अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले चार दिनों से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया, अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं। इस कार्रवाई से दोनों पड़ोसी देशों के बीच हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बीते चार दिनों से लगातार हवाई हमले और गोलीबारी जारी है। तालिबान सरकार का कहना है कि हमने पाकिस्तान के बेहद संवेदनशील नूर खान एयरबेस पर हमला किया है। यह एयरबेस रावलपिंडी में है।
इसके साथ ही तालिबान के एक मंत्री ने दावा किया कि उनके लड़ाके डूरंड लाइन पार कर पाकिस्तान की जमीन में घुस चुके हैं। तालिबान के मुताबिक, क्वेटा और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं।
ये कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से काबुल, बगराम और अन्य इलाकों में किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई। दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार ने दावा किया है कि अब तक 400 से ज्यादा अफगान लड़ाके मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं।
तालिबान के अनुसार, जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं:
- नूर खान एयरबेस
- बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वीं कोर का मुख्यालय
- खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद क्षेत्र का एक सैन्य कैंप
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी।
पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था।
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमले रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर हुए। इसके अलावा बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वीं डिवीजन के मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई कैंप पर भी बमबारी की गई। तालिबान का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तान के कई अन्य जरूरी सैन्य कमांड सेंटरों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
यह तनाव तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का एलान कर दिया। पाकिस्तान ने शुक्रवार को काबुल और कंधार में एयरस्ट्राइक की थीं। इसके कुछ घंटों बाद ही अफगान सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पाकिस्तान की वायुसेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसे मई 2025 में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय भी निशाना बनाया गया था। उस हमले में बेस के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा था।
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने रात भर चले हमलों में 32 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनकी 203 मंसूरी, 201 सिलाब और 205 अल-बद्र कॉर्प्स ने इन ऑपरेशनों को पूरा किया। इस दौरान 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 10 घायल हुए और चार सैन्य चौकियां पूरी तरह तबाह हो गईं। अफगान सेना ने पाकिस्तान के दो सैन्य ड्रोन भी मार गिराए हैं।
डिप्टी प्रवक्ता सेदिकुल्लाह नसरत ने बताया कि सेना ने नंगरहार, पक्तिया, खोस्त और कंधार प्रांतों में दुश्मन के खिलाफ लेजर हथियारों और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया। फिलहाल इन हमलों के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव बना हुआ है।







