15 जनवरी के बाद कभी भी बिहार में नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। 30 जनवरी के पहले यह काम पूरा हो जाएगा। भाजपा के 4 नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। ऐसे में भाजपा के जिन मंत्रियों के पास अधिक विभाग हैं, उन्हें कम किया जाएगा। ये विभाग कैबिनेट में शामिल होने वाले मंत्रियों के बीच बंटेंगे।
कैबिनेट विस्तार में पटना, तिरहुत और सारण प्रमंडल के विधायकों को तरजीह देने की तैयारी है। फिलहाल बिहार सरकार में सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा सहित 30 मंत्री हैं।
इसमें दो डिप्टी सीएम सहित 15 मंत्री भाजपा के कोटे से हैं। कैबिनेट में ‘हम’ से संतोष कुमार सुमन और निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह शामिल हैं। विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के मुताबिक 36 मंत्री हो सकते हैं। इस हिसाब से मंत्री पद की 6 वैकेंसी है।
चेहरे नए पर जाति वही रहेगी
मंत्रिमंडल के विस्तार में 3-4 विभागों के मंत्री भी बदलेंगे। जिस जाति के मंत्री हैं, उसी जाति के विधायक या एमए एमएलसी उन्हें रिप्लेस करेंगे। कई ऐसे मंत्री हैं, जिनके पास एक से अधिक विभाग हैं। ये कैबिनेट में शामिल होने नए चेहरों के बीच बंटेंगे।
समझिए… पटना, तिरहुत और सारण को तवज्जो क्यों
बिहार में 9 प्रमंडल हैं। इसमें पटना, तिरहुत और सारण प्रमंडल के ही विधायकों के कैबिनेट विस्तार में शामिल होने के आसार हैं। इसकी वजह, इन प्रमंडलों में विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा जीती गई सीटों की संख्या अधिक है।
2020 के विधानसभा चुनाव में तिरहुत में सबसे अधिक सीटों पर भाजपा की जीत हुई थी। विस्तार में उन प्रमंडलों को भी अहमियत मिलेगी, जहां भाजपा ने कम सीटें जीतीं हैं।
तिरहुत : 39 विधानसभा सीट है। इसमें 26 सीट पर भाजपा और 6 सीट पर जदयू ने जीत दर्ज की है।
पटना : 43 विधानसभा सीट है। इसमें 8 पर भाजपा की जीत हुई है। 5 सीट पर जदयू जीता है।
सारण : 24 सीट में से पिछले चुनाव में 7 सीट पर भाजपा और 2 पर जदयू के प्रत्याशी जीते हैं।
10 मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में 10 मंत्री ऐसे हैं, जिनके पास एक से ज्यादा विभाग हैं।
- सीएम के पास पांच विभाग हैं।
- उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास वित्त एवं वाणिज्य दो विभाग हैं।
- उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के पास पथ निर्माण खान एवं भूतत्व विभाग और कला संस्कृति एवं युवा मिलाकर तीन विभाग हैं।
- जदयू से मंत्री विजय कुमार चौधरी के पास जल संसाधन और संसदीय कार्य दो विभाग हैं।
- प्रेम कुमार के पास 2 विभाग- सहकारिता और पर्यावरण वन एवं पर्यावरण जलवायु परिवर्तन हैं।
- बिजेंद्र यादव के पास ऊर्जा विभाग और योजना एवं विकास दो विभाग हैं।
- बीजेपी कोटे के मंत्री मंगल पांडे के पास स्वास्थ्य और कृषि दो विभाग हैं।
- नीतीश मिश्रा के पास उद्योग और पर्यटन दो विभाग हैं, जबकि नितिन नवीन के पास नगर एवं विकास विभाग और विधि दो विभाग हैं।
4 विधायकों की सदस्यता खत्म कराने को स्पीकर से मिले राजद नेता
इधर, बुधवार को 4 विधायकों की सदस्यता खत्म कराने के लिए राजद के नेता विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव से मिले और ज्ञापन सौंपा। राजद के मुख्य सचेतक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने स्पीकर से मोकामा की विधायक नीलम देवी, सूर्यगढ़ा के विधायक प्रह्लाद यादव, शिवहर के विधायक चेतन आनंद और मोहनिया की विधायक संगीता कुमारी की सदस्यता खत्म करने को कहा। उन्होंने कहा कि इन विधायकों ने अपनी मर्जी से पार्टी छोड़ी है। इसकी सूचना पहले भी पार्टी स्पीकर को दे चुकी है।
18 को भाजपा अध्यक्ष भरेंगे पर्चा
इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का भी चुनाव होना है। सूचना के मुताबिक 18 जनवरी को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल नामांकन करेंगे। उनका निर्वाचन भी तय है। उनका नया कार्यकाल 2028 तक होगा।







