किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हो रही है. आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सैफुल्लाह को जवानों ने घेर लिया है. दोनों तरफ से जोरदार फायरिंग हो रही है. ठंड के मौसम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी लगातार भारत में घुसपैठ करने का प्रयास करते रहते हैं. बर्फबारी के कारण बॉर्डर पर चौकसी आमतौर पर कम हो जाती है, क्योंकि बेहद खराब मौसम की वजह से पैनी निगाह रख पाना आसान नहीं होता है. लेकिन इस बार सुरक्षबलों ने अपनी रणनीति बदल दी और जोरदार ठंड के बावजूद आतंकवादियों के खिलाफ लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया. सेना, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर कई आतंकवादियों को एलिमिनेट कर चुके हैं.
जानकारी के अनुसार, किश्तवाड़ में फिर मुठभेड़ शुरू हो गया है. इस बार सुरक्षाबलों के चंगुल में जैश कमांडर सैफुल्लाह फंस गया है. जैश का आतंकवादी आदिल की मौत के बाद से सैफुल्लाह लगातार अपनी जगह बदल रहा था. वह आदिल का साथी भी है. सुरक्षाबलों और सुरक्षाबलों की तरफ से लगातार गोलीबारी जारी है. भारतीय सुरक्षाबल के जवान पिछले कुछ महीने से लगातार सैफुल्लाह की तलाश में थे. जम्मू-कश्मीर के घने जंगलों और बर्फ से लदी पहाड़ियों में सतत तलाशी अभियान चलाया जा रहा था. अब जाकर जैश कमांडर सुरक्षाबलों के घेरे में आया है.
दो से तीन आतंकवादी घिरे
रविवार 22 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चतरू इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई. सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के दो से तीन आतंकियों को घेर लिया है. बर्फ से ढके चतरू के वन क्षेत्र में पिछले महीने आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच करीब आधा दर्जन मुठभेड़ें हुई थीं, जिनमें एक जवान शहीद हो गया था, जबकि एक आतंकी भी मारा गया था. रविवार को मुठभेड़ तब शुरू हुई जब सेना के जवानों ने दो संदिग्ध आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद चतरू के जंगलों में तलाशी अभियान शुरू किया. घिरे हुए इलाके में अतिरिक्त जवानों की टीम को भेज दिया गया है.
उधमपुर में मारे गए थे दो आतंकवादी
फरवरी की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक शीर्ष कमांडर सहित दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया था. मारे गए आतंकवादियों के पास से M4 कार्बाइन और AK असॉल्ट राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था. आतंकवादी एक गुफा के अंदर छिपे हुए थे. एक आतंकवादी का शव गुफा के मुहाने पर पड़ा मिला, जबकि दूसरा गुफा के भीतर गहराई में पाया गया था. मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान रुबानी उर्फ अबू माविया के रूप में हुई थी, जो जैश-ए-मोहम्मद संगठन का शीर्ष कमांडर था और पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय था. दूसरे आतंकवादी की पहचान जुबैर के रूप में हुई है.