ADVERTISEMENT
Saturday, July 11, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

क्या भारत के खिलाफ फेल हो गए ट्रंप के टैरिफ?

UB India News by UB India News
December 18, 2025
in कारोबार, खास खबर
0
अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए भारत का बड़ा प्लान, 20,000 करोड़ के इस मिशन की तैयारी शुरू

RELATED POSTS

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेगे ………

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और महंगाई पर खतरा बढ़ा ………………………….

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर लगाए गए 50 फीसदी आयात शुल्क के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते लगातार ढलान पर हैं। पहले अमेरिका को हो रहे व्यापार घाटे को लेकर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ के बाद ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ जुर्माने के तौर पर लगाया था। 27 अगस्त से प्रभावी हुए इस बढ़े हुए आयात शुल्क के चलते अगले दो महीने- सितंबर-अक्तूबर में भारत का अमेरिका को निर्यात घटा था। हालांकि, अब नवंबर में जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके मुताबिक ट्रंप के टैरिफ को धता बताते हुए भारत का अमेरिका को निर्यात पिछले साल की तुलना में 22.6 फीसदी बढ़कर करीब सात अरब डॉलर तक पहुंच गया।

ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ट्रंप के टैरिफ के बावजूद भारत ने अपने निर्यात आंकड़ों को कैसे बनाए रखा है? किन सेक्टर्स ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई? इसके अलावा क्या ट्रंप का टैरिफ के जरिए भारत से व्यापार घाटा कम करने का कदम असफल साबित हुआ है? इसकी वजहें क्या हैं?

ट्रंप के टैरिफ के बावजूद कितना बढ़ा भारत का अमेरिका को निर्यात?

नवंबर 2025 के व्यापारिक आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं। 50% टैरिफ की तलवार लटकने के बावजूद, भारत के कुल मर्चेंडाइज निर्यात (Merchandise Exports) ने पिछले 10 वर्षों के नवंबर माह का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर 2025 में भारत का कुल मर्चेंडाइज निर्यात 38.13 अरब डॉलर रहा, जो नवंबर 2024 के 31.94 अरब डॉलर की तुलना में 19.37% अधिक है। यह बढ़ोतरी इसलिए भी अहम है, क्योंकि अक्तूबर 2025 में निर्यात में 12% की गिरावट देखी गई थी, जिसे सीधे तौर पर अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव से जोड़ा जा रहा था।

इस डाटा से साफ है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग लगातार जारी है। यानी टैरिफ की वजह से अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमतें बढ़ने के बावजूद इनकी मांग में कमी नहीं आई है।

अमेरिका और कुछ अन्य देशों को निर्यात में इस उछाल का सबसे बेहतर असर भारत के व्यापार घाटे (Trade Deficit) पर पड़ा है। नवंबर 2025 में व्यापार घाटा गिरकर 6.6 अरब डॉलर (अस्थायी अनुमान) पर आ गया, जो पिछले वर्ष इसी महीने में 17.06 अरब डॉलर था। यह 61% की भारी गिरावट है।

व्यापार घाटे में यह कमी केवल निर्यात बढ़ने से नहीं, बल्कि आयात घटने से भी हुई है। खास तौर पर सोने के आयात में 60% की गिरावट दर्ज की गई, जो अब कम होकर चार अरब डॉलर रह गया। यह घरेलू बाजार में मांग के सामान्यीकरण और त्योहारी-शादी सीजन के बाद की सुस्ती को दर्शाता है।

ट्रंप के टैरिफ से कैसे निपट रहा भारतीय बाजार

अमेरिका की तरफ से लगाए गए टैरिफ के बावजूद भारत का निर्यात बढ़ा है। इसकी एक अहम वजह यह है कि मौजूदा समय में निर्यातक अपने लाभ के मार्जिन को कुछ कम कर अपने सबसे बड़े बाजार को बचाने में जुटे हैं, ताकि चीन, थाईलैंड और एशिया के अन्य देश इस पर ज्यादा कब्जा न जमा पाएं। इसके अलावा त्योहारी सीजन के बीच उत्पादों की बढ़ती मांग ने भी भारत के निर्यात को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

1. लाभ का मार्जिन कम कर रहे निर्यातक
भारतीय निर्यातक मौजूदा समय में अमेरिकी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बचाने के लिए टैरिफ का बोझ खुद उठा रहे हैं। इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए किसी टीशर्ट की कीमत पहले 10 डॉलर थी और 50 फीसदी टैरिफ के बाद अमेरिका में उसकी कीमत 15 डॉलर हो गई। चूंकि कम टैरिफ की वजह से थाईलैंड, बांग्लादेश जैसे देश इससे कम कीमत पर अमेरिकी व्यापारियों को टीशर्ट मुहैया करा सकते हैं, ऐसे में भारत पर अपनी टीशर्ट को 10 डॉलर या इसके करीब रखने की ही चुनौती बढ़ी। ऐसे में निर्यातकों ने 10 डॉलर में भेजे जाने वाली अपनी टीशर्ट को 6-7 डॉलर में ही भेजना शुरू कर दिया, ताकि टैरिफ लगने के बाद भी अमेरिका में वह 10-11 डॉलर में ही बिकें।

