इजराइल गाजा में हमास के ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है। इजराइली सेना ने सोमवार को बताया कि उसने रातभर गाजा में अस्पतालों के आसपास बमबारी की है। इस दौरान इंटरनेट सर्विस पूरी तरह बंद रही। जंग शुरू होने के बाद तीसरी बार गाजा में इंटरनेट सर्विस पूरी तरह बंद की गई थी।
तुर्किये में अमेरिकी एयरबेस में घुसे प्रदर्शनकारी
तुर्किये में इजराइल का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी अडाना प्रांत में स्थित एक एयरबेस में घुस गए। यहां अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए टीयर गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। तुर्किये जंग को लेकर इजराइल का विरोध कर रहा है। वहीं, अमेरिका जंग की शुरुआत से ही इजराइल का सपोर्ट कर रहा है।
इसके पहले अमेरिका के ओकलैंड पोर्ट पर इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मिलिट्री शिप का रास्ता रोक दिया था। इस शिप में इजराइल को दिए जाने वाले हथियार हैं। प्रदर्शनकारी इस शिप के ऊपर चढ़ गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें सूत्रों से पता चला था कि शिप में इजराइल की मदद के लिए हथियार पहुंचाए जा रहे थे। ये लोग ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगा रहे थे।
इजरायल (Israel) ने रविवार को कहा कि गाजा पट्टी पर जमीनी हमले से उसने फिलिस्तीनी क्षेत्र को दो भागों में विभाजित कर दिया है और उस पर हमले किये जा रहे हैं. हाल ही में अमेरिका के शीर्ष राजनयिक ने फिलिस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता को लेकर मध्य पूर्व के दौरे के दौरान दबाव डाला था. सेना के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने कहा, इजरायली सेना ने “गाजा शहर को घेर लिया है. अब वहां एक दक्षिणी गाजा और एक उत्तरी गाजा मौजूद है.”
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उन्होंने यह बात तब कही जब अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने रविवार को कब्जे वाले वेस्ट बैंक, इराक और साइप्रस के तूफानी दौरे पर गाजा में संकटग्रस्त नागरिकों की सहायता और इजरायल के गाजा युद्ध के जवाब में अमेरिकी सैनिकों पर ईरान समर्थित समूहों के हमलों को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया है.
ब्लिंकन ने फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात की, जिन्होंने गाजा में “नरसंहार” की निंदा की है, जहां हमास संचालित क्षेत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि चार सप्ताह से अधिक समय के युद्ध में कम से कम 9,770 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे.
इजरायल के अधिकारियों के मुताबिक, वाशिंगटन ने युद्धविराम के आह्वान को खारिज कर दिया और हमास को कुचलने के इजरायल के लक्ष्य का समर्थन किया है. हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल के इतिहास में सबसे भीषण हमला किया था, जिसमें 1,400 से अधिक लोग मारे गए थे. इनमें ज्यादातर नागरिक थे और 240 से अधिक को बंधक बना लिया था.
गाजा में मरने वालों की बढ़ती संख्या को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ गई है. हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर कसम खाई है कि “बंधकों को वापस लौटाए जाने तक युद्धविराम नहीं होगा.”
वायु सेना अड्डे पर सैनिकों से मुलाकात के बाद नेतन्याहू ने कहा, “उन्हें इसे अपने शब्दकोष से हटाने दीजिए. हम यह अपने दुश्मनों और अपने दोस्तों से कह रहे हैं.”
“इसे हम तब तक जारी रखेंगे जब तक हम जीत नहीं जाते. हमारे पास कोई विकल्प नहीं है.”
सेना द्वारा जारी फुटेज में रविवार को टैंक और बख्तरबंद बुलडोजर रेत के बीच से गुजरते हुए सैनिक घर-घर जाकर लड़ रहे थे.
गाजा सिटी निवासी अला अबू हसेरा ने एक तबाह इलाके में कहा, “यह हमला एक भूकंप की तरह है, जहां पूरे ब्लॉक मलबे में तब्दील हो गए हैं.”
अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, ब्लिंकन ने अब्बास के साथ अपनी बातचीत में कहा कि गाजा में फिलिस्तीनियों को “जबरन विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए.”
इजरायल ने पर्चे वितरित किए हैं और टेक्स्ट मैसेज भेजकर उत्तरी गाजा में फिलिस्तीनी नागरिकों से दक्षिण की ओर जाने का आग्रह किया है, हालांकि एक अमेरिकी अधिकारी ने शनिवार को कहा कि कम से कम 3,50,000 नागरिक अब भी शहरी युद्ध क्षेत्र में हैं.
फिलिस्तीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी वफा ने कहा, अब्बास ने “अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों की परवाह किए बिना इजरायल की युद्ध मशीन के हाथों गाजा में हमारे फिलिस्तीनी लोगों के नरसंहार और विनाश की निंदा की है.”
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में तैनात की परमाणु पनडुब्बी
वहीं, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी कमांड परमाणु पनडुब्बी पर भेजी है। ओहायो क्लास सबमरीन में परमाणु हथियार लगे हैं। मिडिल ईस्ट में भूमध्य सागर, रेड सी, पर्शियन गल्फ और ओमान की खाड़ी में अमेरिका के कमांड हैं। हालांकि अमेरिकी सेना ने ये नहीं बताया कि न्यूक्लियर स्बमरीन को कहां तैनात किया है।

नेतन्याहू सैनिकों से मिले
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू लगातार हमास के खिलाफ जंग लड़ रहे अपने सैनिकों से मुलाकात कर रहे हैं। रविवार को नेतन्याहू रेमन एयरफोर्स बेस पर सैनिकों से मिले। इस दौरान उन्होंने कहा कि वो गाजा पर बमबारी तब तक नहीं रोकेंगे जब तक जंग जीत नहीं जाते।
उन्होंने एयर क्रू फाइटर्स और ग्राउंड क्रू कर्मियों से मुलाकात की। PM नेतन्याहू ने एयरफोर्स के जवानों को F-16 फाइटर जेट के इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी।

एक महीने बाद हमास के हमले की जांच शुरू
7 अक्टूबर को हमास के हमले इस जंग की वजह बने थे। अब बेंजामिन नेतन्याहू सरकार, इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) और इंटेलिजेंस एजेंसियां (मोसाद, मिलिट्री इंटेलिजेंस और लोकल नेटवर्क) जांच करने जा रही हैं कि आखिर 7 अक्टूबर को हमास इतने बड़े हमले करने में कामयाब कैसे हुआ।
इस बीच, इजराइल के अखबार ‘यरुशलम पोस्ट’ ने जांच के पॉइंट्स पर रिपोर्ट पब्लिश की है। इसके मुताबिक- हमले की पहली और सबसे बड़ी वजह सेना का यह मुगालता था कि हमास के पास बड़े हमलों की ताकत ही नहीं है। यानी वो ओवर कॉन्फिडेंस की शिकार रही।
जांच के लिए कमीशन बनेगा
रिपोर्ट के मुताबिक- जांच में कुछ वक्त या कहें कुछ महीने लग सकते हैं। इसके लिए एक इन्क्वॉयरी कमीशन बनने जा रहा है। इसके सामने जांच के लिए जो पॉइंट्स रखे जाएंगे, उनकी कुछ जानकारी सामने आ रही है। कुछ बातों को तो फौज और इंटेलिजेंस एजेंसियां पहले ही मान चुकी हैं और कुछ पॉइंट्स ऐसे हैं, जिनका अभी तक किसी प्लेटफॉर्म पर जिक्र नहीं हुआ।
दरअसल, इजराइली सेना को ये लगता था कि गाजा में हमास कमजोर हो रहा है और वो किसी बड़े टकराव से बचेगा। उसका इस्लामिक जिहाद से भी विवाद चल रहा था। मई 2021 में भी इजराइल फौज ने गाजा में हमले किए थे। उसका ख्याल था कि उसने हमास के टनल नेटवर्क को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है, हालांकि ये उसकी गलतफहमी साबित हुई, क्योंकि टनल नेटवर्क को उस वक्त कोई खास नुकसान नहीं हुआ था।

फिलिस्तीनी अथॉरिटी पर जबरदस्त दबाव
- अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने एक बार फिर फिलिस्तीन अथॉरिटी के प्रेसिडेंट महमूद अब्बास से मुलाकात की है। रामल्लाह में हुई इस मुलाकात के बारे में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका ने अब्बास पर जबरदस्त दबाव बनाया है।
- अमेरिका चाहता है कि इजराइल गाजा में जल्द से जल्द ग्राउंड ऑपरेशन पूरा करे और हमास का खात्मा हो जाए। इसके बाद फिलिस्तीन अथॉरिटी को गाजा की भी कमान सौंपी जाए और वो अमेरिका के इशारे पर काम करे।
- न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ ने इस बारे में अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट के एक अफसर से भी बात की है। इस अफसर ने कहा- इसमें कोई दो राय नहीं कि हम इस मुद्दे को अब ज्यादा लंबा नहीं खिंचने देंगे। हमास को खत्म किया जाएगा और गाजा में फिलिस्तीन अथॉरिटी को एडमिनिस्ट्रेशन ऑपरेशन की कमान दी जाएगी। इस बारे में एक पूरा प्लान तैयार किया जा चुका है। ब्लिंकन ने इसी वजह से 10 दिन में दूसरी बार अब्बास से मुलाकात की है।

