ADVERTISEMENT
Thursday, July 9, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

चुनाव आयोग पर सवाल या NDA से मुकाबले की रणनीति ?

UB India News by UB India News
August 11, 2025
in पटना, बिहार
0
महागठबंधन में अब ढीली पड़ने लगी हैं गांठें!
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत की है. चुनाव आयोग के ऐलान से ही बिहार में बवाल मच गया और कांग्रेस और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की पहल का विरोध करते हुए बिहार बंद का आह्वान किया और चुनाव बहिष्कार तक की धमकी दे डाली और भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए वोट में धांधली का आरोप लगाया, लेकिन बिहार से शुरू हुआ यह मुद्दा अब राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है.

विपक्षी पार्टियों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने बिहार चुनाव से पहले इसे भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा मुद्दा बना लिया है और इसी मुद्दे पर लोकसभा चुनाव के बाद बिखरे इंडिया गठबंधन की विभिन्न पार्टियां एकजुट होती दिख रही हैं.

विपक्षी पार्टियों की यह एकजुटता न केवल बिहार, बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दिख रही है, बल्कि संसद के मानसून सत्र और राष्ट्रीय स्तर पर भी दिख रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर हुई इंडिया गठबंधन के नेताओं की डिनर में गठबंधन के 25 दलों के करीब 50 नेता शामिल हुए और इसमें सभी पार्टियों ने एकजुट होकर SIR के विरोध के प्रति प्रतिबद्धता जताई.

SIR बना राष्ट्रीय मुद्दा, विपक्षी पार्टियां एकजुट

इसी मुद्दे पर राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सांसद सोमवार को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे और मतदाता सूची के SIR में कथित “वोट चोरी” के विरोध में प्रदर्शन करेंगे. गठबंधन के नेता औपचारिक रूप से अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए चुनाव आयुक्तों से भी मिलेंगे. इस मार्च में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी सहित विपक्ष के करीब 300 सांसद शामिल होंगे.

विपक्ष का यह विरोध प्रदर्शन राहुल गांधी द्वारा कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट के कांग्रेस के विश्लेषण का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाने के बाद आयोजित किया गया है, जहा उन्होंने आरोप लगाया था कि लगभग एक लाख वोट “चोरी” हुए थे.

India Alliance (2)

इंडिया गठंबधन के नेता.

इससे पहले, राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में “वोट चोरी” के अपने आरोपों को दोहराया था और इस बात पर जोर दिया था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए एक “स्वच्छ” मतदाता सूची आवश्यक है. उससे पहले राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी इसी तरह के आरोप लगाए थे. महाराष्ट्र विधानसभा में उनके आरोप पर एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी सुर मिला चुके हैं.

इंडिया गठबंधन को एकजुट होने की दी वजह

इसी तरह से राहुल गांधी के आरोपों में सुर में सुर मिलाते हुए पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने SIR के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है. ममता बनर्जी ने एसआईआर को बैकडोर से एनआरसी लागू करने की साजिश करार देते हुए राज्य के लोगों से आह्वान किया है कि वे किसी तरह का फॉर्म नहीं भरे. उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर SIR करवाने के लिए चुनाव दो साल का समय मांगा है. ममता बनर्जी और उनकी पार्टी भी चुनाव आयोग के साथ पूरी तरह से टकराव के मूड में है.

इस तरह से SIR ने लोकसभा चुनाव के बाद बिखरे इंडिया गठबंधन की पार्टियों को एक मुद्दा दे दिया है और इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के सभी दल एकजुट और एक सुर में बात कर रहे हैं. बिहार चुनाव ने एसआईआर के खिलाफ आंदोलन को और हवा दी है. चुनाव में धांधली और SIR के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन मताधिकार यात्रा निकालने का ऐलान किया है. सासाराम से शुरू होने वाली यह यात्रा 15 दिनों तक बिहार के विभिन्न इलाकों में जाएंगी.

इस यात्रा में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव से लेकर बिहार में इंडिया गठबंधन की पार्टियों के साथ-साथ अन्य राज्यों के प्रमुख विपक्षी पार्टी के नेता शामिल होंगे. इस तरह से SIR मुद्दे पर पूरा विपक्ष और विपक्ष के आला नेता बिहार चुनाव में बीजेपी और नीतीश कुमार को चुनौती देंगे, हालांकि विपक्ष का यह नैरेटिक कितना वोट में तब्दील होगा यह समय और चुनाव परिणाम ही बताएगा.

