बिहार में सियासी अफरा-तफरी के बीच नीतीश कुमार की ओर से अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के पहले स्पीकर अवध बिहारी चौधरी को हटाने का प्रस्ताव पारित हो गया। स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने के साथ ही यह साफ हो गया कि नीतीश कुमार विधानसभा में विश्वास मत भी आसानी से हासिल कर लेंगे।
बिहार में नीतीश सरकार की ओर से विश्वास मत हासिल करने के पहले स्पीकर अवधि बिहारी चौधरी को पद से हटाने का अश्विस प्रस्ताव पारित हो गया। विधानसभा में स्पीकर की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 125 वोट मिले, जबकि विपक्ष में 112 वोट मिले।
3 आरजेडी विधायकों के ट्रेजरी बेंच पर बैठने पर जताई आपत्ति
स्पीकर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव का पहले ध्वनिमत से पारित हो गया। हालांकि मतदान की प्रक्रिया को लेकर आरजेडी की ओर से सवाल भी उठाया गया। दूसरे सदन के सदस्य को बाहर भेजने की मांग की गई। इससे पहले जेडीयू विधायक डॉ. संजीव भी विधानसभा पहुंचे। उन्होंने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वो नाराज नहीं है, लेकिन अपनी बातों को लेकर नेतृत्व को अवगत करा दिया गया।
अविश्वास प्रस्ताव के दौरान आरजेडी को लगा बड़ा झटका
इससे पहले विधानसभा में आरजेडी को तीसरा झटका लगा। सूर्यगढ़ा के आरजेडी विधायक प्रह्लाद यादव भी सत्ता पक्ष की ट्रेजरी बेंच पर नजर आए। इससे पहले आरजेडी विधायक चेतन आनंद और नीलम देवी भी सत्तापक्ष की ओर चली गईं। तेजस्वी यादव ने आरजेडी विधायकों को सत्ता पक्ष में बैठाने पर आपत्ति दर्ज कराई।
अवध बिहारी चौधरी ने स्पीकर की कुर्सी से छोड़ने से किया था इनकार
इससे पहले नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनने पर अवध बिहारी चौधरी ने स्पीकर की कुर्सी छोड़ने से इनकार कर दिया था। विधानसभा की कार्यवाही के संचालन से लेकर विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग तक स्पीकर की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए विश्वास मत के ठीक पहले आरजेडी के अवधि बिहारी चौधरी को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया।
अवध बिहारी चौधरी को पद से हटाने के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा
स्पीकर अवधि बिहारी चौधरी को पद से हटाने के बाद सीएम नीतीश कुमार की ओर से सदन में विश्वास मत का प्रस्ताव पेश किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिस तरह से स्पीकर अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सत्तापक्ष को सफलता मिली, उसी तरह से विश्वास मत प्रस्ताव पर भी बीजेपी-जेडीयू को सफलता मिलनी तय है।