वाणिज्य सचिव ने स्वीकार किया कि “निर्यातक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं लेकिन संबंधों को बनाए रखने के लिए प्रभाव को अवशोषित कर रहे हैं।” तिरुपुर के निर्यातकों के अनुसार, अमेरिकी खरीदार टैरिफ का केवल 10% हिस्सा वहन करने को तैयार हैं, शेष बोझ भारतीय आपूर्तिकर्ता पर डाला जा रहा है।

2. चीन पर उच्च टैरिफ, बांग्लादेश में अस्थिरता का मिल रहा फायदा
भारत का विकल्प नहीं खोज पा रहीं अमेरिकी कंपनियां

  • अमेरिकी खुदरा विक्रेताओं के पास विकल्प सीमित हैं, क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने चीन पर भारी टैरिफ लगाए हैं।
  • बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और श्रम मुद्दों के कारण अमेरिकी खरीदार वहां पूरी तरह निर्भर नहीं हो सकते।
  • भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसके पास चीन के बाद बड़े पैमाने पर (Scale) उत्पादन की क्षमता है।
  • चूंकि सप्लाई चेन को जल्द बदलना संभव नहीं है। इसलिए अमेरिकी कंपनियां टैरिफ का कुछ बोझ उठाकर भी भारत पर निर्भरता रख रही हैं।
3. त्योहारी सीजन का असर
चूंकि नवंबर का महीना अमेरिका में थैंक्सगिविंग और क्रिसमस की खरीदारी का अहम समय होता है। इसलिए ऐसे समय में व्यापारियों को ज्यादा स्टॉक की जरूरत होती है। चूंकि टैरिफ अगस्त से अस्तित्व में आए थे, इसलिए अमेरिकी आयातकों ने अपने ऑर्डर कम कर दिए थे। इससे सितंबर और अक्तूबर में भारत का निर्यात अचानक से गिर गया। लेकिन नवंबर का त्योहारी सीजन आने के साथ ही अमेरिकी कंपनियों को फिर से उत्पादों की जरूरत पड़ने लगी। ऐसे में भारत पर अमेरिका की निर्भरता बढ़ गई और अपने स्टॉक भरने के लिए आयात बढ़ा दिया। संभव है कि इससे भारत को फायदा हुआ है।

किन सेक्टर्स ने निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई?

आंकड़ों की गहराई में जाने पर पता चलता है कि यह उछाल एकसमान नहीं है। कुछ सेक्टर्स को इससे काफी फायदा हुआ है, हालांकि कुछ क्षेत्र अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

1. इलेक्ट्रॉनिक्स

  • भारत के निर्यात में सबसे बड़ा संरचनात्मक बदलाव इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आया है। नवंबर 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 38.96% बढ़कर 4.81 अरब डॉलर हो गया।
  • भारत में एपल के आईफोन और अन्य डिवाइसेज का निर्माण भारत के बढ़ते निर्यात की बड़ी वजह है। अमेरिका को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात अप्रैल-नवंबर की अवधि में दोगुने से ज्यादा हुआ है।
  • स्मार्टफोन और आईटी उत्पादों पर अक्सर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एग्रीमेंट’ (ITA-1) के तहत शून्य या कम शुल्क लगता है। इसके अलावा, अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता।
2. इंजीनियरिंग गुड्स

  • इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात 23.76% बढ़कर 11.01 अरब डॉलर हो गया। इसमें ऑटो कंपोनेंट्स और मशीनरी शामिल हैं।
  • अमेरिकी कार निर्माताओं (जैसे फोर्ड, जीएम) के लिए भारतीय पुर्जे महत्वपूर्ण हैं। इनकी आपूर्ति श्रृंखला जटिल होने की वजह से इन्हें तुरंत वियतनाम या मैक्सिको नहीं ले जाया जा सकता।

3. रत्न और आभूषण
अमेरिका को हीरे और आभूषणों का निर्यात 27.8% बढ़कर 2.64 अरब डॉलर पहुंच गया है। इसकी एक वजह अमेरिका में छुट्टियों का सीजन और भारत में शादी का सीजन (जिससे अन्य बाजारों में भी मांग बढ़ी) रहा है। इस मांग ने रत्न-आभूषण के सेक्टर को बढ़त दी है।

