शारदीय नवरात्र के सातवें दिन सोमवार को मां कालरात्रि की पूजा के बाद शहर के सभी पूजा पंडालों में माता दुर्गा के पट दर्शन-पूजन के लिए खोल दिए गए। देवी के मंत्र गूंजने लगे। ‘या देवी सर्वभूतेषु..’ मंत्र और मां के जयकारे के साथ भक्तों ने मां से सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, शांति व संपत्ति का आशीर्वाद मांगा।
पं. प्रेमसागर पांडेय बताते हैं कि सप्तमी तिथि के मूल नक्षत्र में मां का पट खोलने की परंपरा रही है। सोमवार पूरा दिन व पूरी रात मूल नक्षत्र रहा। मौके पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एसके पुरी स्थित पूजा पंडाल में आरती की। पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में मां का पट सुबह 10 बजे सप्तमी पूजा के दौरान खोला गया।
उल्लास : दुर्गोत्सव में डूबा पटना
कानों में मां दुर्गा की स्तुति के घुलते गीत और मन में उमंग-तरंग लिए भक्तों की टोली। राजधानी शक्ति स्वरूपा मां की भक्ति में रंग चुकी है। राजधानी में सोमवार की सुबह मां कालरात्रि की पूजा के बाद मंदिर व पूजा पंडालों के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए।
इसके बाद सड़कों पर माता के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग गया। शाम होते ही थीम आधारित पूजा पंडाल और लाइटिंग देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु निकले। इस दौरान चाट, चाउमिन की दुकानों पर भीड़ रही।
डाकबंगला पर उमड़े श्रद्धालु :
शाम ढलने के साथ ही डाकबंगला चौराहा पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। शाम सात बजे तक डाकबंगला चौराहा के आसपास का इलाका पूरी तरह लोगों से भर गया। परिवार और दोस्तो के साथ निकले लोग मां के दर्शन के बाद रास्ते में बांसुरी, लाइटिंग हॉर्न और बुलबुला उड़ाते चौराहा पर पहुंचे। यहां तामिलनाडु के तंजौर के वृहदीश्वर मंदिर के रूप का पंडाल तैयार किया गया है। डाक बंगला चौराहा से आयकर गोलंबर के बीच का पूरा इलाका रौशनी से जगमग रहा। भक्त मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ मां लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश-कार्तिक से आशीर्वाद लेते दिखे। समिति के अनुसार तीन दिनों के पूजनोत्सव में यहां 15 से 18 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
नेहरू पथ, जगदेव पथ से शेखपुरा मोड़ तक रंगीन रोशनी से नहाता रहा। खाजपुरा से राजाबाजार तक भक्तों की कतार दिखी। शाम छह बजे से शिवमंदिर खाजपुरा के पूजा पंडालों की ओर भक्तों की टोली पहुंचने लगी थी। यहां पंडाल की भव्यता आकर्षण का केंद्र बनी है। शिव मंदिर खाजपुरा पूजा पंडाल में दिख रही कैलाश पर्वत की भव्यता को कैमरे में कैद करने की होड़ में भक्त लगे रहे। पंडाल के ऊपरी भाग में भगवान शिव के माथे पर चंद्रमा को विराजित किया गया है। पंडाल का बाहरी स्वरूप शिवमय है, पंडाल के भीतर स्थापित माता दुर्गा की प्रतिमा भव्य और अलौकिक है। सड़क पर तोरणद्वार भी रंगीन रोशनी से बनाई गई है। राजाबाजार के पास शिवलिंग की तर्ज पर पंडाल बनाया गया है।
शारदीय नवरात्र सप्तमी को शक्तिपीठों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार को मारुफगंज में श्रीबड़ी देवीजी आरती के बाद महासप्तमी पूजा, नवपत्रिका प्रवेश स्थापन सप्तम्यादि कल्पारंभ पूजा के बाद शाम में भव्य आरती उतारी गयी। देर रात शक्तिपीठों में महानिशा पूजा आयोजित की गयी। वहीं, पटना सिटी, दानापुर, खगौल और फुलवारी में मां दुर्गा का पट खुलते ही दर्शन कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया।