बिहार चुनाव से पहले विपक्ष का नैरेटिव सेट

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक ओम प्रकाश अश्क कहते हैं कि बिहार चुनाव से पहले विपक्ष ने एसआईआर को मुद्दा बना लिया है और इस पर आंदोलन की तैयारी कर रहा है. चूंकि बिहार में विधासनभा का चुनाव होना है. इसलिए इंडिया गठबंधन का फोकस बिहार पर ही रहेगा. इस मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक की तमाम पार्टियां एकजुट हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर इसे आंदोलन का रूप दिया जाए.

उन्होंने कहा कि हालांकि राहुल गांधी और विपक्ष के नेताओं के SIR और चुनाव में धांधली के आरोप में कितना दम है, यह तो जांच के बाद पता चलेगा, लेकिन यह भी सच है कि चुनाव के दौरान विपक्षी पार्टियों के नैरेटिव आते रहे हैं. कालांतर में कभी फ्लॉप भी होते रहे हैं, तो कभी उन्हें फायदा भी मिलता रहा है. उदाहरण के लिए लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने आरक्षण, संविधान और लोकतंत्र खतरे का मुद्दा उठाया, लेकिन चुनाव परिणाम आया तो फिर एनडीए सरकार बनी. कुछ लोगों का कहना है कि आरक्षण, संविधान और लोकतंत्र पर खतरे जैसे मुद्दों के कारण ही भाजपा का इस बार 400 पार का दावा खोखला साबित हुआ और भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला. कांग्रेस के सांसदों की संख्या बढ़ी लेकिन सरकार बनाने में इंडिया गठबंधन विफल रहा.

बिहार के बाद दूसरे राज्यों में भी दिखेगा असर

आरक्षण, संविधान और लोकतंत्र पर खतरा की तरह ही इस पर इंडिया गठबंधन ने SIR और चुनाव में धांधली का मुद्दा बनाकर चुनाव आयोग पर सवाल खड़ा किया है. ईडी, सीबीआई की तरह अब चुनाव आयोग भी विपक्ष के निशाने पर है. बीजेपी के खिलाफ एक नैरेटिव तैयार करने की कोशिश की जा रही है कि भाजपा की सरकार में सभी संवैधानिक संस्थाओं को हाईजैक कर लिया गया है और इसी मुद्दे ने विपक्षी पार्टियों को एकजुट होने का बहाना दिया है.

यह एकजुटता उपराष्ट्रपति चुनाव में भी दिखने लगी है. हालांकि संसद के दोनों सदनों में सांसदों की संख्या देखें तो एनडीए के उम्मीदवार की जीत तय है, लेकिन इंडिया गठबंधन ने एनडीए के उम्मीदवार के खिलाफ संयुक्त रूप से उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला किया है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव आयोग पर धांधली के आरोप हरियाणा विधानसभा चुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से लगने लगे थे. यह बिहार विधानसभा चुनाव के पहले और मुखर हुआ है और राष्ट्रीय रूप ले लिया है. अगले साल बंगाल, असम और तमिलनाडु सहित कुल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं, वहां ये मुद्दे और भी मुखर होने के आसार हैं और विपक्ष इन्हें भाजपा से मुकाबले के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगा.

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत की है. चुनाव आयोग के ऐलान से ही बिहार में बवाल मच गया और कांग्रेस और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की पहल का विरोध करते हुए बिहार बंद का आह्वान किया और चुनाव बहिष्कार तक की धमकी दे डाली और भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए वोट में धांधली का आरोप लगाया, लेकिन बिहार से शुरू हुआ यह मुद्दा अब राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है.

RELATED POSTS

सूबे के विश्वविद्यालयों में नया पीजी रेगुलेशन लागू……….

बांकीपुर उपचुनाव: 422 मतदान केंद्रों के लिए ईवीएम आवंटित

विपक्षी पार्टियों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने बिहार चुनाव से पहले इसे भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा मुद्दा बना लिया है और इसी मुद्दे पर लोकसभा चुनाव के बाद बिखरे इंडिया गठबंधन की विभिन्न पार्टियां एकजुट होती दिख रही हैं.

