पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है. उसे सिर्फ तेलंगाना में जीत मिली. देश के इस राज्य में बीते काफी समय से केसीआर सरकार का राज था. मगर इस बार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बड़े अंतर से केसीआर को मात दी है. आज यानि गुरुवार को रेवंत रेड्डी ने बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वहीं मल्लू भट्टी विक्रमार्क डिप्टी सीएम बने. आपको बता दें कि रेवंत रेड्डी के नाम पर पहले कांग्रेस में खींचतान देखी गई थी. कई और नाम भी सीएम के लिए सामने आ रहे थे. मगर अंत में आलाकमान की ओर से रेवंत रेड्डी के नाम पर मुहर लगी.
इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने तेलंगान के नए सीएम रेवंत रेड्डी को बधाई दी. उन्होंने एक्स पर बंधाई संदेश दिया. इस दौरान पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, पोन्नम प्रभाकर, सुरेखा कोंडा,अनसूया, उत्तम कुमार रेड्डी, सी दामोदर राजनरसिम्हा, कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, सीताक्का और डी. श्रीधर बाबू ने तेलंगाना के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली.
रेवंत रेड्डी का शपथ ग्रहण समारोह दोपहर एक बजे से शुरू हुआ. ये शपथ ग्रहण समारोह राजधानी हैदराबाद के एलबी स्टेडियम हुआ. ऐसा बताया जा रहा है कि इस प्रोग्राम में 1 लाख से अधिक लोग एकत्र हुए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा सोनिया गांधी, राहुल गांधी भी कार्यक्रम में उपस्थित हुए. आपको बता दें कि तेलंगाना में विधानसभा की 119 सीटें हैं. पूर्व की तेलंगाना सरकार यानि केसीआर सरकार में कुल 18 कैबिनेट मिनिस्टर थे.
शपथ ग्रहण समारोह को रद्द करना पड़ा
आपको बता दें कि तेलंगाना के सीएम की रेस में कई और नाम भी शामिल थे. काफी विचार के बाद अचानक रेवंत रेड्डी के नाम पर मुहर लगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस नाम को लेकर पार्टी में विरोध के स्वर भी दिखाई दिए. शपथ ग्रहण समारोह को रद्द करना पड़ा. ऐसा बताया जा रहा था कि छह बार के विधायक और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एन.उत्तम कुमार रेड्डी और मल्लू भट्टी विक्रमार्क की ओर से रेवंत रेड्डी का विरोध हो रहा था. रेवंत पार्टी आलाकमान की पहली पसंद थे. तेलंगाना में चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले और बाद में वे बीआरएस के खिलाफ कांग्रेस का चेहरा बन गए. कांग्रेस विधानसभा चुनाव 2023 में 119 में 64 सीटों पर विजयी हुई है.
मुख्यमंत्री बनने से पहले ही रेवंत रेड्डी ने बुलडोजर एक्शन की शुरुआत कर दी है. बुलडोजर की पहली कार्रवाई मुख्यमंत्री आवास पर ही हुई है. शपथ ग्रहण से पहले रेवंत रेड्डी ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर लगी फैंसिंग को उखाड़ फेंकने के आदेश दे दिए. मुख्यमंत्री आवास के बाहर लगी फैंसिंग की वजह से ट्रैफिक जाम होता था. इससे लोगों को परेशानी होती थी. मुख्यमंत्री कैंप ऑफिस एक किलेनुमा छवि पेश करता था, जिसे तोड़कर रेवंत तेलंगाना में ‘प्रजाला’ सरकार का संदेश देना चाहते हैं.
तेलंगाना राज्य का गठन साल 2014 में हुआ था, इस तरह शपथ लेने के बाद रेवंत रेड्डी राज्य में कांग्रेस के पहले मुख्यमंत्री बनेंगे। रेड्डी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी हैदराबाद पहुंच चुके हैं। रेवंत रेड्डी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पहुंचे थे। तेलंगाना में मुख्यमंत्री के अलावा एक उप मुख्यमंत्री और 8 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे।
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के कहने पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन के गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों से बात की और उन्हें गुरुवार को हैदराबाद में अपने शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया.
खड़गे ने दिया रात्रिभोज
इंडियन एक्सप्रेस के अऩुसार दूसरी ओर, बहुदलीय I.N.D.I.A. गठबंधन के भीतर पैदा हुई ठंड को खत्म करने के प्रयास में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने रात्रिभोज पर घटक दलों के संसदीय नेताओं से मुलाकात की. हालांकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (यूबीटी) के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा उनके आवास पर आयोजित रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए. गठबंधन के नेताओं के अनुसार बैठक सौहार्दपूर्ण थी और कहा कि पार्टियों ने अब हालिया कटुता को भूलकर आगे बढ़ने का प्रण लिया है.
17 पार्टियों के 31 नेताओं ने लिया भाग
द्रमुक, राकांपा, राजद, सपा, जद (यू), आप, सीपीएम, सीपीआई, मुस्लिम लीग, एमडीएमके, आरएलडी, केरल कांग्रेस (एम), जेएमएम, नेशनल कॉन्फ्रेंस, आरएसपी और वीसीके सहित 17 पार्टियों के 31 नेताओं ने रात्रिभोज बैठक में भाग लिया.
जल्द तय होगी I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक की तारीख
मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘लोकसभा और राज्यसभा के समान विचारधारा वाले दलों के नेताओं की एक संसदीय रणनीति बैठक 10, राजाजी मार्ग पर आयोजित की गई थी. हम सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए इस सत्र के शेष भाग में लोगों के मुद्दों को संसद में उठाएंगे. सभी दलों के नेताओं के परामर्श से जल्द ही I.N.D.I.A. गठबंधन की बैठक की तारीख तय की जाएगी.’







