बिहार में चीनी उद्योग में नई जान फूंकने के लिए नीतीश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद पड़ी मिलों के पुनरुद्धार की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने राज्य के 14 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि एक सप्ताह के भीतर उपयुक्त भूमि का चयन कर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए।
कम से कम 100 एकड़ भूमि अनिवार्य
अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि चीनी मिल की स्थापना के लिए चयनित भूमि कम से कम 100 एकड़ होनी चाहिए। इसके साथ ही निजी और सरकारी दोनों तरह की जमीन की उपलब्धता की समीक्षा कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
किन 14 जिलों को भेजा गया पत्र?
मुख्य सचिव ने 14 जिलों के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पटना, नवादा, वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, बेतिया, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, गया जी, शिवहर, रोहतास और पूर्णिया शामिल हैं।
30 से 40 हजार एकड़ गन्ना खेती जरूरी
पत्र में यह भी साफ किया गया है कि प्रस्तावित चीनी मिल के आसपास 30 से 40 हजार एकड़ क्षेत्र में गन्ना की खेती उपलब्ध होनी चाहिए। इसके लिए चयनित स्थल के पास गन्ना उत्पादन और सिंचाई सुविधाओं की स्थिति की भी समीक्षा करने को कहा गया है।
पुरानी बंद मिलों के स्थलों पर भी नजर
नई चीनी मिलों के लिए स्थल चयन के दौरान पुराने और बंद पड़े चीनी मिल परिसरों को भी विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है। इसके अलावा, चीनी मिल स्थल और गन्ना खेती से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार करने के लिए विशेष कृषि टास्क फोर्स गठित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।