विपक्षी पार्टियों की यह एकजुटता न केवल बिहार, बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में दिख रही है, बल्कि संसद के मानसून सत्र और राष्ट्रीय स्तर पर भी दिख रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर हुई इंडिया गठबंधन के नेताओं की डिनर में गठबंधन के 25 दलों के करीब 50 नेता शामिल हुए और इसमें सभी पार्टियों ने एकजुट होकर SIR के विरोध के प्रति प्रतिबद्धता जताई.

SIR बना राष्ट्रीय मुद्दा, विपक्षी पार्टियां एकजुट

इसी मुद्दे पर राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सांसद सोमवार को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे और मतदाता सूची के SIR में कथित “वोट चोरी” के विरोध में प्रदर्शन करेंगे. गठबंधन के नेता औपचारिक रूप से अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए चुनाव आयुक्तों से भी मिलेंगे. इस मार्च में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी सहित विपक्ष के करीब 300 सांसद शामिल होंगे.

विपक्ष का यह विरोध प्रदर्शन राहुल गांधी द्वारा कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट के कांग्रेस के विश्लेषण का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाने के बाद आयोजित किया गया है, जहा उन्होंने आरोप लगाया था कि लगभग एक लाख वोट “चोरी” हुए थे.

India Alliance (2)

इंडिया गठंबधन के नेता.

इससे पहले, राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में “वोट चोरी” के अपने आरोपों को दोहराया था और इस बात पर जोर दिया था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए एक “स्वच्छ” मतदाता सूची आवश्यक है. उससे पहले राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी इसी तरह के आरोप लगाए थे. महाराष्ट्र विधानसभा में उनके आरोप पर एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी सुर मिला चुके हैं.

इंडिया गठबंधन को एकजुट होने की दी वजह

इसी तरह से राहुल गांधी के आरोपों में सुर में सुर मिलाते हुए पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने SIR के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है. ममता बनर्जी ने एसआईआर को बैकडोर से एनआरसी लागू करने की साजिश करार देते हुए राज्य के लोगों से आह्वान किया है कि वे किसी तरह का फॉर्म नहीं भरे. उन्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर SIR करवाने के लिए चुनाव दो साल का समय मांगा है. ममता बनर्जी और उनकी पार्टी भी चुनाव आयोग के साथ पूरी तरह से टकराव के मूड में है.

इस तरह से SIR ने लोकसभा चुनाव के बाद बिखरे इंडिया गठबंधन की पार्टियों को एक मुद्दा दे दिया है और इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के सभी दल एकजुट और एक सुर में बात कर रहे हैं. बिहार चुनाव ने एसआईआर के खिलाफ आंदोलन को और हवा दी है. चुनाव में धांधली और SIR के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन मताधिकार यात्रा निकालने का ऐलान किया है. सासाराम से शुरू होने वाली यह यात्रा 15 दिनों तक बिहार के विभिन्न इलाकों में जाएंगी.

इस यात्रा में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव से लेकर बिहार में इंडिया गठबंधन की पार्टियों के साथ-साथ अन्य राज्यों के प्रमुख विपक्षी पार्टी के नेता शामिल होंगे. इस तरह से SIR मुद्दे पर पूरा विपक्ष और विपक्ष के आला नेता बिहार चुनाव में बीजेपी और नीतीश कुमार को चुनौती देंगे, हालांकि विपक्ष का यह नैरेटिक कितना वोट में तब्दील होगा यह समय और चुनाव परिणाम ही बताएगा.

बिहार चुनाव से पहले विपक्ष का नैरेटिव सेट

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक ओम प्रकाश अश्क कहते हैं कि बिहार चुनाव से पहले विपक्ष ने एसआईआर को मुद्दा बना लिया है और इस पर आंदोलन की तैयारी कर रहा है. चूंकि बिहार में विधासनभा का चुनाव होना है. इसलिए इंडिया गठबंधन का फोकस बिहार पर ही रहेगा. इस मुद्दे पर इंडिया ब्लॉक की तमाम पार्टियां एकजुट हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर इसे आंदोलन का रूप दिया जाए.

