ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीबीसी) 5.0 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस आयोजन के दौरान 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के शिलान्यास की तैयारी की जा रही है। इंवेस्ट यूपी और औद्योगिक विकास विभाग ने निवेश को गति देने के लिए पांच प्रमुख सेक्टर्स को फोकस में रखा है, जिनमें व्यवस्थित तरीके से निवेश को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
चिह्नित फोकस सेक्टर्स में टेक्सटाइल एवं अपैरल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए संबंधित उद्योग संघों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ‘फोकस सेक्टर डेस्क’ बनाए जाएंगे।
टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय तकनीकी वस्त्र संघ, परिधान निर्यात संवर्धन परिषद, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) और उत्तर भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (एनआईटीआरए) के साथ तालमेल किया जाएगा।
ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता सोसायटी से संपर्क किया जा रहा है। वहीं केमिकल्स सेक्टर के लिए भारतीय रासायनिक परिषद और भारतीय विशिष्ट रसायन निर्माता संघ को जोड़ा जाएगा।
विभाग ने देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों से बातचीत भी शुरू कर दी है। टेक्सटाइल सेक्टर में ग्रासिम, ट्राइडेंट, रिलायंस और जीईएसएल, ऑटोमोबाइल में अशोक लीलैंड, मिंडा और टाटा मोटर्स के विस्तार प्रस्ताव, केमिकल्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज और दीपक नाइट्रेट, इलेक्ट्रॉनिक्स में डिक्सन, एम्बर, एचसीएल-फॉक्सकॉन, हायर और एलजी, जबकि जीसीसी सेक्टर में एडोब, एएमडी और जेपी मॉर्गन के निवेश प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं।
सरकार का फोकस उभरते हुए और रोजगारपरक सेक्टरों में निवेश लाकर प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक क्षमता को और मजबूत करने पर है।







