प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स की बैठक में हिस्सा लेने के लिए रूस के कजान पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी रूस की अध्यक्षता में आयोजित 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए वहां पहुंचे हैं। कजान पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। भारतीय समुदाय के लोग पीएम मोदी के रूस दौरे को लेकर खासे उत्साहित नजर आए। हर तरफ लोगों के हाथ में तिरंगा का दिखाई दिया, साथ ही लोग पीएम की एक झलक पाने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। ना सिर्फ भारतीय बल्कि रूसी लोगों ने भी पीएम मोदी का शानदार तरीके से स्वागत किया है।
कृष्ण भजन गाकर किया पीएम मोदी का स्वागत
कजान पहुंचने पर रूसी लोगों ने कृष्ण भजन गाकर पीएम मोदी का स्वागत किया। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होटल कॉर्स्टन पहुंचने पर रूसी समुदाय के कलाकारों ने शानदार नृत्य प्रस्तुति से उनका स्वागत किया।
पूरी दुनिया की है नजर
ब्रिक्स सम्मेलन के साथ ही पूरी दुनिया की नजर इस बात पर भी टिकी हुई है कि रूस में पीएम मोदी की किन देशों के प्रमुख के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा है कि पीएम मोदी कजान में ब्रिक्स सदस्य देशों के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कजान पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए कजान पहुंच गया हूं। यह एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन है और यहां होने वाली चर्चाएं ग्रह को बेहतर बनाने में योगदान देंगी।’’ विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के विरासत शहर कजान पहुंचे। प्रधानमंत्री का तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव ने गर्मजोशी से स्वागत किया।’’ रूस यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ”मैं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आमंत्रण पर कजान की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं। मैं 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा। भारत ब्रिक्स के भीतर करीबी सहयोग को बहुत महत्व देता है।”
रूस यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ”मैं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आमंत्रण पर कजान की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं। मैं 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा। भारत ब्रिक्स के भीतर करीबी सहयोग को बहुत महत्व देता है। ब्रिक्स वैश्विक विकास एजेंडा, बहुपक्षवाद, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक सहयोग, मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण, सांस्कृतिक और जनसंपर्क को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर संवाद और चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।”
ब्रिक्स के भीतर करीबी सहयोग को महत्व देता है भारत: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ब्रिक्स के भीतर करीबी सहयोग को महत्व देता है जो वैश्विक विकास एजेंडे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने ब्रिक्स के अन्य देशों से की अपील
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने ब्रिक्स के अन्य देशों से अपील की है कि वो अफ्रीकी महाद्वीप के देशों के औद्योगिकीकरण में सहायता करें। उन्होंने कहा कि अफ्रीकन कान्टिनेन्टल फ्री ट्रेड एरिया (एसीएफटीए) व्यापार, निवेश और औद्योगिक विकास के लिए बड़े पैमाने पर अवसर पैदा कर रहा है और महाद्वीप अपने 1.3 अरब लोगों की क्षमता को और बढ़ाने के लिए साझेदारों की तलाश कर रहा है।
22 अक्टूबर का कार्यक्रम
पीएम मोदी सुबह 7:00 (IST) बजे कजान, (रूस) के लिए रवाना हुए। कजान का स्थानीय समय (MSK) दिल्ली से 2 घंटे 30 मिनट पीछे है। पीएम मोदी के रूस पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा। दोपहर बाद पीएम मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक होगी। शाम 4 बजे से शाम 6:30 के बजे के बीच (MSK) द्विपक्षीय बैठकों के दोनों सत्र होंगे। इसके बाद कज़ान सिटी हॉल पहुंचने पर ब्रिक्स नेताओं के लिए स्वागत समारोह आयोजित होना है।
ब्रिक्स का ये है प्रमुख विषय
16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का प्रमुख विषय ‘न्यायसंगत वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ है। इस विषय पर आयोजित होने वाला यह शिखर सम्मेलन नेताओं को प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
ये है कार्यक्रम का शेड्यूल
पीएम मोदी 22-23 अक्टूबर को रूस में रहेंगे। विदेश मंत्रालय पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक पर काम कर रहा है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का विवरण साझा करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में संस्थापक सदस्यों के साथ-साथ नए सदस्य भी भाग लेंगे। शिखर सम्मेलन 22 अक्टूबर को शुरू होगा और पहले दिन शाम को नेताओं के लिए रात्रिभोज होगा।
शिखर सम्मेलन का मुख्य दिन 23 अक्टूबर (बुधवार) है। इस दिन दो मुख्य सत्र होंगे। सुबह एक क्लोज कंपलीट सत्र और उसके बाद दोपहर में एक ओपन कंपलीट सत्र होगा। जो 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मुख्य विषय पर चर्चा होगी।
सीमा विवाद सुलझाने के लिए चीन के साथ नई पहल
ब्रिक्स सम्मेलन से पहले भारत और चीन के बीच सहमति बन गई है। साल 2020 से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए नई पहल की गई है। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में 52 महीनों से चल रहा सीमा तनाव सुलझ गया है। दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर चली कवायद के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त और सैन्य तनाव घटाने पर सहमति बन गई है।
दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हुई
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि 2020 में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हुई घटनाओं के बाद से हम चीनी पक्ष के साथ सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार संपर्क में थे। डब्ल्यूएमसीसी और सैन्य कमांडर स्तर पर दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हुई है।
पीएम मोदी के दौरे से पहले कज़ान शहर की तस्वीर सामने आई हैं। यहां भारतीय समुदाय के लोग भी पीएम मोदी के स्वागत की तैयारी में हैं।
ब्रिक्स समूह में ये देश हैं शामिल
पिछले साल हुए विस्तार के बाद ब्रिक्स का पहला शिखर सम्मेलन होगा। ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका 2010 से शामिल हैं। अब इसमें ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी शामिल हो गए हैं।







