देश में लोकसभा चुनाव का वक्त है. ये चुनाव सात चरणों में होने जा रहा है. ऐसे में सभी पार्टियों ने एक-एक कर अपने उम्मीदवारों का नाम घोषित करना शुरू कर दिया है.
इसी कड़ी में 4 अप्रैल को बहुजन समाज पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में 13 लोकसभा सीटों के उम्मीदवारों का नाम साझा किया गया है. बीएसपी ने इन 13 लोकसभा सीटों में से 2 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारा है. मुस्लिम प्रत्याशियों में एक सरवर मलिक का नाम भी शामिल है. सरवर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सीट लखनऊ से प्रत्याशी घोषित किया है.
इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि क्या बीएसपी का मुस्लिम प्रत्याशी बीजेपी और सपा को चुनौती दे पाएगा.
लखनऊ सीट राज्य के सबसे हॉट सीट की लिस्ट में शामिल है. इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को मैदान में उतारा है तो वहीं सपा की तरफ से रविदास मल्होत्रा मैदान में है. हालांकि खबरें ये भी आ रही है कि सपा लखनऊ से अपना प्रत्याशी बदल सकती है. ऐसे में इस चुनाव में अटल की सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है.
कौन हैं सरवर मलिक
सरवर मलिक को बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के बेहद करीबी माना जाता है. सरवर मालिक और उनकी पत्नी दोनों ही काफी समय से राजनीति में सक्रिय हैं. पिछले नगर निगम चुनाव में बहुजन समाज पार्टी से ही उनकी पत्नी शाहीन बानो ने लखनऊ मेयर का चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें भारतीय जनता पार्टी की सुषमा खर्कवाल ने हरा दिया था.
वहीं सरवर मलिक भी बीएसपी की टिकट पर ही साल 2022 में लखनऊ की उत्तरी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि उस चुनाव में उन्हें भी हार की सामना करना पड़ा था.
बीएसपी के यह मुस्लिम प्रत्याशी किसके लिए बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश में लखनऊ लोकसभा सीट पर पांचवें चरण यानी 20 मई को मतदान होगा. लखनऊ लोकसभा सीट पर ठीक-ठाक मुस्लिम आबादी है. ऐसे में सरवर मलिक अगर मजबूती से मैदान में उतरते हैं तो सपा के मुस्लिम वोटो में सेंधमारी हो सकती है.
लखनऊ सीट का जातीय समीकरण
लखनऊ पश्चिमी- लखनऊ के पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता निर्णायक रूप में है. यहां कुल 4,61,554 मतदाता हैं. जिनमें से लगभग 1,15,000 मतदाता मुस्लिम हैं. जबकि 52000 के ब्राह्मण और लगभग 40 हजार मतदाता कायस्थ हैं.
इस सीट पर साल 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी से मोहम्मद रेहान को जीत मिल चुकी है. वहीं साल 2017 में यहां से सुरेश श्रीवास्तव को विधायक बनाया गया, लेकिन 2022 में समाजवादी पार्टी के अरमान खान ने जीत हासिल की.
लखनऊ मध्य: इस क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता के साथ वैश्य मतदाता भी काफी मजबूत हैं. लखनऊ मध्य में भी मुस्लिम मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. यहां कुल 3,71,070 मतदाता हैं, जिसमें 90 हजार के करीब मुस्लिम हैं.
लखनऊ मध्य सीट पर लगभग 80,000 वैश्य व अन्य वोटर हैं, जबकि 45 प्रतिशत ब्राह्मण और इतने ही कायस्थ मतदाता भी हैं. इस सीट से साल 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के रविदास मेहरोत्रा ने जीत दर्ज की थी.
लखनऊ उत्तरी: इस सीट पर ब्राह्मण वोटरों की संख्या ज्यादा होने के कारण यही जाति समीकरण तय करती है. यहां से साल 2022 के चुनाव में बीजेपी जीत हासिल की थी. इस सीट पर भले ब्राह्मण मतदाताओं संख्या ज्यादा है लेकिन मुस्लिम मतदाता भी निर्णायक हैं.
उत्तरी सीट पर कुल 4,80,609 मतदाता हैं. जिनमें से लगभग 80,000 ब्राह्मण, 71,000 मुस्लिम मतदाता, 40,500 यादव और 40,000 कायस्थों मतदाता हैं
लखनऊ कैंट: इस सीट पर ब्राह्मण और सिंधी की पकड़ है. यहां कुल 3,66,388 वोटर हैं. जिसमें अकेले 1.40 लाख संख्या ब्राह्मण वोटरों की है. जबकि 40 हजार मुस्लिम, 50 हजार सिंधी, 25 हजार वैश्य और 35 हजार के लगभग दलित मतदाताओं की संख्या है.
राजनाथ के सामने किसकी चुनौती तगड़ी
लखनऊ सीट पर भले ही त्रिकोणीय मुकाबला है लेकिन राजनाथ सिंह एक बड़ा चेहरा हैं. उनके सांसद रहते हुए इस क्षेत्र में विकास का भी ठीक-ठाक काम हुआ है जिसमें ओवरब्रिज, आउटर रिंग रोड शामिल हैं.
वहीं दूसरी तरफ राजनाथ सिंह एक उम्मीदवार हैं जिनकी छवि कट्टर नहीं है. ऐसे में मुस्लिम वोटर भी उन्हें मतदान देते है. इस लिहाज से लिए बीएसपी प्रत्याशी राजनाथ सिंह के लिए भी सिरदर्द साबित हो सकते हैं. वहीं बीएसपी और सपा की बात करें तो लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की तुलना में सपा ज्यादा मजबूत है.
यूपी में जानिए आपकी सीट पर कब होगी वोटिंग
इस लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में वोटिंग होगी. पहले चरण में यूपी के 8 सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान किया जाएगा. ये 8 सीटें हैं- सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना (SC), मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत
26 अप्रैल को दूसरे चरण के चुनाव में भी 8 सीटों पर वोटिंग होगी. ये 8 सीटें हैं- अमरोहा, मेरठ, बागपत,गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर (SC), अलीगढ़, मथुरा
7 मई को तीसरे चरण में 10 सीटों पर वोट पड़ेंगे. ये 10 सीटें हैं- संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला, बरेली.
13 मई को 13 सीटों पर चौथे चरण की वोटिंग होगी- इन सीटों में शाहजहांपुर (SC),कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर, बहराइच लखीमपुर खीरी, धौरहरा, सीतापुर, हरदोई, मिसरिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा शामिल है.
20 मई को पांचवें चरण में 14 सीटों पर मतदान होगा. ये 14 सीटें हैं- मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज, गोंडा.
25 मई को छठे चरण में 14 सीटों पर वोटिंग की जाएगी. ये सीटें हैं – सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, इलाहाबाद, अंबेडकर नगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संत कबीर नगर, लालगंज (SC), आजमगढ़, जौनपुर, मछलीशहर, भदोही.
सातवें और आखिरी चरण में यूपी में 13 सीटों पर 1 जून को मतदान होगा- ये सीटें हैं – महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव (SC), घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज







