बिहार में बीपीएससी (BPSC) अभ्यर्थियों की नाराजगी का मुद्दा अब काफी बड़ा हो गया है. बीते 2 हफ्ते से चल रहा बीपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन अब राजनीतिक रूप ले चुका है. तेजस्वी यादव, प्रशांत किशोर और पप्पू यादव समेत अन्य नेता छात्रों के इस मुद्दे पर भुनाने में लगे हैं. वहीं इसी बीच आज बीपीएससी अभ्यर्थियों की मांग के समर्थन में लेफ्ट और कांग्रेस के विधायक राजभवन मार्च निकालेंगे. आज दोपहर शुरू होने वाले इस मार्च में लेफ्ट और कांग्रेस के तमाम विधायक शामिल होंगे. लेफ्ट और कांग्रेस के विधायक इस मार्च के दौरान बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग करेंगे.
वहीं इस बीच बड़ी खबर यह है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी दिल्ली से कल रात पटना लौट आए हैं. ऐसे में बीपीएससी अभ्यर्थियों की मांग पर सीएम नीतीश कुमार भी कुछ घोषणा कर सकते हैं या कुछ बड़ा फैसला ले सकते हैं. दरअसल सोमवार को बीपीएससी अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल बिहार के मुख्य सचिव से मिलने पहुंचा था. इस दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों से मुख्य सचिव को अवगत कराया. अब ऐसे में संभव है कि आज मुख्य सचिव सीएम नीतीश कुमार से बीपीएससी अभ्यर्थियों की मांग को लेकर चर्चा कर सकते हैं.
’48 घंटे में लेगा होगा फैसला’
वहीं मुख्य सचिव से अभ्यर्थियों की मुलाकात को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्य सचिव ने फिलहाल कोई निर्णय नहीं किया है. मामला चाहे जो भी हो, निर्णय नहीं हुआ है. शायद वो सीएम से बात करने चाहते हो. अभ्यर्थी 48 घंटे का समय सरकार को देना चाहते हैं. सीएम भी तब तक लौट कर आ जाएंगे. अगले 48 घंटे में सरकार निर्णय ले सकती है. सरकार भी एक कदम बढ़ाए. सहानुभूतिपूर्ण इन बच्चों पर विचार करे. सरकार का जवाब का हम 48 घंटे के लिए इंतेजार करेंगे. अगर निर्णय नहीं हुआ तो हम लोग छात्रों के साथ रहेंगे. चाहे इनके साथ धरना पर बैठना हो या जो भी करना पड़े
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार सरकार के पास 1 जनवरी तक का समय है. अगर 48 घंटे के अंदर सरकार ने फैसला नहीं लिया और जवाब नहीं मिला तो 2 तारीख से हमलोग बड़ा आंदोलन करेंगे. प्रशांत किशोर ने कहा कि इन छात्रों को परेशान नहीं किया जाए. लीगल ऑप्शन के तहत हम आगे कार्रवाई तक भी जा सकते हैं. धरना स्थल पर बच्चे बैठे रहेंगे. उग्र प्रदर्शन नहीं होगा.धरना स्थल पर बच्चे बैठ कर ही पढ़ाई करेंगे.







