देश में इन दिनों वोट चोरी के मामले को लेकर सियासत गर्माई हुई है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. इसी को लेकर आज विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकाल रहे हैं. हालांकि सांसदो के मार्च को इलेक्शन कमीशन तक जाने की दिल्ली पुलिस ने इजाजत नहीं दी है. इलेक्शन कमीशन के बाहर दिल्ली पुलिस के साथ पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों की तैनाती है. बैरिकेडिंग करके मार्च को रोका गया है.
कई सांसद बैरिकेड पर चढ़ गए और कूद गए. अखिलेश यादव बैरिकेड से कूदे. टीएमसी सांसद सागरिका घोष और महुआ मोइत्रा बैरिकेड्स पर चढ़ गईं. बाद में अखिलेश यादव धरने पर बैठ गए. उन्होंने कहा कि पुलिस हमको रोक रही है. जयराम रमेश ने कहा कि सिर्फ 30 नहीं पूरा विपक्ष चुनाव आयोग जाएगा. इस पर अखिलेश ने कहा कि जितने जाने दें हम चलने के लिए तैयार हैं. पुलिस जाने दे तो हम लोग चुनाव आयोग जाने के लिए तैयार हैं. पुलिस जाने नहीं दे रही है. पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई सांसदों को हिरासत में ले लिया है. सबको बस में बैठाकर ले गए हैं.
इससे पहले आज चुनाव आयोग ने विपक्ष के 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात के लिए बुलाया. चुनाव आयोग ने 30 लोगों को दोपहर 12 बजे मिलने के लिए बुलाया. भारत निर्वाचन आयोग सचिवालय ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश को पत्र लिखा और दोपहर 12:00 बजे बातचीत के लिए समय दिया. अनुरोध है कि स्थान की कमी के कारण, कृपया अधिकतम 30 व्यक्तियों के नाम सूचित करें.
पुलिस बैरिकेड के ऊपर से कूद गए अखिलेश
इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पुलिस बैरिकेड के ऊपर से कूद गए। वे बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान मतदाता धोखाधड़ी के आरोपों में विपक्षी गठबंधन के विरोध मार्च के तहत संसद से भारत के चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे थे। उन्हें बीच में ही दिल्ली पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद अखिलेश बैरिकेड के ऊपर से कूद गए और अन्य साथियों के साथ बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए।
वोटर लिस्ट को लेकर संग्राम जारी
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर संग्राम जारी है. राहुल समेत तमाम विपक्षी नेता चुनाव आयोग पर कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं. राहुल ने सीधे-सीधे चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है. इसको लेकर बीते दिन उन्होंने एक अभियान की शुरुआत भी की है. इसके तहत राहुल ने एक वेबसाइट भी लॉन्च की है. साथ ही लोगों से इस अभियान में जुड़ने की अपील भी की है.
विरोध मार्च की नहीं ली अनुमति
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी ने भी विरोध मार्च के लिए अनुमति नहीं मांगी। विरोध मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारी ने कहा कि रास्ते में कई जगहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। व्यवस्था बनाए रखने एवं किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सुचारू ट्रैफिक सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग कार्यालय और आसपास की सड़कों पर अतिरिक्त सुरक्षा वाहन और रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात किए गए हैं।
राहुल ने लगाया था ‘वोट चोरी’ का आरोप
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र में 1,00,250 मतों की चोरी हुई, जिसमें 11,965 ‘डुप्लीकेट’ (एक मतदाता के नाम मतदाता सूची में अनेक जगह होना) मतदाता, 40,009 फर्जी एवं अमान्य पते वाले मतदाता, 10,452 ‘बल्क’ या बड़ी संख्या में एक ही पते पर रजिस्टर्ड वोटर, 4,132 फर्जी फोटो वाले मतदाता और 33,692 नए मतदाता के फॉर्म-6 का दुरुपयोग करके जोड़े गए मतदाता शामिल हैं।
प्रोटेस्ट मार्च में शामिल होंगी ये पार्टियां
इस प्रोटेस्ट मार्च में कांग्रेस , समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके, वामपंथी दल, आरजेडी, एनसीपी (SP), शिवसेना (UBT) और नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित कई दलों के इस रैली में शामिल होने की उम्मीद है। यह रैली सुबह 11.30 बजे संसद के मकर द्वार से शुरू होगी ।






