मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर अभी तक सत्ता में बने हैं तो प्रमुख कारणों में से एक बिहार में लागू शराबबंदी कानून भी है. प्रदेश की महिलाएं इस फैसले से खुश हैं और यही कारण है कि एक खास वोट नीतीश कुमार को भी जाता है. इस बीच बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग उठती रही है. अब बीजेपी की ओर से बड़ा बयान आया है. इस बयान से नीतीश कुमार की टेंशन बढ़ सकती है.
बिहार बीजेपी के विधायक विनय बिहारी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उनका मानना है कि बिहार में इस बंदी का कोई मतलब नहीं है. यह सही तरीके से लागू नहीं है. उन्होंने भोजपुरी में कहा, “मिलता तबे नु आदमी हिलता, ना मिलित त ना हिलित…”
बंदी का मतलब हो बंदी: विनय बिहारी
बीजेपी विधायक बेतिया में मीडिया से बात कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने शराबबंदी से जुड़े सवाल पर अपना रिएक्शन दिया. उन्होंने कहा, “मैं अपनी बात करता हूं… किसी भी बारात में जाता हूं तो आधे से अधिक लोगों को पीते देखता हूं… पिए हुए देखता हूं… तो मुझे ये लगता है कि या तो सही तरीके से बंद कर दिया जाए या जैसे पहले था वैसे कर दिया जाए. बंदी का मतलब बंदी हो… ऐसा नहीं होना चाहिए कि उस बंदी का कोई प्रभाव नहीं हो… क्या प्रभाव है…?”
VIDEO | BJP MLA Vinay Bihari on liquor prohibition in Bettiah says, “‘Milheta tab hi na aadmi hilata.. naa mili tah na heeli.’ Nowadays, wherever I go to attend a wedding ceremony in India, I see more than half the people consuming alcohol. I feel that the ban should be properly… pic.twitter.com/khDLKIoCcy
— Press Trust of India (@PTI_News) February 22, 2026
कुशवाहा की पार्टी से उठी मांग ने बढ़ाई सियासत
अभी हाल ही में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) के एक विधायक ने सदन में कहा था कि शराबबंदी कानून की फिर से समीक्ष होनी चाहिए. इसके बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इसका समर्थन किया था. उनका कहना था कि छोटे और गरीब लोगों को पकड़ लिया जाता है, बड़े लोग या तस्कर छोड़ दिए जाते हैं. इस तरह से शराबबंदी कानून को लेकर बिहार में सियासत जारी है. उधर जेडीयू ने साफ कर दिया है कि शराबंबदी कानून में जो लो ढिलई चाहते हैं तो ऐसा कुछ नहीं हो सकता है.
अब देखना होगा कि विनय बिहारी के बयान के बाद जेडीयू और सत्ता धारी दल के अन्य नेता इस पर क्या कुछ कहते हैं. विपक्ष पहले से कहता आ रहा है कि शराबंबदी कानून का असर बिहार में नहीं है. कांग्रेस के एक विधायक ने तो यहां तक कहा है कि विधानसभा तक शराब की डिलीवरी हो जाएगी. घर-घर डिलीवरी हो रही है.