4. टेक्सटाइल और परिधान

  • आंकड़े दिखाते हैं कि रेडीमेड गारमेंट्स के निर्यात में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन जमीनी हकीकत थोड़ी अलग है। यह क्षेत्र 50% टैरिफ की सीधी मार झेल रहा है।
  • तिरुपुर (तमिलनाडु) के निटवियर हब में स्थिति गंभीर है। वहां के निर्यातकों का कहना है कि अमेरिकी खरीदार पुराने ऑर्डर्स पर भी डिस्काउंट मांग रहे हैं।
  • कई एमएसएमई इकाइयां बंद होने के कगार पर हैं क्योंकि वे लंबे समय तक नकारात्मक मार्जिन पर काम नहीं कर सकतीं 18।
  • चूंकि टेक्सटाइल एक श्रम-प्रधान क्षेत्र है, इसलिए यहां मार्जिन के दबाव का सीधा असर कामगारों की छंटनी के रूप में दिख रहा है। निर्यात के आंकड़े जरूर बढ़े हैं, लेकिन यह लाभ रहित है।

क्या असफल हुए ट्रंप के टैरिफ?

चूंकि ट्रंप के टैरिफ का असर न सिर्फ अमेरिकी आयातकों पर पड़ा है, बल्कि भारतीय निर्यातकों को भी इसका कुछ बोझ वहन करना पड़ रहा है। ऐसे में ट्रंप के टैरिफ सफल हुए या नहीं इसका जवाब जटिल है। इसे दो तरह से समझ सकते हैं…

हां सफल हुए: ट्रंप के टैरिफ का मकसद भारत से व्यापार घाटा कम करना और उनसे ही उत्पादों का आयात शुल्क वसूलना था। कुछ क्षेत्रों में अमेरिकी आयातक अपने ऊपर पड़ने वाले आयात शुल्क के बोझ को भारतीय निर्यातकों से साझा कर भी रहे हैं। टैरिफ का भुगतान भारतीय निर्यातकों के मुनाफे और अमेरिकी उपभोक्ताओं की जेब से हो रहा है। भारतीय एमएसएमई क्षेत्र पर पड़ा दबाव और रोजगार संकट हुआ है। ऐसे में ट्रंप के टैरिफ कुछ हद तक सफल हुए हैं।

नहीं, असफल रहे: अगर ट्रंप के टैरिफ का उद्देश्य भारतीय सामानों को अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने से रोकना था, तो नवंबर के 22.6% उछाल ने इसे पूरी तरह विफल साबित कर दिया है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की भारत पर निर्भरता (विशेषकर फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग में) उतनी ही गहरी है जितनी कि भारत की अमेरिका पर। आपूर्ति शृंखलाओं की कमी टैरिफ की दीवारों से ज्यादा मजबूत साबित हुई है।
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेगे ………

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेगे ………

by UB India News
July 10, 2026
0

प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा से जुड़े कार्यक्रम को लेकर सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि...

डिएगो गार्सिया पर हमले ने उड़ा दी US की नींद ………………

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और महंगाई पर खतरा बढ़ा ………………………….

by UB India News
July 10, 2026
0

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जून में बड़ी मुश्किल से हुआ युद्धविराम जिस तरह से दोनों देशों...

शिव नित्य हैं, शाश्वत हैं, सर्वव्यापक हैं ……..

शिव नित्य हैं, शाश्वत हैं, सर्वव्यापक हैं ……..

by UB India News
July 10, 2026
0

श्री अमरनाथ धाम केवल एक तीर्थ नहीं, अपितु सनातन भारत की तप परंपरा, वैराग्य, आत्मशुद्धि और शिव तत्व की सजीव...

बंगाल में राज्यसभा की तीनों सीटें जीतेगी BJP !

बंगाल में राज्यसभा की तीनों सीटें जीतेगी BJP !

by UB India News
July 10, 2026
0

पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 3 सीटों पर 24 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य की राजनीति में...

बाजार ने लगाई बड़ी छलांग, सेंसेक्स 750 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 24,150 के पार

बाजार ने लगाई बड़ी छलांग, सेंसेक्स 750 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 24,150 के पार

by UB India News
July 10, 2026
0

शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा तेजी देखने को मिली, जिसने दलाल स्ट्रीट के निवेशकों को गदगद कर दिया...

Next Post
तमिलनाडु की सियासत में बढ़ रही अभिनेता विजय की सक्रियता …..

तमिलनाडु की सियासत में बढ़ रही अभिनेता विजय की सक्रियता .....

अमेरिका में  कल जेफ्री एपस्टीन फाइल होगी जनता के सामने ………………..

अमेरिका में कल जेफ्री एपस्टीन फाइल होगी जनता के सामने ....................

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend