UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के रिजल्ट ने एक बार फिर बिहार की ‘प्रतिभा की धरती’ वाली छवि को पुख्ता किया। इस साल का परिणाम पिछले साल की तुलना में कहीं बेहतर रहा है, जहां टॉप-20 की लिस्ट में बिहार के 5 कैंडिडेट्स को कामयाबी मिली। मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला ने देशभर में चौथा स्थान हालिस कर राज्य में टॉप किया है। इस सफलता की कहानी में केवल रैंक ही नहीं, बल्कि संघर्ष और दृढ़ संकल्प के अद्भुत उदाहरण भी शामिल हैं। कुल 958 सफल उम्मीदवारों में बिहार के 50 से अधिक नौजवानों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है।
राघव झुनझुनवाला बने स्टेट टॉपर
मुजफ्फरपुर के सरैयागंज के रहने वाले राघव झुनझुनवाला ने देशभर में चौथी रैंक हासिल की है। दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक राघव को ये सफलता तीसरे प्रयास में मिली। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय निरंतरता और परिवार के अटूट विश्वास को दिया है।
मुजफ्फरपुर के सरैयागंज इलाके स्थित पंकज मार्केट के रहने वाले राघव झुनझुनवाला ने अपने तीसरे प्रयास में यह बड़ी सफलता हासिल की है. लंबे समय तक कड़ी मेहनत और धैर्य के बाद उन्हें यह मुकाम मिला है. राघव की सफलता ने यह साबित कर दिया कि लगातार प्रयास और मजबूत लक्ष्य के साथ किसी भी बड़ी परीक्षा को पास किया जा सकता है. राघव की शुरुआती पढ़ाई मुजफ्फरपुर के दिल्ली पब्लिक स्कूल से हुई. स्कूल के दिनों से ही वह पढ़ाई में मेधावी छात्र रहे हैं. इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली का रुख किया और देश के प्रतिष्ठित कॉलेज श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (Shri Ram College of Commerce) से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा और उसी दिशा में तैयारी शुरू कर दी.
टॉप-20 में बिहार के पांच जांबाज
बिहार से सेलेक्टेड टॉपर्स में वैशाली के उज्ज्वल प्रियांक (10वीं रैंक), सारण के यशस्वी राजवर्धन (11वीं रैंक), औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव (16वीं रैंक) और नवादा के रवि राज (20वीं रैंक) शामिल हैं। इन अभ्यर्थियों ने अपनी कड़ी मेहनत से टॉप 20 लिस्ट में जगह बनाई।
प्रेरणा की प्रतिमूर्ति दृष्टिबाधित रवि राज
नवादा के रवि राज की सफलता सबसे अधिक प्रेरणादायक है। शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 20वीं रैंक हासिल की। उन्होंने कहा कि 2024 में 182वीं रैंक पाकर फिलहाल नागपुर में इनकम टैक्स कमिश्नर (आईआरएस) की ट्रेनिंग ले रहा हूं। ये पांचवां प्रयास था। रवि ने कहा कि वो खुद देख या लिख नहीं सकता, लेकिन मन में लक्ष्य को पूरा करने की जिद थी। 69वीं बीपीएससी में भी रवि ने 490वीं रैंक हासिल की थी।
विरासत और सफलता का संगम
सारण के यशस्वी राजवर्धन (11वीं रैंक) के पिता खुद एक IAS अधिकारी हैं, जिनसे प्रेरित होकर उन्होंने ये मुकाम पाया। वहीं, ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने 301वीं रैंक लाकर सुर्खियां बटोरी हैं। औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव ने भी अपने दूसरे प्रयास में 16वीं रैंक लाकर सुधार की मिसाल पेश की।
छोटे शहरों से बड़े सपनों की उड़ान
पटना के इशित्व आनंद (50वीं रैंक) और आकाश कुमार (101वीं रैंक) के साथ-साथ समस्तीपुर के आयुष और भोजपुर की रुचि सिंह ने भी सफलता के झंडे गाड़े हैं। संघ लोक सेवा आयोग के अनुसार, इस साल कुल सफल 958 उम्मीदवारों में 659 पुरुष हैं और 299 महिलाएं शामिल हैं।
बिहार के गोपालगंज के अभिनव अशोक ने यह साबित कर दिया कि मंजिल पाने के लिए कभी कभी दूसरी कोशिश भी जरूरी होती है. UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 247वीं रैंक हासिल कर उन्होंने IAS बनने की राह मजबूत कर ली. खास बात यह है कि इससे पहले वे परीक्षा पास कर IPS बन चुके थे और हैदराबाद में प्रशिक्षण ले रहे थे, लेकिन उनका सपना अभी भी IAS बनने का ही था.
इस परीक्षा में बिहार के किशनगंज की रहने वाली जूही ने अदम्य साहस की मिसाल कायम करते हुए बेहतरीन सफलता हासिल की है. इंटरव्यू के 10 दिन पहले पिता की मौत से जहां पूरा परिवार शोक में था, वहीं जूही आंखों में आंसू लिए इंटरव्यू देने पहुंची और पिता के सपने को पूरा कर मेरिट लिस्ट में जगह भी बनाई.
समस्तीपुर के अभिषेक चौहान ने UPSC में सफलता हासिल कर जिले और परिवार का नाम रोशन किया. उनकी सफलता असफलता से शुरू होकर मेहनत और दृढ़ संकल्प के रास्ते मंजिल तक पहुंची. हालांकि उनकी इस सफलता में परिवार का सहयोग अहम रहा है.
दरभंगा जिले के दो युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. बेनीपुर प्रखंड के नवादा रमौली गांव के अभिषेक कुमार झा ने ऑल इंडिया 231वीं रैंक हासिल की है, जबकि बिरौल प्रखंड के भवानीपुर पंचायत के नवहटोल निवासी सौरभ कुमार ने 689वीं रैंक प्राप्त की है. दोनों युवाओं की सफलता से गांव, परिवार और पूरे इलाके में खुशी का माहौल है.
गया के बेलागंज की वैष्णवी ने अपने पहले ही प्रयास में UPSC में 298वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है. दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक वैष्णवी ने अपनी सफलता का श्रेय कड़े अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य को दिया. इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव दादपुर सहित पूरे जिले में जश्न का माहौल है.







