बिहार में कांग्रेस 15 मई से शिक्षा न्याय यात्रा शुरू कर रही है। पार्टी नेता राहुल गांधी दरभंगा में इसकी शुरुआत करेंगे। उसी दिन कांग्रेस के बड़े नेता बिहार में 60 अलग-अलग जगहों पर छात्रावासों में जाकर छात्रों की समस्या सुनेंगे। शिक्षा न्याय यात्रा के तहत एससी-एसटी, ओबीसी छात्रावासों और कम्युनिटी हॉल में वृहद रूप से छात्रों की समस्याओं पर सीधा संवाद होगा। एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने पटना में मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार कह रही है कि छात्राओं को केजी से पीजी तक की फ्री पढ़ाई की सुविधा है। पर छात्राओं को पढ़ाई के लिए पैसे क्यों देने पड़ रहे हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के एससी-एसटी छात्रों के लिए आवंटित पैसों का इस्तेमाल पुल और सड़क निर्माण में किया जा रहा है। छात्रों की पढ़ाई के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड देकर लोन के मकड़जाल में फंसाया जा रहा है। शैक्षणिक सत्र इतने पीछे हैं कि छात्र और उनके अभिभावक अतिरिक्त बोझ में दबे जा रहे हैं। राज्य के 358 प्रखंडों में एक भी डिग्री कॉलेज नहीं है। स्थायी शिक्षकों की भारी कमी है और तीन साल की डिग्री छह साल में पूरी हो रही है। डबल इंजन सिर्फ गुजरात की तरफ दौड़ रहा है। प्रेसवार्ता में त्रिलोकी कुमार मांझी, रंजीत पंडित, भाग्य भारती, मनीष पासवान, डॉ. स्नेहाशीष वर्धन पाण्डेय, सौरभ सिन्हा शामिल थे।
कांग्रेस की मुख्य मांगें
- सरकारी नौकरियों में खाली पड़े 4.63 लाख पदों पर तुरंत नियुक्ति हो।
- शिक्षा-नौकरियों में दलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा को हिस्सेदारी मिले।
- निजी संस्थानों में पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित, आदिवासी को आरक्षण मिले।
- शिक्षा का इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर हो, आधुनिक शिक्षा हर स्कूल में पहुंचे।
- विश्वविद्यालयों में स्थायी शिक्षक, नियमित कक्षाएं, डिजिटल लाइब्रेरी हो।
- कॉलेज-विवि में प्लेसमेंट सेल हो।
छात्रों से प्राप्त फीडबैक का उपयोग न्याय पत्र बनाने में
कन्हैया कुमार ने 2019 में अपने गृह जिले बेगूसराय से लोकसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने कहा कि छात्रों से प्राप्त फीडबैक का उपयोग न्याय पत्र बनाने में किया जाएगा, जो वादों का एक घोषणापत्र है। यदि यहां ‘इंडिया’ गठबंधन की अगली सरकार बनती है तो हम बिहार में इसे पूरा करेंगे।
कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राज्य की ‘डबल इंजन सरकार’ बिहार को लाभ पहुंचाने में विफल रही है जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात को ‘‘निवेश और बुलेट ट्रेन जैसी आकर्षक परियोजनाएं मिल रही हैं।’
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि जाति जनगणना, जिस पर केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार सहमत हो गई है, ‘तेलंगाना से प्रेरणा लेते हुए वैज्ञानिक तरीके से की जाए, जहां हमारी सरकार ने अपने निष्कर्ष एक व्यापक प्रश्नावली के आधार पर निकाले हैं।
राज्य में विधानसभा चुनाव अब कुछ ही महीने बाद होने हैं, जहां करीब दो दशक से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का शासन है।







