ईरान युद्ध से गैस सप्लाई में अड़चन आने के बाद बुधवार को देश के कई शहरों में रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई जगहों पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ इलाकों में सिलेंडर की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में आम उपभोक्ताओं के मन में सवाल है कि यह संकट कब तक जारी रहेगा और रसोई गैस की आपूर्ति कब सामान्य होगी।
पटना जिला प्रशासन ने किया स्पष्ट
एजेंसियों का दावा, गैस की कमी नहीं
उपभोक्ताओं की परेशानी भी सामने आई
आपूर्ति और वितरण को लेकर सवाल
अफवाहों से बचने की प्रशासन की अपील
लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में जबरदस्त लाइन
लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में कोई सुबह 7:00 बजे से लाइन में लगा है। कोई 9:00 बजे से लगा है। किसी ने गैस 10 दिन पहले बुक की थी। किसी ने 5 दिन पहले बुक की थी। किसी ने एक महीने पहले बुक की थी, लेकिन लोगों के हाथों में अभी तक गैस सिलेंडर नहीं पहुंचा है, सिलेंडर मिलेगा या नहीं, मिलेगा तो कब मिलेगा इसका किसी के पास फिलहाल माकुल जवाब नहीं है। ज्यादातर लोग कह रहे हैं कि उनके घरों में सिलेंडर खत्म हो चुका है खाना बनाने के लिए पड़ोसी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। कोई कह रहा है इंडक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं, कोई कह रहा है भट्टी पर खाना बना रहे हैं, लेकिन घर में सिलेंडर न होने की वजह से परेशानी बहुत बढ़ गई है।
सिलेंडर बुक करने के लिए कॉल नहीं लग रहा
मोहाली के जीरकपुर में गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी कतारें हैं। लोग परेशान हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि वो लगातार सिलेंडर बुक करने के लिए कॉल कर रहे हैं लेकिन नंबर बंद आ रहे हैं। महिलाएं बुज़ुर्ग तमाम लोग सिलेंडर को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि वो सुबह से यहां पर खड़े हैं लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा, वहीं एजेंसी का कहना है कि पहले ही कम लॉग ऑन करके सिलेंडर बुक कराते थे इसलिए कोई दिक्कत नहीं होती थी लेकिन अब लोगों के अंदर काफी ज्यादा पैनिक है एक साथ काफी लोग सिलेंडर बुक करवा रहे हैं जिससे सर्वर डाउन हो रहा है।
नोएडा में एलपीजी सिलेंडर के लिए मचा हाहाकार!
नोएडा के सेक्टर 54 और सेक्टर 63 स्थित गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन है। गैस सिलेंडर की चाहत में उपभोक्ता सुबह से लाइन में लगे हुए हैं। कई उपभोक्ता ऐसे हैं जो कल भी आए थे लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाया था। वहीं सबसे ज्यादा परेशानी कमर्शियल सिलेंडर की है। कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को काफी दिक्कत हो रही है। कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक न के बराबर है जिस वजह से होटल रेस्टोरेंट में सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं जिसकी वजह से कई होटल बंद भी है।
कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा-सहयोग करना होगा
कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के एच मुनियप्पा ने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर को लेकर दिक्कत है, हम अभी उनकी मदद कर पाने की स्थिति में नहीं हैं उन्हें सहयोग करना होगा। कमर्शियल सिलेंडर को लेकर पहली प्राथमिकता हॉस्पिटल और शिक्षण संस्थानों को दी जाएगी। घरेलू एलपीजी को लेकर अभी दिक्कत नहीं है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने हर महीना कम से कम एक सिलेंडर देने का आश्वासन दिया है, ग्राहकों से अपील है कि वो इन हालातों में गैस का सावधानी पूर्वक इस्तेमाल करें। ब्लैक मार्केट करने वाले के खिलाफ एसेंशियल कोमोडिटी एक्ट लगाने का फैसला किया गया है ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
मुंबई में वक्त पर नहीं हो रही डिलीवरी
मुंबई में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी समय पर नहीं हो पा रही। एचपी के ग्राहक हो या भारत पेट्रोलियम के, चार से पांच दिनों क़ी बुकिंग होने के बाद भी डिलीवरी नहीं हो पा रही। जिसके चलते लोग खुद ही गोदाम पहुंचकर बाइक से सिलेंडर घर ले जा रहे हैं। लोगों कहना है कि पहले बुकिंग के दूसरे दिन ही सिलेंडर घर पहुंचा दिया जाता था लेकिन फिलहाल गैस एजेंसी की ओर से भी यह कहा जा रहा है कि गैस सिलेंडर की डिलवरी में देर हो सकती है।
भोपाल में सिलेंडर के लिए जुट रही भीड़
भोपाल के जवाहर चौक इलाके में इंडेन गैस की एजेंसी पर भी जमा भारी भीड़ देखी जा रही है। सिलेंडर बुक करने के लिए जो नंबर दिया जा रहा वह बंद आ रहा। इस वजह से लोगों में नाराजगी है। एजेंसी संचालक आरके डिस्ट्रीब्यूटर के मालिक आरके गुप्ता के मुताबिक 2200 ग्राहक हैं सभी एक साथ कॉल कर रहे। सर्वर ट्रैफिक डाउन हो रहा है।
देशभर से एलपीजी सिलेंडर सप्लाई में दिक्कत
न रसोई गैस की बुकिंग हो रही, न एलपीजी सिलेंडर मिल रहा… ब्लैक मार्केट में 300 रुपये किलो पहुंचा दाम
एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत से देशभर के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नोएडा के रहने वाले लोगों का कहना है कि पिछले 5-6 दिनों से ऑनलाइन गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है. जब लोग गैस एजेंसी से संपर्क करते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि सिस्टम में तकनीकी खराबी है. वहीं एजेंसी पर जाकर पूछने पर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है. गैस बुक कराने के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, लेकिन इसके बाद भी सिलेंडर मिलने की कोई गारंटी नहीं है.
गैस बुकिंग में दिक्कत के चलते लोगों को ब्लैक में गैस खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक किलो गैस के लिए 300 से 400 रुपये तक देने पड़ रहे हैं. गैस बुकिंग कराने आई महिलाओं ने बताया कि एजेंसी वाले उनका नंबर लिखकर बाद में फोन करने की बात कहते हैं, लेकिन कई दिनों बाद भी न तो फोन आता है और न ही गैस मिलती है. लोगों का कहना है कि एजेंसी के बाहर कहा जा रहा है कि गैस उपलब्ध नहीं है, जबकि इलाके में ब्लैक में गैस बेची जा रही है.
एक महिला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे दिल्ली-नोएडा कमाने आए हैं, भूखे रहने के लिए नहीं. अगर सारी कमाई गैस खरीदने में ही खर्च हो जाएगी तो परिवार का गुजारा कैसे होगा. गैस की कमी के कारण कई परिवारों को मजबूरन बाहर से खाना खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है.
रसोई गैस हुई खत्म तो इंडक्शन खरीदने भागे लोग, दुकानों पर भीड़
रसोई गैस संकट की खबरों के बीच अब इलेक्ट्रिकल शॉप्स पर इंडक्शन की मांग में इजाफा देखने को मिल रहा है. दिल्ली के दरियागंज की एक इलेक्ट्रिकल शॉप्स के मालिक विकास ने बताया कि पिछले दो तीन दिन से इंडक्शन की मांग और इंक्वायरी बढ़ गई है. इंडक्शन खरीदने आए एक ग्राहक मोहम्मद शफी ने बताया कि गैस की दिक्कत है इसलिए खरीद रहे हैं. गैस की बुकिंग नहीं हो पा रही है. फिलहाल के लिए गैस है, लेकिन सेफ साइड के लिए ले रहे हैं, अगर नहीं मिली तो इंडक्शन रहे.
एलपीजी सप्लाई बंद होने जयपुर का बोरोसिल प्लांट ठप, 3000 मजदूरों की कर दी गई छुट्टी
अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान की जंग का असर अब भारत के उद्योगों पर भी दिखने लगा है. जयपुर के गोविंदगढ़ क्षेत्र में स्थित बोरोसिल लिमिटेड की फैक्ट्री में एलपीजी गैस की आपूर्ति बंद होने से उत्पादन प्रभावित हो गया है. इसके चलते कंपनी प्रबंधन ने करीब तीन हजार श्रमिकों को बुधवार से काम पर नहीं आने के लिए कह दिया है.
मंगलवार को गैस सप्लाई बाधित होने के कारण फैक्ट्री का कामकाज ठप पड़ने लगा. कंपनी में काम करने वाले श्रमिकों को जब इसकी जानकारी मिली तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बड़ी संख्या में महिला श्रमिक फैक्ट्री के बाहर इकट्ठा हो गईं और रोजगार को लेकर नाराजगी जताते हुए विरोध करने लगीं. महिला श्रमिकों का कहना है कि कंपनी में मिलने वाली मजदूरी से ही उनके परिवार का खर्च चलता है और बैंक की किश्तें भी उसी आय से चुकाई जाती हैं. ऐसे में अचानक काम बंद होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. श्रमिकों ने मांग की कि उन्हें रोजाना काम पर बुलाया जाए और उनके रोजगार को प्रभावित न किया जाए.







