसेना की अनुमति के नहीं गुजर सकेगा. इससे चीन-भारत पर भी दबाव बढ़ेगा क्योंकि दोनों देश ईरान से तेल खरीदते हैं. मजेदार बात यह है कि वेनेजुएला घेराबंदी का नेतृत्व करने वाला विशाल युद्धपोत यूएसएस जेराल्ड फोर्ड अब फारस की खाड़ी में पहुंच गया है. कुछ दिन पहले इसमें आग लगने से मरम्मत और आराम के लिए रुका था. अब यह यूएसएस अब्राहम लिंकन और दूसरे बड़े युद्धपोतों के साथ तैनात है. विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप आसानी से ईरान के होर्मुज पर नियंत्रण हासिल कर सकते हैं.

खर्ग द्वीप होगा ट्रंप के एजेंडे में

ट्रंप का मुख्य लक्ष्य था कि ईरान अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ दे, लेकिन वेंस ने कहा कि अभी तक ऐसा नहीं हुआ है. अस्थायी युद्धविराम का समय खत्म हो रहा है. ट्रंप प्रशासन पहले से ही कई विकल्प तैयार कर चुका है. रिटायर्ड जनरल जैक कीन ने पिछले हफ्ते ही सुझाव दिया था कि अगर युद्ध फिर शुरू हो तो ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा किया जा सकता है या उसे नष्ट किया जा सकता है. उन्होंने लिखा कि नौसेना घेराबंदी लगाकर ईरान की तेल निर्यात लाइन बंद कर दी जाए तो उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी, यही सबसे बड़ा दबाव होगा.
ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर जब इस्लामाबाद में वार्ता हुई, तो उम्मीद की जा रही थी कि कुछ तो हल निकलेगा लेकिन ये प्रयास पूरी तरह से विफल निकल गया. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान से बिना किसी समझौते के लौट आए. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को अपना अंतिम और सबसे अच्छा प्रस्ताव दे दिया है. वांस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमने 21 घंटे तक अच्छी नीयत से बातचीत की. अब फैसला ईरान को करना है कि वह प्रस्ताव स्वीकार करता है या नहीं. अब सवाल ये कि अगर दो हफ्ते के सीजफायर का समय गुजर गया, तो ट्रंप के पास विकल्प क्या होंगे?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जस्ट द न्यूज का आर्टिकल शेयर करते हुए अपना रिएक्शन शेयर कर दिया है.

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दिए विकल्प.
उनका इशारा ईरान को लेकर वेनेजुएला वाली नीति की तरह है. अमेरिका ने निकोलस मादुरो को पकड़ने से पहले नौसैनिक घेराबंदी लगाकर उस देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह तोड़ दिया था. तेल की आमदनी बंद कर दी गई थी. अब अगर ईरान शनिवार को दिए गए अंतिम समझौते को मानने से इनकार कर देता है, तो ट्रंप दो रास्ते चुन सकते है-‘
  • उनके पास पहला रास्ता तो ये है कि वो तेहरान को पाषाण युग में वापस भेजने के लिए बमबारी कर सकते हैं, जैसा उन्होंने वादा किया था.
  • दूसरा ये कि वो फिर वेनेजुएला वाली उसी सफल रणनीति को दोहरा सकते हैं और ईरान की अर्थव्यवस्था को नौसैनिक घेराबंदी से घुटने पर ला सकते हैं.

फारस की खाड़ी में पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत

लेक्सिंगटन इंस्टीट्यूट की राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ रेबेका ग्रांट ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के लिए होर्मुज में आने-जाने वाले हर जहाज पर पूरी निगरानी रखना बहुत आसान है. पिछले 24 घंटे में 10 जहाज गुजरे हैं, उनमें एक रूसी टैंकर भी था. चीन और भारत को तेल पहुंच रहा है. अगर ईरान जिद पर अड़ा रहा तो अमेरिकी नौसेना खर्ग द्वीप और ओमान के पास संकरे रास्ते पर पूरी नजर रख सकती है. कोई भी जहाज बिना अमेरिकी नौसेना की अनुमति के नहीं गुजर सकेगा. इससे चीन-भारत पर भी दबाव बढ़ेगा क्योंकि दोनों देश ईरान से तेल खरीदते हैं. मजेदार बात यह है कि वेनेजुएला घेराबंदी का नेतृत्व करने वाला विशाल युद्धपोत यूएसएस जेराल्ड फोर्ड अब फारस की खाड़ी में पहुंच गया है. कुछ दिन पहले इसमें आग लगने से मरम्मत और आराम के लिए रुका था. अब यह यूएसएस अब्राहम लिंकन और दूसरे बड़े युद्धपोतों के साथ तैनात है. विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप आसानी से ईरान के होर्मुज पर नियंत्रण हासिल कर सकते हैं.

खर्ग द्वीप होगा ट्रंप के एजेंडे में

ट्रंप का मुख्य लक्ष्य था कि ईरान अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ दे, लेकिन वेंस ने कहा कि अभी तक ऐसा नहीं हुआ है. अस्थायी युद्धविराम का समय खत्म हो रहा है. ट्रंप प्रशासन पहले से ही कई विकल्प तैयार कर चुका है. रिटायर्ड जनरल जैक कीन ने पिछले हफ्ते ही सुझाव दिया था कि अगर युद्ध फिर शुरू हो तो ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा किया जा सकता है या उसे नष्ट किया जा सकता है. उन्होंने लिखा कि नौसेना घेराबंदी लगाकर ईरान की तेल निर्यात लाइन बंद कर दी जाए तो उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी, यही सबसे बड़ा दबाव होगा.
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन ने आयोजित किया बीमा जागरूकता सत्र

पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन ने आयोजित किया बीमा जागरूकता सत्र

by UB India News
August 1, 2026
0

पटना, 1 अगस्त। पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन (PMA) ने इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट (ISTD), पटना चैप्टर के सहयोग से...

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

क्या राजनीतिक दलों के इशारे पर जंतर-मंतर पर हुई हिंसा !

by UB India News
August 1, 2026
0

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. पुलिस...

क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….

क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….

by UB India News
August 1, 2026
0

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार शाम पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने कायराना हरकत करते हुए दो गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया....

क्या जमीन पर भी बदलेंगे हालात…………..

क्या जमीन पर भी बदलेंगे हालात…………..

by UB India News
August 1, 2026
0

पीएम नरेंद्र मोदी ने देर रात इंस्टाग्राम पर फिर से वीडियो मेसेज जारी किया. इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर पेपर...

हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं ……………..

हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं ……………..

by UB India News
August 2, 2026
0

जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत सूर्य मैथिल नाम...

Next Post
‘इस्लामाबाद टॉक्स’ : बड़ा सवाल- इस भव्य इवेंट का बिल कौन भरेगा?

‘इस्लामाबाद टॉक्स’ : बड़ा सवाल- इस भव्य इवेंट का बिल कौन भरेगा?

मशहूर गायिका आशा भोसले का ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ निधन , कल होगा अंतिम संस्कार …………

मशहूर गायिका आशा भोसले का ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ निधन , कल होगा अंतिम संस्कार ............

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend