कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत दौरे पर हैं। सोमवार को उनकी मुलाकात दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई। राष्ट्रीय राजधानी के हैदराबाद हाउस में दोनों नेता मिले। इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ मिलाते हुए फोटो खिंचवाई और फिर उनके बीच द्विपक्षीय मीटिंग शुरू हुई। प्रधानमंत्री मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के बीच व्यापार, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में वार्ता का अनुमान है। इसके साथ ही भारत-कनाडा संबंधों को और गहरा करने के लिए भी एक व्यापक रूपरेखा पर चर्चा की उम्मीद है।
द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई दिशा
माना जा रहा कि इस बैठक में दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच एक ‘ठोस एजेंडे’ के तहत व्यापक वार्ता हुई। ये मुलाकात दोनों पक्षों की ओर से द्विपक्षीय संबंधों को फिर से स्थापित करने के प्रयासों को और मजबूत करेगी। 2023 में एक खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर हुए राजनयिक विवाद के बाद भारत-कनाडा के संबंधों में गतिरोध पैदा हो गया था। दोनों देशों में रिश्ते बिगड़ने लगे थे। हालांकि, अब स्थिति अलग है।
ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर बात
वैसे जनवरी, 2026 में गोवा में इंडिया इनर्जी वीक के दौरान भारत व कनाडा ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर फिर से बात की है। दोनों देशों के बीच सितंबर 2016 में ऊर्जा वार्ता की शुरुआत हुई थी, जिसे वर्ष 2018 में तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो की भारत यात्रा के दौरान विस्तारित किया गया था। लेकिन, बाद में यह भी द्विपक्षीय संबंधों में तनाव की भेंट चढ़ गई।
मुंबई के बाद अब दिल्ली में कनाडाई पीएम
कनाडा पीएम कार्नी मुंबई में दो दिन बिताने के बाद रविवार को नई दिल्ली पहुंचे। मुंबई में उन्होंने कई उद्योगपतियों से मुलाकात की। पीएम मोदी और कार्नी की सोमवार को हुई मुलाकात इजराइल और अमेरिका के ईरान पर किए गए हमले की पृष्ठभूमि में हो रही। ऐसे में दोनों नेताओं से पश्चिम एशिया की समग्र स्थिति पर भी बातचीत के आसार हैं। इस संबंध में भी विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद जताई जा रही है।
पीएम मोदी के साथ इन मुद्दों पर होगी बात
माना जा रहा है कि भारत और कनाडा के बीच असैन्य परमाणु सहयोग की दिशा में कुछ प्रगति हो सकती है। भारत प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए उत्सुक है, जिससे उसे कनाडा से यूरेनियम आयात करने की अनुमति मिल सकेगी। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ पीएम मोदी ने ये मुलाकात की है।
दोनों देशों के बीच नए सिरे से बातचीत होगी
सूत्रों ने बताया है कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच नए सिरे से बातचीत शुरू होने जा रही है। वैसे जून 2010 में हस्ताक्षरित और सितंबर 2013 से लागू परमाणु सहयोग समझौते (एनसीए) के तहत शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा उपयोग में सहयोग के लिए संयुक्त समिति गठित की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी की अप्रैल 2015 की कनाडा यात्रा के दौरान भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग और कनाडा की कामेको कारपोरेशन के बीच 2015 – 2020 के लिए यूरेनियम आपूर्ति समझौता हुआ था।
10 वर्षीय नए अनुबंध को अंतिम रूप देने के करीब दोनों देश
सूत्रों के अनुसार अब दोनों पक्ष 10 वर्षीय नए अनुबंध को अंतिम रूप देने के करीब हैं, जिससे भारत की दीर्घकालिक परमाणु ईंधन सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। प्रौद्योगिकी, दुर्लभ खनिज और अंतरिक्ष तीन ऐसे सेक्टर हैं जहां भारत व कनाडा के बीच सहयोग की नई संभावनाएं देखी जा रही हैं।
इस बार वार्ता को निश्चित समय सीमा और चरणबद्ध लक्ष्य के साथ आगे बढ़ाने की योजना है, ताकि व्यापार और निवेश प्रवाह में ठहराव को दूर किया जा सके। दोनों देशों के बीच पहले भी इस बारे में बातचीत होती रही है, जो वर्ष 2023 के बाद बाधित है।
ट्रूडो के कार्यकाल में खराब हुए रिश्ते
वर्ष 2023 में तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि भारत सरकार उसके नागरिकों की हत्या कराने की साजिश रच रही है। यह आरोप खालिस्तान समर्थक आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के संदर्भ में लगाया गया था। भारत ने आरोप को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया था। कार्नी ने मार्च, 2025 में सत्ता संभाली और तब से लगातार संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश जारी है।
कनाडा पीएम के भारत दौरे की बड़ी बातें
कनाडाई पीएम कार्नी पत्नी डायना फॉक्स कार्नी के साथ 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर शुक्रवार को मुंबई पहुंचे हैं।
मुंबई में कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वह सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे।
राष्ट्रीय राजधानी के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से कनाडा पीएम कार्नी की मुलाकात हुई।
पीएम कार्नी हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ डेलीगेशन-लेवल की बातचीत।
दोनों नेता के बीच नई दिल्ली में भारत-कनाडा सीईओ फोरम में शामिल होने के अलावा क्षेत्रीय और ग्लोबल डेवलपमेंट पर भी बात