लेबनान से इजराइल पर फिर हमला
इजराइली सेना ने रविवार रात माना कि उसके यिफ्ताह इलाके में लेबनान की तरफ से एक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल दागी गई है। मिसाइल हमले की वजह से एक आम नागरिक घायल हो गया। लेबनान से हुए इस हमले के कुछ देर बाद इजराइली सेना ने जबरदस्त जवाबी हमले किए। यह हमले उसी जगह किए गए, जहां से मिसाइल इजराइल की तरफ दागी गई थी।

गाजा में पहली बार पहुंचा मीडिया
इजराइली सेना ने रविवार को चार घंटे के लिए मीडिया को गाजा के हालात देखने की मंजूरी दी। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ के मुताबिक- इस दौरान गाजा में तबाही साफ देखी जा सकती थी। स्कूल और धार्मिक स्थल खंडहर नजर आए।
इजराइली सेना के अफसर वेस्टर्न वर्ल्ड के जर्नलिस्ट्स को उत्तरी गाजा के उन हिस्सों में ले गए जहां जबरदस्त जंग हुई थी।
तीन रिफ्यूजी कैम्प्स पर हमला
अल जजीरा के मुताबिक, रविवार को इजराइली सेना ने 24 घंटे में तीन रिफ्यूजी कैंप पर हमला किया। इजराइल ने सबसे बड़े जबालिया कैंप के बाद अल-बुरेज और मघाजी कैंप पर हमला किया। सबसे बड़े जबालिया कैंप में 1.16 लाख लोगों ने शरण ली है। वहीं, अल बुरेज में 46 हजार शरणार्थी और मघाजी में 33 हजार रिफ्यूजी रह रहे हैं। 24 घंटे में हुए हमलों में कितने लोग मारे गए हैं फिलहाल इसकी जानकारी नहीं मिली है।
एटमी हमले की मांग करने वाला मंत्री बर्खास्त
इजराइली हेरिटेज मिनिस्टर अमीचाई एलियाहू ने कहा- हमास को खत्म करने के लिए गाजा पर परमाणु बम गिरा देना चाहिए। वहां कोई भी मासूम नहीं है। इस बयान को लेकर उन्होंने बर्खास्त कर दिया गया है।
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी प्रेसिडेंट महमूद अब्बास से मुलाकात की। इस दौरान प्रेसिडेंट महमूद ने कहा- गाजा में तत्काल युद्धविराम और मानवीय सहायता पहुंचाने की जरूरत है। वहीं, टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, जंग में अब तक 346 इजराइली सैनिकों की मौत हुई है।

गाजा के वाटर स्टेशन, यूनिवर्सिटी पर भी हमला
इजराइल ने गाजा की अल-अजहर यूनिवर्सिटी पर हमला किया। शनिवार रात हमास ने भी सेंट्रल इजराइल पर कई रॉकेट दागे। इस दौरान इजराइली नागरिक सायरन की आवाजें सुनकर अपने घरों में घुस गए। इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने आयरन डोम की मदद से मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर दिया। हमले में किसी को भी नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है।
दूसरी तरफ, इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा है कि उनकी सेना हमास के गाजा चीफ याह्या सिनवार को मिटा देंगे। उन्होंने कहा- हमास की कोई सीमा नहीं है। 7 अक्टूबर को जो हुआ उससे ये पता चलता है कि हमास किसी भी हद तक जा सकता है। इसके लिए उसके नेता जिम्मेदार हैं। जब ये जंग खत्म होगी तब गाजा में कोई हमास नहीं होगा।
इजराइल ने साथ देने के लिए भारत को धन्यवाद कहा
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इजराइल और हमास के बीच जंग से जो हालात बने हैं वो बेहद मुश्किल हैं। उन्होंने इजराइली विदेश मंत्री एली कोहेन से बात करते हुए कहा- भारत हमेशा आतंकवाद के खिलाफ लड़ता आया और आगे भी लड़ेगा। हम फिलिस्तीन मुद्दे का अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के मुताबिक हल चाहते हैं। इस पर कोहेन ने कहा- हम इजराइल का साथ देने के लिए भारत को धन्यवाद देते हैं।
इजराइल-हमास जंग तस्वीरों में…











