पटना के फतुहा में एक प्रीमियम फैशन कंपनी पर छापा मारकर बिहार पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए नेपाली नागरिकों, खासकर बच्चों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस को आशंका है कि यह नेटवर्क जासूसी में शामिल हो सकता है, जिसमें सेवानिवृत्त नेपाली सैन्य और पुलिसकर्मी भी हो सकते हैं।
मिलिट्री इंटेलिजेंस लखनऊ की गुप्त सूचना के आधार पर बिहार पुलिस ने पटना जिले के फतुहा में एक प्रीमियम फैशन कंपनी पर छापा मारकर देश की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में फर्जी दस्तावेज बनाने और नेपाली नागरिकों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
फर्जी दस्तावेज और नेपाली छात्रों का उपयोग
न्यूज फॉर नेशन के पत्रकार अनिल की रिपोर्ट के मुताबिक छापेमारी के दौरान कई नेपाली मूल के लोगों के पास भारतीय आधार कार्ड, वोटर कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुए। प्राथमिक जांच में पता चला है कि कुछ नेपाली बच्चों को व्यवसाय के नाम पर बिहार लाकर ठगी और धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया जा रहा था। मिलिट्री इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के अनुसार, इस संस्थान की गतिविधियों से देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क में नेपाल आर्मी और नेपाल पुलिस के सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
जासूसी की आशंका, सुरक्षा पर बड़ा सवाल
मिलिट्री इंटेलिजेंस ने शक जताया है कि यह नेटवर्क संभवतः जासूसी से जुड़ा हो सकता है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में नेपाल आर्मी और नेपाल पुलिस से सेवानिवृत्त लोग शामिल हो सकते हैं।
बिजनेस की आड़ में ठगी
नेपाल से बच्चों को बिहार लाकर बिजनेस के नाम पर ठगी की जा रही थी। फतुहा स्थित प्रीमियम फैशन कंपनी में पिछले तीन महीनों से 250 से अधिक नेपाली बच्चों को बिना डिग्री वाले शिक्षक पढ़ा और प्रशिक्षित कर रहे थे।
संचालक फरार, जांच जारी
इस पूरे नेटवर्क का संचालन गंगेश्वर सिंह नामक व्यक्ति कर रहा था, जो फिलहाल फरार है। पुलिस ने शिक्षकों और बच्चों से पूछताछ शुरू कर दी है। संचालक पर न केवल फर्जीवाड़े बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने के भी आरोप हैं।
देश की सुरक्षा के लिए खतरा
फर्जी दस्तावेजों और फर्जी पते के सहारे यह नेटवर्क किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। इस मामले ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। बिहार पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम अब इस नेटवर्क के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
आगे हो सकते हैं बड़े खुलासे
जांच अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। यह मामला न केवल फर्जीवाड़े बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
नागरिकों के लिए अलर्ट
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे देश में घुसपैठ और जासूसी गतिविधियों को अंजाम देना आसान हो रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
यह खुलासा देश की सुरक्षा के प्रति एक बड़ी चेतावनी है, जो बताता है कि आंतरिक सुरक्षा को लेकर चौकसी और सतर्कता कितनी जरूरी है।







