‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद पड़ोसी मुल्क ने भारत के खिलाफ कायराना हरकतें शुरू की। उसने ड्रोन और मिसाइलों से भारतीय इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की। भारत इसका संयमित और माकूल जवाब दिया। भारत ने पाकिस्तान के हर नापक मंसूबों को नाकाम किया। इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का बड़ा बयान सामने आया है। उनके बयान साफ पता चल रहा है कि उनका मुल्क पस्त हो गया है और अब भारत से रहम की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा हालात के मद्देनजर अबर भारत आगे नहीं बढ़ता है तो उनका मुल्क भी तनाव कम करना शुरू करेगा।
डार ने पाकिस्तान के जियो न्यूज को बताया कि उन्होंने यह संदेश अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भी दिया था, जब उन्होंने दो घंटे पहले नई दिल्ली से बात करने के बाद उनसे संपर्क किया था। डार ने कहा, ‘हमने आक्रमक कदम उठाया। अगर वे यहीं रुक गए तो हम भी रुकने पर विचार करेंगे।’
अमेरिका ने मध्यस्थता की पेशकश
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को ने भारत विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तानी उप-प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार के साथ अलग-अलग बात की। विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने शनिवार की सुबह एक बयान में यह जानकारी दी थी। दरअसल, 7 मई को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद पाकिस्तान की ओर से 15 भारतीय शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद दोनों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
जयशंकर के साथ अपनी बातचीत में रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को तनाव कम करने और सीधा संवाद फिर से स्थापित करने के तरीकों को तलाशने की कोशिश करें। रुबियो ने चर्चाओं को सुविधाजनक बनाने में अमेरिकी समर्थन का प्रस्ताव दिया। ऐसे ही डार के साथ बातचीत में रुबियो ने दोहराया कि दोनों पक्षों को मौजूदा स्थिति को कम करने के तरीके खोजने चाहिए। रुबियो ने उनसे बीचबचाव की पेशकश की।
जयशंकर की दो टूक
विदेश मंत्री जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत में कहा कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष में भारत का व्यवहार संयमित और जिम्मेदारी भरा है।







