बिहार विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने बाद संसद पहुंचने की चाहत में 1950 से अभी तक बिहार के 18 मुख्यमंत्री लोकसभा का चुनाव लड़े। इनमें 7 सीएम ऐसे रहे, जिन्होंने संसदीय चुनाव हारने के बाद केंद्र की राजनीति सांकेतिक रुप से छोड़ दी। कर्पूरी ठाकुर, राबड़ी देवी, अब्दुल गफूर, दरोगा प्रसाद राय लोकसभा का चुनाव लड़े पर जीते नहीं। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी 2019 में गया से लोकसभा चुनाव हारने के बाद 2024 में एनडीए की ओर से एक बार फिर गया से ही चुनाव लड़ रहे है। जीतन राम मांझी के पक्ष में पीएम नरेंद्र मोदी गया में 15 अप्रैल को चुनावी जनसभा करेंगे।
नीतीश 2004 की हार के बाद बिहार में सक्रिय, लालू प्रसाद 2009 की हार के बाद नहीं लड़ सके चुनाव : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 6 बार लोकसभा चुनाव जीता है। 2004 में बाढ़ से चुनाव हारने के बाद वह बिहार की राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हो गए। दो बार मुख्यमंत्री और 4 बार सासंद रहे लालू प्रसाद यादव 2009 में पाटलिपुत्रा से चुनाव हारने के बाद फिर चुनाव ही नहीं लड़ सके। भारत रत्न और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर 1984 में समस्तीपुर लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी 2014 में सारण सीट से पराजित हुई थी।
मध्यावधि चुनाव में हार गए थे मंडल
मंडल कमीशन के लिए चर्चित बीपी मंडल 1968 में कुछ दिनों के लिए बिहार के मुख्यमंत्री रहे है। 1967 और 1977 में वह मधेपुरा से चुनाव जीते थे। लेकिन 1980 के मध्यावधि चुनाव में हार गए। महामाया प्रसाद सिन्हा ने 1977 के लोकसभा चुनाव में पटना की सीट से जीत हासिल की। लेकिन 1980 के मध्यावधि चुनाव में हार गए। डॉ. जगन्नाथ मिश्र 1971 में मधुबनी लोकसभा सीट से चुनाव जीते थे।
लेकिन सीएम बनने के बाद 1991 में भाकपा के भोगेन्द्र झा से चुनाव हार गए थे। भागवत झा आजाद 5 बार सांसद चुने गए। चंद्रशेखर सिंह 1985 में बांका से सांसद चुने गए थे। केदार पांडेय 1980 में बेतिया से सांसद चुने गए थे। अब्दुल गफूर 1977 में गोपालगंज से संसदीय चुनाव हार गए थे। राम सुंदर दास 2009 लोकसभा चुनाव जीते और 2014 में हार गए। विनोदानंद झा 1971 में दरभंगा लोकसभा सीट से सांसद बने थे। दीप नारायण सिंह पहली संसद के सदस्य थे। सतीश प्रसाद सिंह 1980 में कांग्रेस पार्टी के सदस्य के रूप में बिहार के खगड़िया निर्वाचित हुए थे। भोला पासवान शास्त्री 1972 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे।
1- विनोद नंद झा 2- सतीश प्रसाद सिंह 3- सत्येंद्र ना. सिन्हा 4- बीपी मंडल-1967 में मधेपुरा व 1977 में पटना से जीते, 1980 में हारे 5- केदार पांडेय 6- अब्दुल गफूर 7- रामसुंदर दास 8- महामाया प्र. सिन्हा 9- भागवत झा आजाद- 1984 तक जीते 10 – कर्पूरी ठाकुर- 1984 समस्तीपुर से हारे 11- बिन्देश्वरी दूबे- 1980 में गिरिडीह से जीते 12- चंद्रशेखर सिंह- 1985 में बांका से जीते 13- दरोगा प्रसाद रा.- 1977 में महाराजगंज से हारे 14- लालू प्रसाद यादव-1977, 1989, 1998, 2004 में जीते, 2009 में पाटलिपुत्र से हारे 15- राबड़ी देवी- 2014 में सारण से हारीं 16- नीतीश कुमार- 6 बार सांसद रहे और 2004 में बाढ से हारे 17- जीतन राम मांझी-2019 में गया से हारे