इधर सिद्धशक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी, छोटीपटनदेवी में सैंकड़ों भक्तों ने माता की आरती उतारी। अगमकुआं स्थित शीतला माता मंदिर में माता का विशेष शृंगार किया गया। सोमवार सुबह सप्तमी पूजन के बाद शहर के पंडालों में पट खुल गए। भक्तों ने माता के अलौकिक स्वरूप का दर्शन किया। दलहट्टा, नंदगोला, सिमली, हाजीगंज, गुरहट्टा, मंसा राम का अखाड़ा रानीपुर, आदि स्थानों पर बने माता के पंडाल में भक्तों की भीड़ जुटी।
दानापुर के गोला पर बड़ी देवी में गुरू परंपरा,बड़ी देवी पेठियापर, झुनझुन रोड छोटी देवी गोलापर, सुलतानपुर बड़ी देवी और छोटी देवी की प्राण प्रतिष्ठा और पूजा हुई। वहीं मछुआ टोली स्थित काली पूजा समिति में तांत्रिक व वैदिक पद्धति के साथ प्राण प्रतिष्ठा हुआ। इस बार भी नगर में नवयुवक संघ तरकरिया बाजार तकिया पर,सूर्या क्लब मैनपुरा रिमझिम क्लब, समेत कई जगहों पर माता की प्रतिमा स्थापित की गयी है। तरकरिया बाजार में भारत माता पूजा समिति की ओर से स्थापित की गयी मोबाइल पर प्रदर्शित झांकी आकर्षण का केन्द्र बन गया है।
पटना में पूजा पंडालों के पट खुलते ही कई जगहों पर विराजमान माता रानी के दर्शन कीजिए…



मुख्यमंत्री नीतीश ने पूजा पंडालों में जाकर माता की पूजा अर्चना किया
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज महासप्तमी के मौके पर पटना के कई पूजा पंडालों में जाकर मां दुर्गा की पूजा की। उन्होंने खाजपुरा के शिव मंदिर और शेखपुरा के दुर्गा आश्रम में दर्शन कर राज्य के लोगों की सुख-शांति और तरक्की की दुआ मांगी। उन्होंने सभी बिहारवासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं भी दीं।
इससे पहले मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर पहुंचे। वहां भी मां दुर्गा की पूजा और महाआरती में शामिल हुए।


आज से शुरू हुआ चार दिवसीय विशेष पूजा
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि, आज सप्तमी तिथि में माता दुर्गा का पट मूल नक्षत्र और सौभाग्य योग में खोल दिया गया है। पट खुलने के बाद अगले चार दिनों तक माता की विशेष पूजा की शुरुआत हो गई है। पट खुलते ही श्रद्धालुओं को माता का विहंगम दर्शन प्राप्त हो रहा है।
आज पत्रिका प्रवेश और मध्यरात्रि में महानिशा पूजा की जाएगी। फिर मंगलवार 30 सितंबर को महाष्टमी में माता महागौरी की पूजा के साथ श्रृंगार पूजा भी किया जाएगा।
महानवमी 1 अक्टूबर बुधवार को सिद्धिदात्री माता का पूजा, दुर्गा सप्तशती पाठ का समापन, हवन, पुष्पांजलि व कन्या पूजन किया जाएगा। आश्विन शुक्ल दशमी गुरुवार 2 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व के रूप में मनाएंगे। इसी दिन देवी की विदाई और जयंती धारण किया जाएगा।
कालरात्रि की पूजा से दूर होंगे दुःख और भय
ज्योतिषी झा के मुताबिक, आज महासप्तमी तिथि को मां कालरात्रि की आराधना विशेष फलदायी होती है। देवी अपने उपासकों को काल से बचाती हैं अर्थात उनकी अकाल मृत्यु नहीं होती। इनके नाम के उच्चारण मात्र से ही भूत, प्रेत, राक्षस और सभी नकारात्मक शक्तियां दूर भागती हैं।
मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश, ग्रह-बाधाओं, शत्रुओं से भी छुटकारा दिलाती है। इनके उपासक को अग्नि-भय, जल-भय, जंतु-भय, शत्रु-भय, रात्रि-भय नहीं होता है।
महासप्तमी पूजन और पट खुलने का शुभ मुहूर्त
मूल नक्षत्र: देर रात 03:23 बजे तक
सौभाग्य योग: रात्रि 11:36 बजे तक
अमृत मुहूर्त: प्रातः 05:42 बजे से 07:11 बजे तक
शुभ योग मुहूर्त: सुबह 08:41 बजे से 10:10 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:16 बजे से 12:03 बजे तक
चर-लाभ-अमृत मुहूर्त: दोपहर 01:09 बजे से शाम 05:37 बजे तक
त्रिपुष्कर योग: शाम 06:35 बजे से रात्रि 07:27 बजे तक।