उन्होंने कहा कि हालांकि राहुल गांधी और विपक्ष के नेताओं के SIR और चुनाव में धांधली के आरोप में कितना दम है, यह तो जांच के बाद पता चलेगा, लेकिन यह भी सच है कि चुनाव के दौरान विपक्षी पार्टियों के नैरेटिव आते रहे हैं. कालांतर में कभी फ्लॉप भी होते रहे हैं, तो कभी उन्हें फायदा भी मिलता रहा है. उदाहरण के लिए लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने आरक्षण, संविधान और लोकतंत्र खतरे का मुद्दा उठाया, लेकिन चुनाव परिणाम आया तो फिर एनडीए सरकार बनी. कुछ लोगों का कहना है कि आरक्षण, संविधान और लोकतंत्र पर खतरे जैसे मुद्दों के कारण ही भाजपा का इस बार 400 पार का दावा खोखला साबित हुआ और भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला. कांग्रेस के सांसदों की संख्या बढ़ी लेकिन सरकार बनाने में इंडिया गठबंधन विफल रहा.

बिहार के बाद दूसरे राज्यों में भी दिखेगा असर

आरक्षण, संविधान और लोकतंत्र पर खतरा की तरह ही इस पर इंडिया गठबंधन ने SIR और चुनाव में धांधली का मुद्दा बनाकर चुनाव आयोग पर सवाल खड़ा किया है. ईडी, सीबीआई की तरह अब चुनाव आयोग भी विपक्ष के निशाने पर है. बीजेपी के खिलाफ एक नैरेटिव तैयार करने की कोशिश की जा रही है कि भाजपा की सरकार में सभी संवैधानिक संस्थाओं को हाईजैक कर लिया गया है और इसी मुद्दे ने विपक्षी पार्टियों को एकजुट होने का बहाना दिया है.

यह एकजुटता उपराष्ट्रपति चुनाव में भी दिखने लगी है. हालांकि संसद के दोनों सदनों में सांसदों की संख्या देखें तो एनडीए के उम्मीदवार की जीत तय है, लेकिन इंडिया गठबंधन ने एनडीए के उम्मीदवार के खिलाफ संयुक्त रूप से उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला किया है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव आयोग पर धांधली के आरोप हरियाणा विधानसभा चुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से लगने लगे थे. यह बिहार विधानसभा चुनाव के पहले और मुखर हुआ है और राष्ट्रीय रूप ले लिया है. अगले साल बंगाल, असम और तमिलनाडु सहित कुल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं, वहां ये मुद्दे और भी मुखर होने के आसार हैं और विपक्ष इन्हें भाजपा से मुकाबले के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगा.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

भारत में सबसे बेहतर होता है बिहार का आम : राज्यपाल

सूबे के विश्वविद्यालयों में नया पीजी रेगुलेशन लागू……….

by UB India News
July 9, 2026
0

सूबे के विश्वविद्यालयों में नया पीजी रेगुलेशन लागू हो गया है। इसके तहत एक वर्षीय और दो वर्षीय कोर्स की...

एम-1 मॉडल की ईवीएम अब इतिहास बनी……

बांकीपुर उपचुनाव: 422 मतदान केंद्रों के लिए ईवीएम आवंटित

by UB India News
July 9, 2026
0

बांकीपुर विस उप चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार...

समय पर उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता: निशांत

समय पर उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता: निशांत

by UB India News
July 9, 2026
0

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर...

सम्राट कैबिनेट की आज दूसरी बैठक, नई योजनाओं पर लग सकती है मुहर……

सम्राट कैबिनेट में लगी 22 अहम एजेंडों पर मुहर…………

by UB India News
July 9, 2026
0

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, कृषि,...

जनता अगर BJP का अहंकार तोड़ना चाहती हैं तो उसे बदलाव के लिए वोट देना चाहिए…………..

जनता अगर BJP का अहंकार तोड़ना चाहती हैं तो उसे बदलाव के लिए वोट देना चाहिए…………..

by UB India News
July 9, 2026
0

बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बयानबाजी शुरू हो चुकी है। इस बीच जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से प्रत्याशी प्रशांत...

Next Post
जनता ही तय करेगी भविष्य का रास्ता…………

निशांत कुमार क्या बिहार चुनाव लड़ेंगे?

6.81 करोड़ से अधिक फॉर्म जमा, प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 10 दिन का समय बचा

बिहार में चुनाव आयोग ने बदल दिया ड्राफ्ट मतदाता सूची का फॉर्मेट!

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend